जम्मू में तैनात जींद के बीएसएफ हवलदार की गोली लगने से मौत, परिजनों ने जताया हत्या का शक
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जम्मू एवं कश्मीर के अवंतिपुरा स्थित एयरबेस में तैनात ईगराह गांव निवासी हवलदार विजेंद्र (51) की ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। विजेंद्र को बुधवार सुबह गोली लगी और उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार देर शाम घर लाया गया। विजेंद्र के शरीर पर गोलियों के निशान देखकर परिजनों ने आशंका जताई कि उनकी हत्या की गई है।
परिजनों का कहना है कि एक गोली गर्दन और दूसरी माथे में लगी है। सिर के पिछले हिस्से में भी गहरा घाव है। जबकि शव लेकर आए बीएसएफ के एएसआई के अनुसार विजेंद्र की मौत उनकी खुद की रायफल से गोली चलने से हुई है। लेकिन उनके जवाब से परिजन संतुष्ट नहीं हुए। परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और दोबारा से पोस्टमार्टम की मांग की।
मगर, एसडीएम सत्यवान मान और अन्य अधिकारियों के समझाने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए मान गए। विजेंद्र अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं। विजेंद्र की बेटी मनीषा की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी। विजेंद्र का बेटा संजीव बीए पास करके जींद में आईटीआई कर रहा है।
परिजनों के अनुसार विजेंद्र 1989 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। फरवरी में बेटी की शादी के बाद मार्च में ड्यूटी पर गए थे। एक महीना पहले कुछ दिनों की छुट्टी पर आए थे। विजेंद्र की पत्नी मीना के अनुसार, रोजाना उनकी फोन पर बात होती थी लेकिन उन्होंने कभी ऐसा कुछ नहीं बताया कि वे किसी बात को लेकर परेशान हैं। ऐसे में आत्महत्या की बात किसी गले के नीचे नहीं उतर रही है।
बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार विजेंद्र के पास इंसास रायफल थी। यह ऑटोमेटिक हथियार होता है। इससे एक बार में कई गोलियां चल सकती हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इंसास रायफल से तीन राउंड का बर्स्ट फायर हुआ है। फिलहाल बीएसएफ को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
बीएसएफ और हरियाणा पुलिस की टुकड़ी ने दी सलामी
शाम करीब साढ़े छह बजे विजेंद्र का शव भिवानी रोड स्थित उनके घर लाया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ईगराह ले जाया गया। यहां दिल्ली के छावला से आई बीएसएफ की टुकड़ी और हरियाणा पुलिस की टुकड़ी ने सलामी दी।