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ब्लैक फंगस ने बढ़ाई मुश्किल: चंडीगढ़ के दो मरीजों की जा चुकी जान, 161 मरीजों का चल रहा इलाज
Sat, 29 May 2021 01:25 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 29 May 2021 01:25 AM IST
सार
चंडीगढ़ में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शहर के विभिन्न अस्पतालों में 161 मरीजों का इलाज चल रहा हैं। पीजीआई में एक और जीएमसीएच-32 में ब्लैक फंगस से दूसरी मौत हो चुकी है। अकेले चंडीगढ़ में ब्लैक फंगस से पीड़ितों की संख्या 19 तक पहुंच चुकी है। पीजीआई में मौजूदा समय में 116 मरीज भर्ती हैं। इनमें सर्वाधिक 62 मरीज पंजाब के हैं।
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ब्लैक फंगस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की रफ्तार घटने के बाद ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों ने चिंता बढ़ा दी है। शहर के अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 161 मरीज भर्ती हैं। इनमें 19 मरीज चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। अब तक चंडीगढ़ के दो मरीजों की ब्लैक फंगस से मौत हो चुकी है। इनमें एक 74 वर्षीय पुरुष की पीजीआई और 53 वर्षीय महिला की मौत जीएमसीएच-32 में हुई थी। वहीं, दूसरे प्रदेशों के ब्लैक फंगस के 4 मरीजों की जान जा चुकी है।
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पीजीआई में पंजाब के मरीज सबसे ज्यादा
पीजीआई में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा 116 मरीज भर्ती हैं, जिसमें पंजाब के सबसे ज्यादा 62 मरीज हैं। उसके बाद हरियाणा के 25, उत्तर प्रदेश के 11, चंडीगढ़ के 7, उत्तराखंड के तीन, हिमाचल प्रदेश के तीन और राजस्थान के 4 मरीज शामिल हैं।
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कम कीमत वाले इंजेक्शन से हो रहा इलाज
सूत्रों के अनुसार ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की कमी की वजह से लाइफोलाइज्ड इंजेक्शन का उपयोग कर जान बचाने का प्रयास हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन 12 हजार रुपये में एक वॉयल मिलता है, जबकि मौजूदा समय में जिस इंजेक्शन का प्रयोग किया जा रहा है वह 200 से 300 रुपये में उपलब्ध है लेकिन किडनी पर दुष्प्रभाव पड़ता है, जिससे इसका प्रयोग बहुत ही कम किया जाता है। मौजूदा समय में मरीजों की जान बचाने के लिए मजबूरी में इस्तेमाल किया जा रहा है।
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- अस्पताल कुल मरीज चंडीगढ़ के
- पीजीआई 116 07
- जीएमसीएच 32 41 10
- हीलिंग हॉस्पिटल 03 02
- मुकट हॉस्पिटल 01 00