थैंक्स जेटली जी! 2-2 करोड़ के टैक्स 2 मिनट में माफ
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केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा वेल्थ टैक्स खत्म करने से वे लोग काफी खुश हैं, जो इसके लपेटे में आ गए थे। कई किसान तो ऐसे थे, जिनका वेल्थ टैक्स दो करोड़ रुपये से अधिक तक बन चुका था।
दरअसल, वेल्थ टैक्स यूपीए सरकार के कार्यकाल में उन किसानों पर लगाया गया था, जिनकी जमीनें शहर की चुंगी से आठ किलोमीटर के दायरे में आती हैं। कस्बों में नगर काउंसिल से दो किलोमीटर तक के दायरे में आने वाली खेतीबाड़ी जमीनों पर वेल्थ टैक्स लगाया गया था। इस टैक्स को जमीन की सरकारी रेट के मुताबिक एक फीसदी सालाना केंद्र सरकार को अदा करना था।
जालंधर से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी ने किसानों जत्थेदार गुरदीप नागरा, राजिंदर सिंह नागरा के साथ सीएम प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि वेल्थ टैक्स से किसानों की कमर टूट जाएगी क्योंकि जो किसान शहर और कस्बों के आसपास खेतीबाड़ी कर रहे हैं, वह सालाना इतना पैसा अदा नहीं कर पाएंगे।
यूपीए सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था
2013 में यूपीए कार्यकाल में सीएम प्रकाश सिंह बादल ने इस मुद्दे को तत्कालीन पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के सामने जोरदार ढंग से उठाया था। एक फीसदी वेल्थ टैक्स से अकेले नागरा परिवार पर सवा दो करोड़ रुपये की देनदारी खड़ी कर दी गई थी और इसको वसूलने के लिए आयकर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। वेल्थ टैक्स को लेकर यूपीए सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था।
शुक्रवार को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेतली ने वेल्थ टैक्स को खत्म करने की घोषणा कर किसानों को राहत प्रदान की है। दोआबा के शिअद व्यापार विंग के प्रधान व जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन गुरचरण सिंह चन्नी ने कहा कि वह जल्द ही इस मामले में पंजाब के किसानों को लेकर वित्तमंत्री का थैंक्स करने के लिए दिल्ली जाएंगे। इसके लिए सीएम प्रकाश सिंह बादल और शिअद के प्रधान सुखबीर बादल को भी मुलाकात की जाएगी क्योंकि पार्टी के प्रयास से ही किसानों को वेल्थ टैक्स से राहत मिली है।