लड़का-लड़की ने मंदिर में कर ली शादी, अब उम्र को लेकर विवाद, पुलिस ने एसपी से मांगी सलाह
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हरियाणा के पानीपत के एक गांव की लड़की व लड़के ने झूठी उम्र बताकर विवाह कर लिया। स्कूल रिकार्ड के अनुसार विवाह के वक्त लड़की की उम्र 18 साल थी, जबकि उसकी डेट ऑफ बर्थ के अनुसार उस समय लड़की नाबालिग थी। लड़के की उम्र भी 18 साल है। दोनों ने पंचकूला के एक मंदिर में शादी की और हाईकोर्ट से प्रोटेक्शन ले ली।
अब जोड़ा पुलिस लाइन में एक माह से पुलिस प्रोटेक्शन में रह रहा है। इस संबंध में बाल विवाह निषेध अधिकारी का कहना है कि इसमें लड़के पर शारीरिक संबंध बनाने और नाबालिग से शादी करने के आरोप में केस दर्ज होना चाहिए। उधर, पुलिस का कहना है कि डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट के अनुसार लड़की बालिग है और लड़का शादी योग्य नहीं है। वह बाल विवाह निषेध अधिकारी के कहे अनुसार नहीं करेगी।
जिले के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि गांव का ही एक लड़का उसकी बेटी को पांच सितंबर को घर से बहला फुसला कर अपने साथ लेकर गया था। लड़की अपने साथ 95 हजार रुपये नकद और 25 हजार के जेवर साथ ले गई थी। अगले ही दिन दोनों ने पंचकूला में शादी कर ली। दोनों पुलिस प्रोटेक्शन में पानीपत आ गए। स्कूल रिकार्ड के अनुसार लड़की की उम्र 18 साल एक माह है, जबकि जन्म प्रमाण पत्र के हिसाब से उसकी उम्र 17 साल 4 माह है।
पूरे कागजात पुलिस व बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता को दे दिए गए हैं। जबकि लड़के की उम्र 18 साल 7 माह है। इसलिए ये शादी पूरी तरह से गलत है और कानून के खिलाफ है। क्योंकि लड़के की उम्र 21 साल नहीं है और लड़की बालिग है। उसने पुलिस को पूरे कागजात दिए, लेकिन पुलिस आरोपी लड़के के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोपी उसकी बेटी के साथ पुलिस लाइन में पुलिस प्रोटेक्शन में रह रहा है।
उधर, बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने कागजात की जांच की तो पता चला कि प्रेमी जोड़े ने गलत उम्र दिखाकर शादी की है। लड़का शादी के योग्य नहीं है। उन्होंने पुलिस से लड़के पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस का कहना है कि लड़की बालिग है और लड़का 21 साल से कम है तो लड़की को दोषी और लड़के को पीड़ित माना जाएगा। इस पूरे मामले में बाल निषेध अधिकारी ने पुलिस से मांग की है कि लड़के पर बाल विवाह करने व शारीरिक संबंध बनाने की धाराओं में केस दर्ज होना चाहिए।
एसपी को रिपोर्ट भेज दी है : वीरेंद्र सिंह
लड़की की उम्र 18 से अधिक है। जबकि लड़के की उम्र 21 साल से कम है। उन्होंने लड़की को रिपोर्ट में दोषी व लड़के को पीड़ित रखा है। महिला ने जो मुकदमा दर्ज कराया था वह रद्द हो चुका है। उन्होंने एसपी को पत्र लिखकर पूरे मामले में कार्रवाई करने के लिए सलाह मांगी है। -वीरेंद्र सिंह, प्रभारी सदर पुलिस थाना
पुलिस को सेक्शन 9 के तहत कार्रवाई करनी चाहिए
ये शादी कानूनन गलत है। लड़के की उम्र 21 साल से कम है। बाल विवाह निषेध के कानून के तहत दोनों दोषी है और दोनों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। पुलिस को उनकी शिकायत पर मामले में कार्रवाई करनी होगी। पुलिस ने बिना काउंसिलिंग कराए दोनों को प्रोटेक्शन में रखा है। ये भी बिल्कुल गलत है। हाईकोर्ट से आने के बाद पुलिस को दोनों की उम्र का वेरीफिकेशन करना चाहिए था। -रजनी गुप्ता, जिला बाल निषेध अधिकारी पानीपत।