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भाई के हत्यारे को आजीवन कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Wed, 10 Sep 2014 11:50 PM IST
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कैथल। अपने भाई की हत्या करने के दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, गांव हरीगढ़ किंगन में 16 सितंबर 2013 को गांव वासी सुभाष ने शराब पिलाकर अपने छोटे भाई का राणा गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए सुभाष नेे घर में ही उसकी चिता बनाकर अंतिम संस्कार का प्रयास किया।
लेकिन पुलिस ने शव बरामद करते हुए सुभाष को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोषी सुभाष ने अपने सबसे छोटे भाई दरबारा की हत्या का बदला लेने के लिए मंझले भाई को मारा है। इसके बाद वह कुछ समय तो जेल में रहा लेकिन कोई ठोस सुबूत न होने के कारण अदालत ने उसे बरी कर दिया।
इसके बाद से ही सुभाष अपने छोटे भाई दरबारा के कत्ल का बदला लेने की फिराक में था। 16 सितंबर 2013 को उसने मंझले भाई राणा का गला घोंट दिया। पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल खटकड़ ने बताया कि सुभाष ने सुबूत मिटाने के लिए रात के समय रिहायशी मकान में चिता बनाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश राम सिंह चौधरी की अदालत ने उसे दोषी करार दिया और जुर्माना भी लगाया।
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जानकारी के अनुसार, गांव हरीगढ़ किंगन में 16 सितंबर 2013 को गांव वासी सुभाष ने शराब पिलाकर अपने छोटे भाई का राणा गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए सुभाष नेे घर में ही उसकी चिता बनाकर अंतिम संस्कार का प्रयास किया।
लेकिन पुलिस ने शव बरामद करते हुए सुभाष को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोषी सुभाष ने अपने सबसे छोटे भाई दरबारा की हत्या का बदला लेने के लिए मंझले भाई को मारा है। इसके बाद वह कुछ समय तो जेल में रहा लेकिन कोई ठोस सुबूत न होने के कारण अदालत ने उसे बरी कर दिया।
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इसके बाद से ही सुभाष अपने छोटे भाई दरबारा के कत्ल का बदला लेने की फिराक में था। 16 सितंबर 2013 को उसने मंझले भाई राणा का गला घोंट दिया। पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल खटकड़ ने बताया कि सुभाष ने सुबूत मिटाने के लिए रात के समय रिहायशी मकान में चिता बनाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश राम सिंह चौधरी की अदालत ने उसे दोषी करार दिया और जुर्माना भी लगाया।
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