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Chandigarh News: भारतीय मानक ब्यूरो ने मनाया विश्व मानक दिवस
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चंडीगढ़। सेक्ट-17 के एक निजी होटल में विश्व स्तरीय परीक्षण अवसंरचना का विकास, उपलब्धियां और चुनौतियां विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ। यह आयोजन भारतीय मानक ब्यूरो उत्तरी क्षेत्र प्रयोगशाला मोहाली की ओर से विश्व मानक दिवस पर हुआ। इस वर्ष का विषय एक बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण: एसडीजी 17-लक्ष्यों के लिए साझेदारी है रहा।
पार्थ सारथी मंडल प्रमुख उत्तरी क्षेत्रीय प्रयोगशाला मोहाली ने भारत के गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में बीआईएस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश में एक मजबूत परीक्षण अवसंरचना के निर्माण में परीक्षण प्रयोगशालाओं और उपकरण निर्माताओं की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय परीक्षण अवसंरचना के विकास के लिए उपकरण निर्माताओं और प्रयोगशालाओं के बीच बेहतर सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बीआईएस के एनआरएल के संयुक्त निदेशक दीपक कुमार ने प्रतिभागियों को निर्माण सामग्री, विद्युत उपकरण एवं उत्पाद, खाद्य एवं रसायन जैसे क्षेत्रों में बीआईएस प्रयोगशालाओं द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों से अवगत कराया। बीआईएस के संयुक्त निदेशक गुलशन कुमार ने बीआईएस की प्रयोगशाला मान्यता योजना (एलआरएस) और प्रयोगशालाओं को बीआईएस की ओर से प्रदान की जाने वाली विभिन्न सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान चंडीगढ़ के निदेशक प्रोफेसर डॉ. भोला राम गुर्जर उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कृषि खाद्य एवं जैव विनिर्माण संस्थान मोहाली के कार्यकारी निदेशक अश्विनी पारीक रहे। डॉ भोला राम गुर्जर ने उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले उत्पादों की अनुरूपता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मोहाली की निदेशक और प्रिंसिपल डॉ. भवनीत भारती, भारतीय नैनो प्रौद्योगिकी संस्थान मोहाली से डॉ. संगीता रॉय, राष्ट्रीय कृषि-खाद्य और जैव विनिर्माण संस्थान मोहाली से डॉ. महेंद्र बिश्नोई सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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पार्थ सारथी मंडल प्रमुख उत्तरी क्षेत्रीय प्रयोगशाला मोहाली ने भारत के गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में बीआईएस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश में एक मजबूत परीक्षण अवसंरचना के निर्माण में परीक्षण प्रयोगशालाओं और उपकरण निर्माताओं की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय परीक्षण अवसंरचना के विकास के लिए उपकरण निर्माताओं और प्रयोगशालाओं के बीच बेहतर सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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बीआईएस के एनआरएल के संयुक्त निदेशक दीपक कुमार ने प्रतिभागियों को निर्माण सामग्री, विद्युत उपकरण एवं उत्पाद, खाद्य एवं रसायन जैसे क्षेत्रों में बीआईएस प्रयोगशालाओं द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों से अवगत कराया। बीआईएस के संयुक्त निदेशक गुलशन कुमार ने बीआईएस की प्रयोगशाला मान्यता योजना (एलआरएस) और प्रयोगशालाओं को बीआईएस की ओर से प्रदान की जाने वाली विभिन्न सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान चंडीगढ़ के निदेशक प्रोफेसर डॉ. भोला राम गुर्जर उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कृषि खाद्य एवं जैव विनिर्माण संस्थान मोहाली के कार्यकारी निदेशक अश्विनी पारीक रहे। डॉ भोला राम गुर्जर ने उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले उत्पादों की अनुरूपता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मोहाली की निदेशक और प्रिंसिपल डॉ. भवनीत भारती, भारतीय नैनो प्रौद्योगिकी संस्थान मोहाली से डॉ. संगीता रॉय, राष्ट्रीय कृषि-खाद्य और जैव विनिर्माण संस्थान मोहाली से डॉ. महेंद्र बिश्नोई सहित कई लोग उपस्थित रहे।