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Chandigarh News: चंडीगढ़ में भाजपा की हरप्रीत कौर बबला बनीं मेयर, 10 साल बाद कांग्रेस की भी वापसी
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हरप्रीत कौर बबला ने मेयर पद पर जीत दर्ज की, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर 10 साल बाद कांग्रेस के उम्मीदवारों की वापसी हुई। गठबंधन में आम आदमी पार्टी की मेयर उम्मीदवार प्रेमलता को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव में गठबंधन के तीन पार्षदों ने वोट क्रॉस किए, जिसकी वजह से नतीजे बदल गए।
सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर चुनाव हुए। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जयश्री ठाकुर की मौजूदगी में सुबह 11 बजे वोटिंग शुरू हुई। पहला वोट सांसद मनीष तिवारी ने डाला। इसके बाद एक-एक करके 35 पार्षदों ने वोट डाला। दोपहर 12.22 बजे वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो गई, जिसके बाद गिनती शुरू हुई। भाजपा की मेयर उम्मीदवार हरप्रीत कौर बबला को 19 वोट मिले, जबकि गठबंधन में आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार प्रेमलता को 17 वोट मिले। इस चुनाव में तीन वोट क्रॉस हुए, क्योंकि भाजपा के पास सिर्फ 16 पार्षद थे। गठबंधन के तीन पार्षदों ने अपनी पार्टी को वोट न देकर भाजपा के उम्मीदवार को वोट दिया, जिससे उनके 19 वोट हो गए और बबला ने जीत दर्ज की। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर कांग्रेस के जसबीर बंटी ने भाजपा की बिमला दुबे को हराया। बंटी को 19 और दुबे को 17 वोट मिले। इसमें भी गठबंधन के एक पार्षद ने वोट क्रॉस किया। डिप्टी मेयर के पद पर कांग्रेस की तरुणा मेहता ने जीत दर्ज की। मेहता को 19 और भाजपा के लखबीर सिंह को 17 वोट मिले। इस चुनाव में भी गठबंधन के एक पार्षद ने वोट क्रॉस किया।
निगम को वित्तीय संकट से बाहर निकालना प्राथमिकताः बबला
जीतने के बाद हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि नगर निगम को वित्तीय संकट से बाहर निकालना उनकी प्राथमिकता रहेगी। चुनाव में जीत-हार चलती है लेकिन अब सभी को साथ लेकर चलने का समय है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के पार्षद भी जानते हैं कि भाजपा ही शहर का विकास कर सकती है। पिछले काफी समय से काम रुके हुए हैं इसलिए उन्होंने अपने अंर्तआत्मा की बात सुनकर भाजपा को वोट दिया है। कहा कि फंड लाने के लिए वह केंद्र सरकार से भी बात करेंगी। जो विकास कार्य रुके हुए हैं, उन्हें आगे ले जाया जाएगा।
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हार के बाद प्रेमलता का निकला गुस्सा
आम आदमी पार्टी को पूरी उम्मीद थी कि मेयर प्रेमलता ही बनेंगी लेकिन जब नतीजे आए तो सभी हैरान रह गए। तीन पार्षदों के क्रॉस वोट से आप की उम्मीदवार हार गई। प्रेमलता के साथ सभी पार्षद मायूस नजर आए। चुनाव के दौरान एक बार प्रेमलता ने आपा भी खो दिया और कांग्रेस के पार्षद पर भड़क गईं। इसके अलावा एक बार वह फोटोग्राफर पर भी गुस्सा करतीं नजर आईं। हालांकि, उनके साथ सांसद मनीष तिवारी बैठे थे, जिन्होंने उन्हें समझाया।
कौन हैं हरप्रीत कौर बबला
हरप्रीत कौर बबला वार्ड नंबर-10 से पार्षद हैं। उन्होंने देहरादून के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने इतिहास में बीए ऑनर्स और अंग्रेजी में एमए किया है। उनके पिता भारतीय सेना में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पति दविंदर सिंह बबला भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और कई पदों पर रह चुके हैं। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा परमवीर सिंह बबला पेशे से वकील है और चंडीगढ़ क्लब के सबसे युवा कार्यकारी सदस्य हैं। दूसरा बेटा युधवीर सिंह बबला का रियल एस्टेट का काम है।
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सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर चुनाव हुए। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जयश्री ठाकुर की मौजूदगी में सुबह 11 बजे वोटिंग शुरू हुई। पहला वोट सांसद मनीष तिवारी ने डाला। इसके बाद एक-एक करके 35 पार्षदों ने वोट डाला। दोपहर 12.22 बजे वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो गई, जिसके बाद गिनती शुरू हुई। भाजपा की मेयर उम्मीदवार हरप्रीत कौर बबला को 19 वोट मिले, जबकि गठबंधन में आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार प्रेमलता को 17 वोट मिले। इस चुनाव में तीन वोट क्रॉस हुए, क्योंकि भाजपा के पास सिर्फ 16 पार्षद थे। गठबंधन के तीन पार्षदों ने अपनी पार्टी को वोट न देकर भाजपा के उम्मीदवार को वोट दिया, जिससे उनके 19 वोट हो गए और बबला ने जीत दर्ज की। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर कांग्रेस के जसबीर बंटी ने भाजपा की बिमला दुबे को हराया। बंटी को 19 और दुबे को 17 वोट मिले। इसमें भी गठबंधन के एक पार्षद ने वोट क्रॉस किया। डिप्टी मेयर के पद पर कांग्रेस की तरुणा मेहता ने जीत दर्ज की। मेहता को 19 और भाजपा के लखबीर सिंह को 17 वोट मिले। इस चुनाव में भी गठबंधन के एक पार्षद ने वोट क्रॉस किया।
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निगम को वित्तीय संकट से बाहर निकालना प्राथमिकताः बबला
जीतने के बाद हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि नगर निगम को वित्तीय संकट से बाहर निकालना उनकी प्राथमिकता रहेगी। चुनाव में जीत-हार चलती है लेकिन अब सभी को साथ लेकर चलने का समय है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के पार्षद भी जानते हैं कि भाजपा ही शहर का विकास कर सकती है। पिछले काफी समय से काम रुके हुए हैं इसलिए उन्होंने अपने अंर्तआत्मा की बात सुनकर भाजपा को वोट दिया है। कहा कि फंड लाने के लिए वह केंद्र सरकार से भी बात करेंगी। जो विकास कार्य रुके हुए हैं, उन्हें आगे ले जाया जाएगा।
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हार के बाद प्रेमलता का निकला गुस्सा
आम आदमी पार्टी को पूरी उम्मीद थी कि मेयर प्रेमलता ही बनेंगी लेकिन जब नतीजे आए तो सभी हैरान रह गए। तीन पार्षदों के क्रॉस वोट से आप की उम्मीदवार हार गई। प्रेमलता के साथ सभी पार्षद मायूस नजर आए। चुनाव के दौरान एक बार प्रेमलता ने आपा भी खो दिया और कांग्रेस के पार्षद पर भड़क गईं। इसके अलावा एक बार वह फोटोग्राफर पर भी गुस्सा करतीं नजर आईं। हालांकि, उनके साथ सांसद मनीष तिवारी बैठे थे, जिन्होंने उन्हें समझाया।
कौन हैं हरप्रीत कौर बबला
हरप्रीत कौर बबला वार्ड नंबर-10 से पार्षद हैं। उन्होंने देहरादून के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने इतिहास में बीए ऑनर्स और अंग्रेजी में एमए किया है। उनके पिता भारतीय सेना में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पति दविंदर सिंह बबला भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और कई पदों पर रह चुके हैं। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा परमवीर सिंह बबला पेशे से वकील है और चंडीगढ़ क्लब के सबसे युवा कार्यकारी सदस्य हैं। दूसरा बेटा युधवीर सिंह बबला का रियल एस्टेट का काम है।