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ब्लू व्हेल गेम ने बढ़ाई सरकार की चिंता, पठानकोट में 10 और छात्रों पर साया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/पठानकोट
Updated Sat, 09 Sep 2017 09:25 AM IST
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Blue Whale Game
- फोटो : File Photo
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हरियाणा सरकार ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में अपराध की प्रवृत्तियां दिन-प्रतिदिन बढ़ने पर चिंता जताई है। ब्लू व्हेल आनलाइन गेम्स का ताजा उदाहरण देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने सभी से सेचत रहने का आह्वान किया है।
जैन ने यहां हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से बच्चों के कानूनों पर आयोजित कार्यशाला में कहा कि सरकार ने स्कूल एवं अभिभावकों को अलर्ट रहने के लिए इंटरनेट सेफ्टी गाईडलाइन जारी की हैं। बावजूद इसके अभिभावकों को बच्चों की इंटरनेट के प्रति बढ़ती दिलचस्पी पर अंकुश लगाना होगा। स्कूली बच्चों के लिए यह सबसे अधिक घातक है। जैन ने कहा कि बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे मानसिक एवं शारीरिक अपराध के मामलों में भी सकारात्मक दृष्टिकोण रखना होगा।
पुलिस से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा सभी हितधारक बाल अधिकारों के प्रति और अधिक संवेदनशील हों। सभी अपनी जिम्मेदारियां अच्छे से निभाएं। देश के संविधान में बच्चों को नागरिक के रूप में अधिकार दिए गए हैं। हरियाणा में बच्चों के विकास, कल्याण, संरक्षण, पुनर्वास के लिए हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन किया गया है। इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन से बाल अधिकार संरक्षण के बारे में अनुभव एवं जानकारियां ही नहीं मिलती, बल्कि सभी हितकारकों के एकत्रित होने से कई विभागीय आपत्तियां एवं कठिनाईयां भी दूर होती हैं।
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जैन ने यहां हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से बच्चों के कानूनों पर आयोजित कार्यशाला में कहा कि सरकार ने स्कूल एवं अभिभावकों को अलर्ट रहने के लिए इंटरनेट सेफ्टी गाईडलाइन जारी की हैं। बावजूद इसके अभिभावकों को बच्चों की इंटरनेट के प्रति बढ़ती दिलचस्पी पर अंकुश लगाना होगा। स्कूली बच्चों के लिए यह सबसे अधिक घातक है। जैन ने कहा कि बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे मानसिक एवं शारीरिक अपराध के मामलों में भी सकारात्मक दृष्टिकोण रखना होगा।
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पुलिस से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा सभी हितधारक बाल अधिकारों के प्रति और अधिक संवेदनशील हों। सभी अपनी जिम्मेदारियां अच्छे से निभाएं। देश के संविधान में बच्चों को नागरिक के रूप में अधिकार दिए गए हैं। हरियाणा में बच्चों के विकास, कल्याण, संरक्षण, पुनर्वास के लिए हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन किया गया है। इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन से बाल अधिकार संरक्षण के बारे में अनुभव एवं जानकारियां ही नहीं मिलती, बल्कि सभी हितकारकों के एकत्रित होने से कई विभागीय आपत्तियां एवं कठिनाईयां भी दूर होती हैं।
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टास्क पूरा करने के लिए खुदकुशी का प्रयास करने वाले छात्र का खुलासा
blue whale
- फोटो : DEMO Pics
ब्लू व्हेल टास्क को पूरा करने के लिए खुदकुशी की कोशिश करने वाले छात्र के दोस्त भी गेम का झांसे में आ गए हैं। सेहत विभाग ने अब उन सभी साथियों को ढूंढना शुरू कर दिया है। हालांकि जिला पुलिस ऐसे बच्चों को ट्रेस करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
शहर में कुछ दिन पहले ब्लू व्हेल के झांसे में आकर आर्मी स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र ने खुदकुशी करने की कोशिश की थी। बच्चे की सिविल अस्पताल में काउंसलिंग चल रही है। छात्र ने मनोरोग विशेषज्ञ को बताया था कि उसके 10 से अधिक दोस्त भी इसी गेम को खेल रहे हैं। इस पर सेहत विभाग ने न सिर्फ उक्त छात्र के स्कूल में बल्कि अन्य स्कूलों में भी बच्चों को ढूंढना शुरू कर दिया है। सेहत विभाग ने टीमें बनाकर उक्त छात्र के दोस्तों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि उनकी ओर से विभिन्न स्कूलों की लिस्टें तैयार कर अपनी स्पेशल टीमों को दे दी गई हैं। ये टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों को ऐसी गेमों से दूर रहने के लिए जागरूक करेंगी। इसके अलावा सुसाइड की कोशिश करने वाले बच्चे के साथियों को ढूंढने के लिए खास तौर पर आर्मी स्कूल के प्रिंसिपल, स्टाफ और उक्त बच्चे के सहपाठियों से बातचीत कर रहे हैं।
गेम के खिलाफ कोई शिकायत नहीं : डीएसपी
पुलिस के पास अब तक ब्लू व्हेल के खिलाफ कोई भी शिकायत नहीं आई है। गेम का शिकार हुए बच्चे के परिजनों, स्कूल और न ही किसी सोशल एक्टिविस्ट ने गेम के खिलाफ आवाज उठाई है। डीएसपी सिटी सुखजिंदर सिंह ने बताया कि गेम के खिलाफ कोई शिकायत किसी भी थाने में किसी भी व्यक्ति ने नहीं दी है। मामले में पुलिस की दिलचस्पी न लेने पर एसएसपी विवेकशील सोनी ने कहा कि गेम खेल रहे दूसरे बच्चों को ढूंढने के लिए सेहत विभाग के मनोरोग विशेषज्ञ अपना काम कर रहे हैं। यह सेहत विभाग से जुड़ा मामला है। इसमें पुलिस विभाग का कोई दखल नहीं है।
शहर में कुछ दिन पहले ब्लू व्हेल के झांसे में आकर आर्मी स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र ने खुदकुशी करने की कोशिश की थी। बच्चे की सिविल अस्पताल में काउंसलिंग चल रही है। छात्र ने मनोरोग विशेषज्ञ को बताया था कि उसके 10 से अधिक दोस्त भी इसी गेम को खेल रहे हैं। इस पर सेहत विभाग ने न सिर्फ उक्त छात्र के स्कूल में बल्कि अन्य स्कूलों में भी बच्चों को ढूंढना शुरू कर दिया है। सेहत विभाग ने टीमें बनाकर उक्त छात्र के दोस्तों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि उनकी ओर से विभिन्न स्कूलों की लिस्टें तैयार कर अपनी स्पेशल टीमों को दे दी गई हैं। ये टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों को ऐसी गेमों से दूर रहने के लिए जागरूक करेंगी। इसके अलावा सुसाइड की कोशिश करने वाले बच्चे के साथियों को ढूंढने के लिए खास तौर पर आर्मी स्कूल के प्रिंसिपल, स्टाफ और उक्त बच्चे के सहपाठियों से बातचीत कर रहे हैं।
गेम के खिलाफ कोई शिकायत नहीं : डीएसपी
पुलिस के पास अब तक ब्लू व्हेल के खिलाफ कोई भी शिकायत नहीं आई है। गेम का शिकार हुए बच्चे के परिजनों, स्कूल और न ही किसी सोशल एक्टिविस्ट ने गेम के खिलाफ आवाज उठाई है। डीएसपी सिटी सुखजिंदर सिंह ने बताया कि गेम के खिलाफ कोई शिकायत किसी भी थाने में किसी भी व्यक्ति ने नहीं दी है। मामले में पुलिस की दिलचस्पी न लेने पर एसएसपी विवेकशील सोनी ने कहा कि गेम खेल रहे दूसरे बच्चों को ढूंढने के लिए सेहत विभाग के मनोरोग विशेषज्ञ अपना काम कर रहे हैं। यह सेहत विभाग से जुड़ा मामला है। इसमें पुलिस विभाग का कोई दखल नहीं है।