फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Blast in the city of checkpoints... Chandigarh police failed in the midst of vigilance

Chandigarh News: नाकों के शहर में धमाका... पहरेदारी के बीच फेल हुई चंडीगढ़ पुलिस

Thu, 02 Apr 2026 02:22 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 02:22 AM IST
विज्ञापन
Blast in the city of checkpoints... Chandigarh police failed in the midst of vigilance
चंडीगढ़। शहर के हर चप्पे पर नाकाबंदी, हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती और लगातार अलर्ट के दावों के बावजूद सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल गया। बीते कुछ दिनों में हुई घटनाओं में चंडीगढ़ पुलिस हालात पर नियंत्रण पाने में फेल रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी में सोपू नेता जश्न जावंधा पर फायरिंग और इसके बाद सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह चन्नी की दिनदहाड़े हत्या के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद 24 घंटे नाके लगाने और सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन

वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर शहर में एक थाने के अंतर्गत दो और एक चौकी के अंतर्गत एक नाका लगाया गया। बुधवार को भी करीब 50 नाके सक्रिय थे। दिन-रात रोटेशन में 1500 से 1600 पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात थे। इसके बावजूद हमलावर न केवल शहर में दाखिल हुए बल्कि ग्रेनेड हमलाकर भाग निकले।
विज्ञापन

चौंकाने वाली बात यह है कि जिस भाजपा कार्यालय के बाहर यह हमला हुआ, वहां पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। सीआरपीएफ और पंजाब पुलिस के जवान तैनात थे। गेट पर भी सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। इसके बावजूद हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका और बिना किसी बाधा के भाग निकले। सीआरपीएफ के एक जवान ने कहा कि उन्हें यह तक पता नहीं चला कि हमला कब और कैसे हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले भी हो चुके हैं कई धमाके, हर बार बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता
चंडीगढ़ में यह पहला मामला नहीं है। 11 सितंबर 2024 को सेक्टर-10 में ग्रेनेड अटैक हुआ था। इसमें हमलावर ऑटो से आए थे। जांच में सामने आया था कि इस हमले के पीछे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा और गैंगस्टर हैप्पी पासिया का हाथ था। इसके बाद 26 नवंबर 2024 को सेक्टर-26 में दो नाइट क्लब डिओरा और सेवले के बाहर बम धमाके हुए। इन हमलों की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ली थी। हर बड़े मामले में जांच का जिम्मा आखिरकार पंजाब पुलिस, दिल्ली पुलिस या एनआईए को संभालना पड़ा।

खुफिया इनपुट के बावजूद लापरवाही
अगस्त 2025 में सेक्टर-18 के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय को उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद भाजपा कार्यालयों और आरएसएस दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद दौरा कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की थी। इसके बावजूद सेक्टर-37 में भाजपा कार्यालय के बाहर हमला हो गया। शहर में एक के बाद एक घटनाओं ने आम लोगों के मन में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed