चंडीगढ़ में यहां पर लगेंगी बॉटल क्रशर मशीनें, प्लास्टिक की बोतल डालिए और जीतिए इनाम
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चंडीगढ़ में पॉलीथिन और सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर तो बैन लगा दिया गया है लेकिन संसाधनों के अभाव में पॉलीथिन के प्रयोग पर अब तक लगाम नहीं लगाई जा सकी है। यही वजह है कि प्रशासन ने सिटी में अब बोतल क्रशर मशीनें लगवाने का निर्णय लिया है। शहर में 10 जगहों पर ये मशीनें लगाई जाएंगी। जहां शहरवासी मशीन में बोतलें डालकर उन्हें क्रश (नष्ट) कर सकेंगे।
खास बात यह है कि ऐसा करने पर लोगों को इनामी कूपन मिलेगा। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत रॉक गार्डन सहित कुल चार विभिन्न सेक्टरों से की जा रही है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मशीनें लगवाने के टेंडर मांगे गए हैं। नार्थ इंडिया में चंडीगढ़ पहला ऐसा शहर बनने जा रहा है, जहां प्लास्टिक वेस्ट को क्रश करने की मशीनें लगने जा रही हैं।
सिटी को पर्यावरण फ्रेंडली बनाने के लिए प्रशासन ने प्लास्टिक खासकर बोतलों को नष्ट करने के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में 10 जगहों पर बोतल क्रशर मशीनें लगाने के आवेदन मांगे हैं। सिटी में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-17, रॉक गार्डन, सुखना लेक और कैपिटल कांपलेक्स में बोतल क्रशर मशीनें लगने जा रही हैं।
इसके बाद खपत के मुताबिक अन्य सेक्टरों में भी ये मशीनें लगवाई जाएंगी। स्मार्ट सिटी ने चार सेक्टरों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लिया गया है। स्मार्ट सिटी ने इसके लिए इच्छुक कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक बोलत पर एक इनामी कूपन दिया जाएगा। इस कूपन में नगद पैसे के साथ कोई भी गिफ्ट आपको मिल सकता है।
तो पूरे शहर में लग जाएंगी मशीनें
स्मार्ट सिटी के एक अफसर ने बताया कि बोतलों को तोड़कर प्लास्टिक को रि-साइकिल किया जाएगा। उनका कहना है कि अभी देश के कुछ रेलवे स्टेशनों पर बोतल क्रशर मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों में यात्री इस्तेमाल के बाद फेंकी जाने वाली बोतलों को डाल दिया जाता है। उनका कहना है कि इस साल के अंत तक पूरे शहर में मशीनें लगवा दी जाएंगी।
बता दें कि शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में पानी और जूस की बोतलों की खपत होती हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने यहां बोतल क्रशर मशीनें लगवाने का फैसला लिया है। प्रशासन स्मार्ट सिटी के तहत यह मशीनें खुद ही खरीदेगा। कंपनियों से अनुबंध के मुताबिक, प्लास्टिक को डिस्पोज करने के साथ ही मशीनों को लगाने और रखरखाव करने की जिम्मेदारी भी कंपनी की ही होगी।
कंपनी को इसके एवज में मशीन के तीन तरफ विज्ञापन लगाने की अनुमति मिलेगी। इसके तहत कंपनी मशीन के तीन तरफ विज्ञापन लगवा सकती है। कंपनी मशीन पर टीवी साइज की एलईडी भी लगवा सकती है। विज्ञापन कैसा और किस कैटेगरी का होगा, इसकी पूरी जानकारी स्मार्ट सिटी को संबंधिक कंपनी को देगी होगी। स्मार्ट सिटी से अनुमति मिलने के बाद कंपनी विज्ञापन लगा सकती है।
मशीन में हर एक बोतल को डालने पर कूपन मिलेगा। सिटी में अभी दस मशीनें लगवाने के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। -एनपी शर्मा, जनरल मैनेजर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट