कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोदी सरकार के बजट को 'जुमला' बताया, बोले- किसानों का उड़ रहा मजाक
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केंद्रीय बजट 2019-20 को मोदी सरकार का ‘जुमला बजट’ करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस बजट को एक बेकार बजट बताया है। जिसमें किसानों और नौजवानों के लिए कुछ भी नहीं है और यह आम लोगों पर और बोझ डालेगा। बजट पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनाव पर केन्द्रित बजट है, जिसका उद्देश्य झूठे वादों से लोगों को गुमराह करना है।
कैप्टन ने कहा कि भले ही यह ढकोसले के रूप में लोकलुभावना है लेकिन यह आखिरी मुकाम पर खड़ी सरकार के बजट का एक नमूना है। जिसमें भारत के लोगों के साथ झूठे वादे किये गए हैं। सीमांत किसानों के लिए सालाना 6000 रुपए के एलान को कैप्टन ने ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए कहा कि संकट में घिरे किसानों के लिए प्रति माह केवल 500 रुपए का एलान करके मोदी सरकार ने इस समस्या की गंभीरता को नज़रअंदाज किया है।
उन्होंने इसे किसान भाईचारे के हितों की खिल्ली उड़ाना बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने प्रत्येक खाते में 15 लाख रुपए डालने का वादा किया था लेकिन वह अब अपने कार्यकाल के अंत में 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों को केवल 6000 रुपए सालाना देने पर आ गए हैं। इससे उनकी किसान भाईचारे के कल्याण के लिए कुछ भी न करने की मंशा प्रकट होती है।
कैप्टन ने कहा कि उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके केंद्र सरकार ने केवल आंसू पोंछने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित है लेकिन इसे सरकार द्वारा खरीदा नहीं जाता बल्कि किसानों को कम मूल्य पर बाज़ार में बेचने के लिए मज़बूर होना पड़ता है।
बजट में 80 हजार करोड़ के टैक्स लगाने की तैयारी : कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि यह बजट ‘भविष्य काल’ का बजट है जिसमें अगले पांच सालों में 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर अर्थव्यवस्था और अगले 8 सालों में 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर अर्थव्यवस्था की बात की गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट में पिछले पांच सालों के दौरान भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की प्राप्तियों की कोई भी झलक नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि चुनाव को ध्यान में रखकर भावी रियायतों का एलान करके संवैधानिक औचित्य के मानदंडों का उल्लंघन किया गया है जबकि इस समय केवल खर्चा बिल पेश किए जाने की आशा की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने इस बजट को एक बेमेल बजट बताकर इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक लाख करोड़
रुपये की रियायतें दी गई हैं जिसका नफा-नुकसान 0.5 प्रतिशत बनता है लेकिन सरकार ने अतिरिक्त घाटा केवल 0.1 प्रतिशत दिखाया है। इसका मतलब यह है कि बजट में 80,000 करोड़ रुपए के टैक्स लगाए जाएंगे, जिससे आने वाले दिनों में आम लोगों पर और बोझ पड़ेगा।