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नेत्रहीनों के लिए राहत भरी खबर, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी लग गया ब्रेल लिपी इंडिकेटर
Fri, 29 Nov 2019 12:29 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 29 Nov 2019 12:29 PM IST
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ब्रेल लिपि इंडिकेटर
- फोटो : अमर उजाला
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सार्वजानिक स्थलों पर अकसर नेत्रहीन यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भारतीय रेलवे ने नेत्रहीन यात्रियों की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नेत्रहीनों की सहूलियत के लिए खास पहल की गई है। रेलवे स्टेशन के चंडीगढ़ साइड एंट्री गेट के पास और टिकट बुकिंग काउंटर के बगल में ब्रेल लिपि इंडिकेटर लगा दिया गया है।
इसका उद्घाटन अंबाला मंडल के नए डीआरएम गुरिंदर मोहन सिंह ने किया। इस दौरान शिव कुमार शर्मा ने ब्रेल लिपि इंडिकेटर की मदद से सभी प्लेटफार्मों, एक्सेलेटर, लिफ्ट सहित स्टेशन परिसर के अन्य जगहों की पहचान की और मौखिक तौर पर वहां मौजूद लोगों को बताया। वहीं शिव कुमार शर्मा ने इस प्रयास की सरहाना करते हुए कहा कि इसी तरह का ब्रेल लिपि इंडिकेटर पंचकूला साइड भी लगाया जाए।
ताकि स्टेशन परिसर पर पंचकूला साइड से आने वाले नेत्रहीन यात्री भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। इस मौके पर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर टीपी सिंह, सीनियर डीसीएम हरी मोहन सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि इसके साथ ही ब्रेल लिपि में बुकलेट भी उपलध है। जिसे स्टेशन ऑफिस में रखा गया है। अब नेत्रहीन रेल यात्रियों को प्लेटफार्म पूछने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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इसका उद्घाटन अंबाला मंडल के नए डीआरएम गुरिंदर मोहन सिंह ने किया। इस दौरान शिव कुमार शर्मा ने ब्रेल लिपि इंडिकेटर की मदद से सभी प्लेटफार्मों, एक्सेलेटर, लिफ्ट सहित स्टेशन परिसर के अन्य जगहों की पहचान की और मौखिक तौर पर वहां मौजूद लोगों को बताया। वहीं शिव कुमार शर्मा ने इस प्रयास की सरहाना करते हुए कहा कि इसी तरह का ब्रेल लिपि इंडिकेटर पंचकूला साइड भी लगाया जाए।
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ताकि स्टेशन परिसर पर पंचकूला साइड से आने वाले नेत्रहीन यात्री भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। इस मौके पर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर टीपी सिंह, सीनियर डीसीएम हरी मोहन सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि इसके साथ ही ब्रेल लिपि में बुकलेट भी उपलध है। जिसे स्टेशन ऑफिस में रखा गया है। अब नेत्रहीन रेल यात्रियों को प्लेटफार्म पूछने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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पांच रेलवे स्टेशनों पर लगा ब्रेल लिपि
देश के पांच रेलवे स्टेशनों पर नेत्रहीन यात्रियों की मदद के लिए ब्रेल लिपि इंडिकेटर लगाया गया है। इनमें बेंगलुरु, कोयमबतूर, बोरीवली, मैसूर, चंडीगढ़ शामिल हैं। वहीं चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन नॉर्दन रेलवे का पहला स्टेशन है, जहां पर ब्रेल लिपि इंडिकेटर लगाया गया है।
मार्च तक चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे-डीआरएम
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नए साल में नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी पुष्टि अंबाला मंडल के डीआरएम गुरिंदर मोहन सिंह ने की। उन्होंने बताया कि नॉर्दन में रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। यहां पर मार्च 2020 तक सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे। बता दें कि अभी फिलहाल रेलवे स्टेशन पर 35 सीसीटीवी कैमरों में से 8 सीसीटीवी पिछले कई महीनों से खराब पड़े हुए हैं।
सुरक्षा जरूरतों को समझते हुए रेलवे अधिकारियों ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर साल 2009 में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, उस समय भी यह कैमरे हाइटेक कैटेगरी में नहीं थे। आलम यह है कि दिन के समय में भी इन कैमरे में रिकार्ड हुई फुटेज इतनी धुंधली होती है कि जरूरत के समय कभी इन कैमरों की फुटेज आरपीएफ या जीआरपीएफ के काम नहीं आ सकी है।
मार्च तक चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे-डीआरएम
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नए साल में नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी पुष्टि अंबाला मंडल के डीआरएम गुरिंदर मोहन सिंह ने की। उन्होंने बताया कि नॉर्दन में रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। यहां पर मार्च 2020 तक सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे। बता दें कि अभी फिलहाल रेलवे स्टेशन पर 35 सीसीटीवी कैमरों में से 8 सीसीटीवी पिछले कई महीनों से खराब पड़े हुए हैं।
सुरक्षा जरूरतों को समझते हुए रेलवे अधिकारियों ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर साल 2009 में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, उस समय भी यह कैमरे हाइटेक कैटेगरी में नहीं थे। आलम यह है कि दिन के समय में भी इन कैमरे में रिकार्ड हुई फुटेज इतनी धुंधली होती है कि जरूरत के समय कभी इन कैमरों की फुटेज आरपीएफ या जीआरपीएफ के काम नहीं आ सकी है।
बठिंडा-राजपुरा डबल ट्रैक प्रोजेक्ट, दो साल में होगा पूरा
ब्रेल लिपि इंडिकेटर
- फोटो : अमर उजाला
बठिंडा-राजपुरा डबल ट्रैक (172.64 किमी ) अब पूरा होने की उम्मीद जाग गई है। इसके लिए रेलवे से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट बठिंडा से राजपुरा की तरफ शुरू किया जा रहा है, जिसको लेकर जिले के तीन गांवों की जमीन को एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके चलते जिले से कुल 16.29 एकड़ जमीन को एक्वायर किया जाएगा। अंबाला मंडल के डीआरएम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब दो साल का समय लगेगा।
उन्होंने बताया कि पंजाब के मालवा क्षेत्र में माल और यात्री सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के अंबाला डिवीजन में राजपुरा और बठिंडा के बीच ट्रैक के दोहरीकरण की परियोजना को मंजूरी दी है, जिसपर काम शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा 1,769.24 करोड़ रुपये की लागत की स्वीकृति दी गई। इसमें चार हॉल्ट स्टेशन सहित 23 स्टेशन हैं। सभी स्टेशनों पर उच्च स्तर के प्लेटफार्म और फुटओवर ब्रिज होंगे।
क्यों बनाया जा रहा है, रेलवे सेक्शन
राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन माल ढुलाई के कारण महत्वपूर्ण है। इस सेक्शन पर लेहरा मोहब्बत स्टेशन पर थर्मल पावर प्लांट होने के कारण, बठिंडा में सैन्य छावनी, उर्वरक संयंत्र और पटियाला में राष्ट्रीय खेल संस्थान है। रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से इन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही ये सभी लाइन की भीड़ को कम करेगा और गतिशीलता में सुधार करेगा।
उन्होंने बताया कि पंजाब के मालवा क्षेत्र में माल और यात्री सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के अंबाला डिवीजन में राजपुरा और बठिंडा के बीच ट्रैक के दोहरीकरण की परियोजना को मंजूरी दी है, जिसपर काम शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा 1,769.24 करोड़ रुपये की लागत की स्वीकृति दी गई। इसमें चार हॉल्ट स्टेशन सहित 23 स्टेशन हैं। सभी स्टेशनों पर उच्च स्तर के प्लेटफार्म और फुटओवर ब्रिज होंगे।
क्यों बनाया जा रहा है, रेलवे सेक्शन
राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन माल ढुलाई के कारण महत्वपूर्ण है। इस सेक्शन पर लेहरा मोहब्बत स्टेशन पर थर्मल पावर प्लांट होने के कारण, बठिंडा में सैन्य छावनी, उर्वरक संयंत्र और पटियाला में राष्ट्रीय खेल संस्थान है। रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से इन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही ये सभी लाइन की भीड़ को कम करेगा और गतिशीलता में सुधार करेगा।