श्री करतारपुर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं की दोबारा चेकिंग पर सदन में हंगामा, डीजीपी को हटाने की मांग
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पंजाब विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान अकाली दल के सदस्यों ने श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करके लौटने वाले श्रद्धालुओं की दोबारा चेकिंग का मुद्दा उठाया। इसे लेकर सदन में काफी देर तक हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर अकाली दल को सदन में आम आदमी पार्टी का भी साथ मिला। उन्होंने डीजीपी दिनकर गुप्ता को तुरंत हटाने की मांग की।
आप के विधायक कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि श्रद्धालुओं की फिर से चेकिंग करके डीजीपी दिनकर गुप्ता ने उनका मजाक ही उड़ाया है। इस पर सरकार की ओर से मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि आईबी के एक अधिकारी द्वारा लिखी गई चिट्ठी के आधार पर ही श्री करतारपुर साहिब से लौट रहे कुछ श्रद्धालुओं की पुलिस ने फिर से चेकिंग की। उनके पास आईबी के कुछ इनपुट थे।
वहीं, आप विधायक कंवर संधू ने कहा कि मामले में डीजीपी से जवाब तलबी होनी चाहिए। उन्हें एक चिट्ठी के आधार पर ही क्लीन चिट नहीं दी जानी चाहिए। अकाली दल की ओर से सदन में मांग की गई कि पूरे मामले में एसएसपी और संबंधित एसएचओ को तुरंत सस्पेंड किया जाए। लोक इंसाफ पार्टी के सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि डीजीपी को तुरंत हटाया जाए क्योंकि वे सिख धर्म के मामलों में दखलंदाजी कर रहे हैं।
सुखजिंदर रंधावा ने दिल्ली हिंसा का मुद्दा उठाया
सहकारिता और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गुरुवार को शून्यकाल के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में भड़की हिंसा और लोगों की हत्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी इस समय जल रही है और इंसानियत का दिनदहाड़े कत्ल हो रहा है। यह प्रजातांत्रिक और धर्म निरपेक्ष देश पर धब्बा है। यह सब उस समय पर हुआ जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिल्ली में ही रात के खाने की दावत दी गई थी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय इसे रोकने में बुरी तरह असफल रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इसकी निंदा करते हुए नफरत फैलाने वाले भाषणों के मामले में भाजपा के तीन नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन दुख की बात है कि उसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के जज का तबादला हो जाता है।
आप ने वजन तोलने वाली मशीनों के खरीद घोटाले का मुद्दा उठाया
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब भर में आंगनबाड़ी सेंटरों के लिए 1.09 लाख रुपये में वजन तोलने वाली मशीनों की खरीद में घपले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिस नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर प्रिक्योरमेंट ऑफ इंडिया नाम की कंपनी से प्रति सेट 7882 रुपये में यह मशीनें खरीदी जा रही है, उसी स्पेसीफिकेशन वाली मशीनें 4000 रुपए प्रति सेट अन्य फर्मों से मिल रही है। चीमा ने आरोप लगाया कि इस खरीद में 50 प्रतिशत का सीधा घपला है।
बेनतीजा रहा लावारिस गायों संबंधी प्रस्ताव
अमन अरोड़ा ने प्रस्ताव में कहा कि दिन प्रतिदिन विकराल होती जा रही लावारिस पशुओं की समस्या को हल करने के उद्देश्य से देसी नस्ल की गायों की गोशालाओं में संभाल की जाए और अमेरिकी व एचएफ नस्ल के सांड़ों को स्लाटर हाउस भेजा जाए, ताकि जानमाल और फसलों के नुकसान को रोका जा सके। इस प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेते हुए अधिकांश सदस्यों ने गायों की संभाल का तो समर्थन किया, लेकिन सांड़ों को स्लाटर हाउस भेजने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। बहस के दौरान इस मुद्दे को लेकर सदन में सदस्यों के बीच नोंकझोंक और शोर शराबा भी होता रहा।
आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों को छोड़ अन्य सभी विधायकों ने स्लाटर हाउस संबंधी प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताया। इस दौरान बहस में हिस्सा लेने वाले विधायकों ने अपनी ओर से कई सुझाव भी रखे। बहस की शुरुआत में अमन अरोड़ा ने प्रस्ताव में कहा कि सूबे में लावारिस पशुओं की संख्या लगभग 2.50 लाख है और इनकी वजह से हुए हादसों में 150 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा हर साल 200 करोड़ रुपये की फसलों का नुकसान होता है और 9 चीजों पर गो-सेस लगाया जाता है। कांग्रेसी विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग ने कहा कि इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
इसके लिए हर शहर में पशुओं को रखने वाले व्यक्ति के बारे में एक रिकार्ड रजिस्टर मेंटेन किया जाना चाहिए, जिसमें यह लिखा जाए कि किस व्यक्ति के पास कितने पशु हैं, उसे बेचने या मौत हो जाने पर उसका सेल या डेथ सर्टिफिकेट जारी होना चाहिए। वड़िंग ने कहा कि पशुओं को मार देना, इसका हल नहीं है और प्रस्ताव पर विरोध दर्ज कराया। आप विधायक कंवर संधू ने विरोध जाहिर करते हुए वडि़ंग के सुझाव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बताया जाए कि किन पशुओं की वजह से हादसे हुए। काऊ सेस से जमा हुए पैसे का आडिट किए जाने की मांग करते हुए कहा कि एक कैटल पाउंड होना चाहिए। इनसे बायो गैस प्लांट लगाया जा सकता है, खाद बनाई जा सकती है। जो लोग अपने पशुओं को छोड़ देते हैं, उसको लेकर सजा का प्रावधान होना चाहिए।
कैसे गायों को मार दिया जाए: वडाला
कांग्रेसी विधायक अंगद ने कहा कि यह एक बड़ी समस्या है। उन्होंने यूरोपीय देशों का उदाहरण पेश करते हुए लावारिस पशुओं की टैगिग और उन पर जीपीएस लगाने का सुझाव दिया। लेकिन उन्होंने भी लावारिस पशुओं को मारने का विरोध किया।
आम आदमी पार्टी क्या पंजाब में आग लगाना चाहती है: शर्मा
अकाली विधायक एनके शर्मा ने इस प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि इस धार्मिक एवं संवेदनशील मुद्दे के जरिये आम आदमी पार्टी क्या पंजाब में आग लगाना चाहती है? उन्होंने कहा कि वह 100 फीसदी गारंटी के साथ कह सकते हैं कि पंजाब का कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों न हो, गाय मारने की बात नहीं कहेगा। शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने मेरे साथ पूरे सूबे की लोगों की भावनाओं का कत्ल किया है।
उन्होंने इस बिल पर विरोध जताते हुए कहा कि इस समस्या का हल निकलना चाहिए ,लेकिन पशुओं को मारकर हल नहीं निकाला जा सकता। नस्लों के आधार पर गाय को बूचड़खाने नहीं भेजने दिया जाएगा। इस दौरान सदस्यों के बीच हुई नोंकझोंक में शर्मा ने कहा कि अगर किसी का पिता अमेरिकी हो तो क्या वह उसे मार दिया जाए?
30 करोड़ में खरीदी खेल किटों की जांच 30 दिन में पूरी करेंगे
उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान जो खेल किटें और जिम का सामान बांटा गया था, उसके बारे में अनेक शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि यह खेल किटें और जिम का सामान किस-किस क्लब को दिया गया और किस आधार पर दिया गया, इस बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं है और मामले की गंभीरता और 30 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को देखते हुए जांच जरूरी है। इस पर कुलजीत सिंह नागरा ने पूछा कि क्या खेल मंत्री इस मामले की जांच कराएंगे? उन्होंने कहा कि जांच खेल विभाग से कराई जाएगी और जांच का काम 30 दिन में पूरा किया जाएगा।
पवन कुमार टीनू ने 2019-20 में खिलाड़ियों को दी सुविधाओं और खेल विंगों में शामिल खिलाड़ियों की संख्या संबंधी सवाल पूछा, जिसके जवाब में खेल मंत्री ने बताया कि विंगों में कुल 4140 खिलाड़ियों को जुलाई, 2019 और इसके बाद दाखिल किया गया। विंगों में शामिल रेजिडेंशियल खिलाड़ियों को 200 रुपये और डे-स्कॉलर खिलाड़ियों को 100 रुपये प्रति खिलाड़ी प्रति दिन की दर से ख़ुराक/रिफरेशमेंट, प्रशिक्षण और खिलाड़ियों के विभिन्न खेलों से संबंधी सामान मुहैया करवाया जाता है।
टिड्डी दल के हमले से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं
आशा वर्करों को पक्का करने का कोई प्रस्ताव नहीं
आम आदमी पार्टी की विधायक रुपिंदर कौर रूबी ने राज्य में सेहत विभाग को सेवाएं दे रही आशा वर्करों को बहुत कम इनसेंटिव दिए जाने पर ऐतराज जताते हुए सरकार से जानना चाहा कि क्या सरकार आशा वर्करों को पक्का करने की दिशा में काम कर रही है? उस पर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सदन में बताया कि आशा वर्करों को नियमित किए जाने का कोई प्रस्ताव सरकार के अधीन नहीं है। हालांकि उन्होंने आशा वर्करों को सेहत विभाग की रीढ़ बताते हुए उनकी समस्याओं पर विचार करने का भरोसा दिया।
साल भर में सिर्फ 105 इलेक्ट्रिक वाहन हुए रजिस्टर्ड
परिवहन मंत्री रजिया सुल्ताना ने वीरवार को सदन में बताया कि वर्ष 2018-19 के दौरान राज्य में रजिस्टर्ड किए इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल संख्या 105 है। रजिया सुल्ताना विधायक अवतार सिंह जूनियर द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रही थीं। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को प्रोत्साहित करने के लिए ड्राफ्ट पालिसी तैयार की गई है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
इन वाहनों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पालिसी 2017 के अनुसार सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे वाहनों की खरीद व बिक्री को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब में ई-रिक्शा और ई-कार्ट को मोटर व्हीकल टैक्स में सितंबर 2019 से अगले दो साल तक छूट दी गई है।