एक्शन की तैयारी: UP और MP के बाद अब हरियाणा में भी गरजेगा बुलडोजर, अपराधियों की अवैध संपत्तियों का जुटाया जा रहा ब्योरा
पैसे और संपत्ति के दम पर ही बदमाश गैंग चलाते हैं। प्रदेश में करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। सोनीपत, रोहतक, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, जींद, चरखी दादरी, करनाल, मेवात और हिसार में जमीन कब्जाने के अधिक मामले हैं।
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यूपी और मध्य प्रदेश की तरह हरियाणा में भी गैंगस्टर्स और कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलेगा। खुफिया विभाग इनकी गैरकानूनी तरीके से अर्जित संपत्ति की जानकारी जुटा रहा है। दस्तावेज सहित पूरी जानकारी एकत्रित होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस समय 130 गैंगस्टर्स में से 100 प्रदेश की जेलों और 30 अन्य राज्यों की जेलों में बंद हैं। इनके अलावा 300 से अधिक मोस्टवांटेड भी हैं।
सरकार के पास सूचना है कि अपराधियों ने काफी अवैध संपत्ति बना रखी है। अपना रौब और डर दिखाकर सरकारी, पंचायती या किसी की निजी और विवादित जमीन कब्जाई हुई है। बिना नक्शे पास कराए इमारतें खड़ी की हुई हैं। पंजीकरण के समय भी कानूनी प्रक्रिया को नहीं अपनाया गया है। सरकार से अनुमति के बाद खुफिया विभाग सभी जिलों में कुख्यात अपराधियों की संपत्ति को चिह्नित कर रहा है।
संपत्ति की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी के साथ हीदस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं। आगामी कुछ माह में पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी दायरे में रह कर की जाएगी। पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई संपत्ति खाली नहीं करता तो बुलडोजर चलेगा। अवैध निर्माण गिराने के बाद जमीन सरकार अपने कब्जे में ले लेगी।
एनसीआर में जमीन कब्जे के ज्यादा मामले
पैसे और संपत्ति के दम पर ही बदमाश गैंग चलाते हैं। प्रदेश में करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। सोनीपत, रोहतक, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, जींद, चरखी दादरी, करनाल, मेवात और हिसार में जमीन कब्जाने के अधिक मामले हैं। सरकार अब इन अपराधियों की कमर आर्थिक रूप से तोड़ेगी। इससे बदमाशों में खौफ पैदा होगा और आम जनता को राहत मिलेगी।
अंबाला से हो चुकी है शुरुआत
हरियाणा में बुलडोजर चलाने की शुरुआत अंबाला से हो चुकी है। नशा तस्करी में गिरफ्तार पूर्व पार्षद की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया गया था। पूर्व पार्षद ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा किया हुआ था।
कानूनी तरीके से चलेगा बुलडोजर
कानूनी तौर पर बुलडोजर दो परिस्थितियों में चलता है। पहला, कोई व्यक्ति सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर उस पर निर्माण कर ले तो तहसीलदार या एसडीएम स्तर के अधिकारी से रिपोर्ट ली जाती है। दूसरा, जब अपराधी लगातार भाग रहा हो और कानूनी प्रक्रिया और वारंट के बाद भी आत्मसमर्पण नहीं करता है तो उसकी अपराध से कमाई गई संपत्ति पर कुर्की के आदेश के बाद बुलडोजर चलाया जा सकता है।