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पंजाबः थाने में बम ब्लास्ट मामले में सेना की खुफिया एजेंसी भी सक्रिय, कई सवालों में उलझी जांच
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Mon, 17 Sep 2018 09:37 AM IST
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जालंधर में बम से हमला
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जालंधर के मकसूदां थाने में चार बम फेंकने की वारदात की जांच पंजाब पुलिस कर रही है वहीं सेना की खुफिया एजेंसी भी जांच के लिए मैदान में आ गई है। जिस स्थान पर चार बम फेंके गए हैं, वहां से महज 400 मीटर की दूरी पर आर्मी का आयुध भंडार है। वहीं खास तौर पर जांच करने दिल्ली से पहुंची एनएसजी की टीम सैंपल लेकर वापस चली गई है।
प्राथमिक स्तर पर जांच में भी एनएसजी की टीम यह बता नहीं पाई है कि वारदात में कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल किया गया है। अब पुलिस की सारी जांच एनएसजी की रिपोर्ट पर आकर टिक गई है। जालंधर देहात के एसएसपी नवजोत सिंह माहल खुद वारदात की जांच कर रहे हैं। सिटी पुलिस के कमिश्नर पीके सिन्हा भी केस की जांच के लिए मैदान में हैं और लगातार टीम को टिप्स दे रहे हैं।
एडीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल के साथ सिटी की टीम भी जांच में जुटी हुई है। तीसरी टीम एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस हरकंवलप्रीत सिंह खख की है। सूत्रों के मुताबिक, सेना की एक टीम ने भी मौके का दौरा कर पूरा जायजा लिया और अपनी जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से महज 10 मिनट की दूरी पर सेना का आयुध भंडार है और वहां पर बड़ा हेडक्वार्टर बना हुआ है। इस घटना को सेना ने काफी गंभीरता से लिया है।
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वारदात के 60 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और कोई सुराग नहीं लगा है। मामले में अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ है। एनएसजी की रिपोर्ट के बाद ही इससे पर्दा उठेगा।
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प्राथमिक स्तर पर जांच में भी एनएसजी की टीम यह बता नहीं पाई है कि वारदात में कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल किया गया है। अब पुलिस की सारी जांच एनएसजी की रिपोर्ट पर आकर टिक गई है। जालंधर देहात के एसएसपी नवजोत सिंह माहल खुद वारदात की जांच कर रहे हैं। सिटी पुलिस के कमिश्नर पीके सिन्हा भी केस की जांच के लिए मैदान में हैं और लगातार टीम को टिप्स दे रहे हैं।
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एडीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल के साथ सिटी की टीम भी जांच में जुटी हुई है। तीसरी टीम एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस हरकंवलप्रीत सिंह खख की है। सूत्रों के मुताबिक, सेना की एक टीम ने भी मौके का दौरा कर पूरा जायजा लिया और अपनी जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से महज 10 मिनट की दूरी पर सेना का आयुध भंडार है और वहां पर बड़ा हेडक्वार्टर बना हुआ है। इस घटना को सेना ने काफी गंभीरता से लिया है।
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वारदात के 60 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और कोई सुराग नहीं लगा है। मामले में अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ है। एनएसजी की रिपोर्ट के बाद ही इससे पर्दा उठेगा।
थाने के अंदर कार में था सिविलियन, घटना के बाद से गायब
जालंधर में बम से हमला
मकसूदां थाने के भीतर चार बम फटने की वारदात की जांच के लिए जुटे अधिकारी खुद सवालों के घेरे में उलझ गए हैं। कई सवाल ऐसे हैं, जो जांच को और उलझाते जा रहे हैं। जिस समय थाने में विस्फोट हुए, उस समय थाने के भीतर कार खड़ी थी, जिसमें एक सिविलयन बैठा हुआ था। वह कौन था, थाने से उसका क्या कनेक्शन था और वह क्या करने आया था, इसकी जांच पुलिस कर रही है। सूत्रों के अनुसार कि यह सिविलियन अकसर थाने के भीतर कार लेकर आता था और काफी देर तक कार में ही बैठता था, उसकी कई पुलिस वालों के साथ दोस्ती थी। अब वह इस घटना के बाद से गायब है।
कई थ्योरी पर जांच
कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा और एसएसपी नवजोत सिंह माहल का कहना है कि हमारी जांच कई थ्योरी पर चल रही है। कई सवाल हैं, जिन पर फोकस किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों ने खंगाला पुराना रिकार्ड
काउंटर इंटेलिजेंस के दोआबा के चीफ हरकंवलप्रीत सिंह खख का कहना है कि हमारी जांच भी कई दिशाओं से चल रही है, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। हम जेल से छूटे पुराने अपराधियों और आतंकियों पर भी नजर रख रहे हैं, उनका पूरा प्रोफाइल खंगाला जा रहा है।
कई थ्योरी पर जांच
कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा और एसएसपी नवजोत सिंह माहल का कहना है कि हमारी जांच कई थ्योरी पर चल रही है। कई सवाल हैं, जिन पर फोकस किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों ने खंगाला पुराना रिकार्ड
काउंटर इंटेलिजेंस के दोआबा के चीफ हरकंवलप्रीत सिंह खख का कहना है कि हमारी जांच भी कई दिशाओं से चल रही है, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। हम जेल से छूटे पुराने अपराधियों और आतंकियों पर भी नजर रख रहे हैं, उनका पूरा प्रोफाइल खंगाला जा रहा है।
जांच टीम के सामने आए सवाल
जालंधर में बम से हमला
1- ब्लास्ट करने वाले का मुख्य मकसद क्या था। पुलिस को डराना या फिर सूबे में दहशत का माहौल पैदा करना।
(बम कम तीव्रता वाला था, जिस कारण जानी नुकसान नहीं हुआ। फिर बम बलास्ट का फायदा किसको मिलने वाला था)
2- बम बाहर से अंदर फेंके गए या फिर चारों बम अंदर कोई रखकर आया। बम फेंकने वाला एक था या उनकी संख्या दो थी, यह भी जांच टीम साफ नहीं कर पाई है।
3- थाने के भीतर सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे लेकिन पिछले एक साल से चल नहीं रहे थे। आस पड़ोस कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में किसी भी ऐसे शख्स की तस्वीर नहीं आई है, जिससे पुलिस की जांच को बल मिले। सवाल है कि क्या ब्लास्ट करने वालों ने पहले पूरी योजना और खाका तैयार किया था और क्या थाने के भीतर का माहौल और नक्शा भी उनके पास था।
4- ब्लास्ट करने वाले पैदल आए थे या किसी वाहन से। यह भी साफ नहीं हो पाया है। चौराहे से मार्ग अमृतसर और माझा एरिया की तरफ जाता है। क्या माझा से किसी ने आकर वारदात की और आसानी से दो मिनट में अमृतसर नेशनल हाईवे पर निकल गया।
5- थाने के भीतर सिविलियन कौन था, जो कार में बैठा हुआ था, उसका थाने के साथ क्या कनेक्शन था। थाने में उसकी किसकी साथ दोस्ती थी और उसका रोजाना थाने में आने का मकसद क्या था।
6- भिंडरावालां टाइगर फोर्स ने ई-मेल कर पत्र जारी किया है। पत्र फर्जी है या असली और पत्र लिखने वाले का मकसद क्या है।
7- थाने के भीतर किस कनटेनर में बम फेंका गया, यह भी साफ नहीं हो पाया है। कोई कागज, कपड़ा, लोहे का टीन, प्लास्टिक या कांच नहीं मिला है।
(बम कम तीव्रता वाला था, जिस कारण जानी नुकसान नहीं हुआ। फिर बम बलास्ट का फायदा किसको मिलने वाला था)
2- बम बाहर से अंदर फेंके गए या फिर चारों बम अंदर कोई रखकर आया। बम फेंकने वाला एक था या उनकी संख्या दो थी, यह भी जांच टीम साफ नहीं कर पाई है।
3- थाने के भीतर सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे लेकिन पिछले एक साल से चल नहीं रहे थे। आस पड़ोस कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में किसी भी ऐसे शख्स की तस्वीर नहीं आई है, जिससे पुलिस की जांच को बल मिले। सवाल है कि क्या ब्लास्ट करने वालों ने पहले पूरी योजना और खाका तैयार किया था और क्या थाने के भीतर का माहौल और नक्शा भी उनके पास था।
4- ब्लास्ट करने वाले पैदल आए थे या किसी वाहन से। यह भी साफ नहीं हो पाया है। चौराहे से मार्ग अमृतसर और माझा एरिया की तरफ जाता है। क्या माझा से किसी ने आकर वारदात की और आसानी से दो मिनट में अमृतसर नेशनल हाईवे पर निकल गया।
5- थाने के भीतर सिविलियन कौन था, जो कार में बैठा हुआ था, उसका थाने के साथ क्या कनेक्शन था। थाने में उसकी किसकी साथ दोस्ती थी और उसका रोजाना थाने में आने का मकसद क्या था।
6- भिंडरावालां टाइगर फोर्स ने ई-मेल कर पत्र जारी किया है। पत्र फर्जी है या असली और पत्र लिखने वाले का मकसद क्या है।
7- थाने के भीतर किस कनटेनर में बम फेंका गया, यह भी साफ नहीं हो पाया है। कोई कागज, कपड़ा, लोहे का टीन, प्लास्टिक या कांच नहीं मिला है।