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चंडीगढ़ः पुलिस से जा भिड़े दृष्टिहीन, हिरासत में लेने के बाद पंचकूला में छोड़ा, जानिए मामला

Thu, 10 Jan 2019 09:36 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 10 Jan 2019 09:36 AM IST
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Blind people protest outside of Haryana Secretariat
हिरासत में लेती पुलिस

हरियाणा सचिवालय के बाहर चंडीगढ़ पुलिस और दृष्टिहीनों के बीच बुधवार को टकराव हो गया। ये दृष्टिहीन अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन लेकर हरियाणा के मुख्य सचिव से मिलना चाहते थे। लेकिन समय न मिल पाने की वजह से इन लोगों ने जबरन सचिवालय में घुसने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद सीआईएसफ के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वहीं रोक दिया।

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इस पर जब दृष्टिहीनों ने हंगामा किया तो चंडीगढ़ पुलिस को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। चंडीगढ़ पुलिस उन्हें सेक्टर तीन थाने ले गई। जहां से हिरासत में लिए सभी दृष्टिहीनों को पंचकूला ले जाकर छोड़ दिया गया।
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इस टकराव के दौरान दृष्टिहीनों को चंडीगढ़ पुलिस का सख्त रवैया झेलना पड़ा। सचिवालय के भीतर जाने की जिद पर अड़े दृष्टिहीनों को चंडीगढ़ पुलिस ने बर्बरता के साथ उठाकर गाड़ियों में भरा और उन्हे वहां से ले गई। थाने ले जाने के बाद जरूरी कार्रवाई करने के बाद दृष्टिहीनों के कहने पर ही उन्हें पंचकूला ले जाकर छोड़ दिया गया है।

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अरसे से संघर्षरत हैं दृष्टिहीन

Blind people protest outside of Haryana Secretariat
प्रदर्शन

नेत्रहीन कल्याण मंच के अध्यक्ष कुलवंत ने बताया कि वे कई वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत है। हर सरकार उन्हें सिर्फ आश्वासन देती है। उनका मामला विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी उठ चुका है। लेकिन उसके बावजूद उनकी मांगें पेंडिंग है। उन्होंने बताया कि उनके बैकलॉग को पूरा करने समेत 13 ऐसी मांगे हैं, जिससे वे सरकार को अवगत करवाना चाहते हैं। इसलिए वे कई बार सचिवालय आ चुके हैं। 

आज भी वे हरियाणा के मुख्य  सचिव से मिलकर उन्हें इन मांगों से अवगत करवाना चाहते थे। लेकिन उन्हें न तो समय मिला और न ही मुख्य सचिव से मिलवाया गया। उनका सब्र जब टूट गया, तो उन्हें मजबूरन सचिवालय में जबरन घुसने का प्रयास करना पड़ा। लेकिन पुलिस ने उन्हे पकड़ लिया और उनके साथ बर्बरतापूर्वक व्यवहार किया। उनके अनुसार वे सरकार से जल्द से जल्द अपनी मांगों पर सरकार का सकारात्मक फैसला चाहते हैं।

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