युवती की बहादुरी को सलाम, बच्चे को नोच रहे छह कुत्तों से जा भिड़ी, ऐसे बचाई जान
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गांव बुढ़ाखेड़ा लाठर में छह आवारा कुत्तों ने गांव की सरपंच कविता लाठर के सात वर्षीय बेटे पर हमला कर दिया। इसमें संजय जख्मी हो गया मगर वह इस समय स्वस्थ है। गनीमत रही कि कुत्तों द्वारा हमला करने के दौरान वहां से गुजर रही गांव की 20 वर्षीय युवती ने हिम्मत दिखाकर बच्चे को बचा लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि छह कुत्तों ने बच्चे को नीचे गिरा कर नोचना शुरू कर दिया है। पास में ही काम कर रही एक लड़की ने बहादुरी दिखाते हुए लड़के को आवारा कुत्तों के चंगुल से बचाती है। सरपंच ने बताया कि उसका बेटा संजय घर के बाहर खेल रहा था। कुत्तों ने अचानक बेटे पर हमला करते हुए नीचे गिराकर काटने शुरू कर दिया।
घटनास्थल के पास ही काम कर रही पड़ोस की लड़की कविता ने बेटे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। कुत्तों ने संजय के पैर और कूल्हों पर काट लिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलावस्था में संजय को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसका इलाज चल रहा है।
कविता को किया जाएगा सम्मानित
बुढ़ाखेड़ा गांव की सरपंच कविता लाठन ने कहा कि जिस तरह कविता ने संजय को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, यह उसके साहस को दिखाता है। अन्य लड़कियों को भी इस बहादुरी से प्रेरणा लेनी चाहिए। कविता को शहीद संजीव लाठर की पुण्यतिथि पर 30 नवंबर को सम्मानित किया जाएगा। जल्द ही गांव में अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जाएगा।
कविता बोली-सिर्फ बच्चे की जान की थी परवाह
वहीं बच्चे को बाचने वाली कविता का कहना है कि दोपहर 12 बजे उसे बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसने देखा कि छह कुत्ते एक बच्चे को नीचे गिराकर नोच रहे हैं। ऐसे में वह कुत्तों की ओर दौड़ पड़ी। कुत्तों को भगा दिया। कविता के अनुसार उस समय उसे कोई खतरा या डर नहीं महसूस हुआ। उसे सिर्फ बच्चे की जान की परवाह थी। कविता ने 12वीं पास कर चार साल पहले स्कूल छोड़ दिया था। बच्चे की जान बचाने पर कविता खुद पर गर्व महसूस कर रही है।