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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 में मदर एंड चाइल्ड विंग का बजट पास, टेंडर की प्रक्रिया शुरू
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में प्रस्तावित 251 बेड के मदर एंड चाइल्ड विंग के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक के बाद एक कई बार रद्द होने के बाद इसके ड्राइंग और बजट को स्वीकृति मिली है। अच्छी बात यह है कि रद्द होने के बाद इस केंद्र को बनाने के लिए राज्य वित्त समिति ने पहले प्रस्तावित बजट से दोगुने से ज्यादा पैसे स्वीकृत किए हैं। अब यह सेंटर 73 करोड़ से तैयार होगा। पहले इसके लिए 35 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
जीएमसीएच 32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो एके अत्री ने बताया कि मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर को अस्पताल में के ब्लॉक के नाम से जाना जाएगा। जीएमसीएच-32 के 53000 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित होने वाले इस केंद्र में छह मंजिलें होंगी। बेसमेंट में दो मंजिलों के साथ कुल आठ मंजिलें होंगी। के ब्लॉक की हर मंजिल की योजना चिकित्सा, तकनीकी और संबंधित आवश्यकताओं के अनुसार तय की गई है। प्रो. अत्री ने बताया कि अस्पताल में ए से जे ब्लॉक का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। के ब्लॉक विशेष रूप से मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र के लिए होगा। के ब्लॉक को जीएमसीएच-32 के सभी मौजूदा ब्लॉकों से जोड़ा जाएगा ताकि लोग बिना बाहर आए विभिन्न ब्लॉकों के बीच आसानी से आ-जा सकें। एक छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों, डॉक्टरों और अन्य हितधारकों के परामर्श से परियोजना योजना बनाई गई है।
दो वर्ष में पूरा होगा निर्माण
प्रो. अत्री ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू हो जाएगा। इसके पूरा हो जाने से चंडीगढ़ ही नहीं आसपास के प्रदेशों से रेफरल बच्चों को बेहतर इलाज मिल पाएगा। वहीं, पीजीआई पर भी रेफर केस का दबाव काफी हद तक काम होगा। इस केंद्र का निर्माण हो जाने से इलाज की गुणवत्ता भी सुधरेगी। क्योंकि मरीज का दबाव होने के कारण गुणवत्ता को मेंटेन करना संभव नहीं हो पाता। बता दें कि जीएमसीएच 32 की ही तरह जीएमएसएच 16 में भी 300 बेड के मदर एंड चाइल्ड सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव वर्षों से लंबित पड़ा है। चंडीगढ़ प्रशासन अब तक उस केंद्र के लिए जगह तक चिह्नित नहीं कर पाया है। ऐसे में जीएमसीएच-32 में इस सेंटर का निर्माण शुरू होना एक आशा की किरण होगी।
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जीएमसीएच 32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो एके अत्री ने बताया कि मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर को अस्पताल में के ब्लॉक के नाम से जाना जाएगा। जीएमसीएच-32 के 53000 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित होने वाले इस केंद्र में छह मंजिलें होंगी। बेसमेंट में दो मंजिलों के साथ कुल आठ मंजिलें होंगी। के ब्लॉक की हर मंजिल की योजना चिकित्सा, तकनीकी और संबंधित आवश्यकताओं के अनुसार तय की गई है। प्रो. अत्री ने बताया कि अस्पताल में ए से जे ब्लॉक का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। के ब्लॉक विशेष रूप से मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र के लिए होगा। के ब्लॉक को जीएमसीएच-32 के सभी मौजूदा ब्लॉकों से जोड़ा जाएगा ताकि लोग बिना बाहर आए विभिन्न ब्लॉकों के बीच आसानी से आ-जा सकें। एक छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों, डॉक्टरों और अन्य हितधारकों के परामर्श से परियोजना योजना बनाई गई है।
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दो वर्ष में पूरा होगा निर्माण
प्रो. अत्री ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू हो जाएगा। इसके पूरा हो जाने से चंडीगढ़ ही नहीं आसपास के प्रदेशों से रेफरल बच्चों को बेहतर इलाज मिल पाएगा। वहीं, पीजीआई पर भी रेफर केस का दबाव काफी हद तक काम होगा। इस केंद्र का निर्माण हो जाने से इलाज की गुणवत्ता भी सुधरेगी। क्योंकि मरीज का दबाव होने के कारण गुणवत्ता को मेंटेन करना संभव नहीं हो पाता। बता दें कि जीएमसीएच 32 की ही तरह जीएमएसएच 16 में भी 300 बेड के मदर एंड चाइल्ड सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव वर्षों से लंबित पड़ा है। चंडीगढ़ प्रशासन अब तक उस केंद्र के लिए जगह तक चिह्नित नहीं कर पाया है। ऐसे में जीएमसीएच-32 में इस सेंटर का निर्माण शुरू होना एक आशा की किरण होगी।
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