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31 मई को दोनों डीएसडब्ल्यू का कार्यकाल हो जाएगा खत्म, कई चेहरों की कुर्सी पर नजर
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के दोनों डीएसडब्ल्यू का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो जाएगा। इसी के साथ ही कई चेहरे इन कुर्सियों पर काबिज होने के लिए तैयारी कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ सकता है। वहीं महिला डीएसडब्ल्यू प्रो. सुखबीर कौर के 60 साल पूरे होने के कारण यह कार्यभार किसी अन्य को दिया जाएगा।
पिछले साल डीएसडब्ल्यू बनाने को लेकर खींचतान लंबी चली। पीयू प्रशासन की ओर से डीएसडब्ल्यू बनाने के लिए प्रो. देवेंद्र सिंह का नाम सिंडिकेट के सामने रखा गया था, लेकिन सिंडिकेट ने यह कहते हुए इस नाम को खारिज कर दिया कि डीएसडब्ल्यू उसी को बनाया जाए जो वार्डन रहा हो। उसके बाद पीयू प्रशासन ने मंथन किया और डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर को बनाया गया। सिंडिकेट को भी इस नाम को पास करना पड़ा, क्योंकि वह मानक पूरे कर रहे थे। प्रो. सुखबीर कौर को महिला डीएसडब्ल्यू बनाया गया। सिंडिकेट ने उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं की। एक साल के लिए इन्हें कार्यभार दिया गया जो 31 मई को पूरा हो जाएगा।
तीन शिक्षकों के नाम चल रहे डीएसडब्ल्यू के लिए
जानकारों का कहना है कि तीन शिक्षकों के नाम डीएसडब्ल्यू के लिए चल रहे हैं। यह चेहरे भी वीसी के करीबी माने जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर संभावनाएं प्रो. तोमर के नाम को फिर पास करने की भी दिख रही है। इस बात में दम भी दिख रहा है। क्योंकि एक साल के बाद कई डीएसडब्ल्यू का कार्यकाल बढ़ाया गया। अब देखना यह है कि वीसी प्रो. राजकुमार उनके काम से कितने संतुष्ट होते हैं। पीयू प्रशासन प्रो. सुखबीर कौर की तरह ही दूसरी महिला डीएसडब्ल्यू चाहता है। क्योंकि उनमें निर्णय लेने की क्षमता बेहतर है और उन्होंने पद के अनुसार बेहतर कार्य करके दिखाया भी। बड़े से बड़े छात्रों के प्रदर्शन को शांत करने के रास्ते भी उन्होंने निकाले। प्रदर्शन के दौरान उन्हें ही भेजा जाता रहा है। महिला डीएसडब्ल्यू के लिए भी कई चेहरे हैं जो सिफारिश भी अधिकारियों को करवा रहे हैं।
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पिछले साल डीएसडब्ल्यू बनाने को लेकर खींचतान लंबी चली। पीयू प्रशासन की ओर से डीएसडब्ल्यू बनाने के लिए प्रो. देवेंद्र सिंह का नाम सिंडिकेट के सामने रखा गया था, लेकिन सिंडिकेट ने यह कहते हुए इस नाम को खारिज कर दिया कि डीएसडब्ल्यू उसी को बनाया जाए जो वार्डन रहा हो। उसके बाद पीयू प्रशासन ने मंथन किया और डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर को बनाया गया। सिंडिकेट को भी इस नाम को पास करना पड़ा, क्योंकि वह मानक पूरे कर रहे थे। प्रो. सुखबीर कौर को महिला डीएसडब्ल्यू बनाया गया। सिंडिकेट ने उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं की। एक साल के लिए इन्हें कार्यभार दिया गया जो 31 मई को पूरा हो जाएगा।
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तीन शिक्षकों के नाम चल रहे डीएसडब्ल्यू के लिए
जानकारों का कहना है कि तीन शिक्षकों के नाम डीएसडब्ल्यू के लिए चल रहे हैं। यह चेहरे भी वीसी के करीबी माने जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर संभावनाएं प्रो. तोमर के नाम को फिर पास करने की भी दिख रही है। इस बात में दम भी दिख रहा है। क्योंकि एक साल के बाद कई डीएसडब्ल्यू का कार्यकाल बढ़ाया गया। अब देखना यह है कि वीसी प्रो. राजकुमार उनके काम से कितने संतुष्ट होते हैं। पीयू प्रशासन प्रो. सुखबीर कौर की तरह ही दूसरी महिला डीएसडब्ल्यू चाहता है। क्योंकि उनमें निर्णय लेने की क्षमता बेहतर है और उन्होंने पद के अनुसार बेहतर कार्य करके दिखाया भी। बड़े से बड़े छात्रों के प्रदर्शन को शांत करने के रास्ते भी उन्होंने निकाले। प्रदर्शन के दौरान उन्हें ही भेजा जाता रहा है। महिला डीएसडब्ल्यू के लिए भी कई चेहरे हैं जो सिफारिश भी अधिकारियों को करवा रहे हैं।
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