पंजाब: निकाय चुनाव में अकेले लड़ेगी भाजपा
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विधानसभा चुनाव-2017 की तैयारी में जुटी भाजपा निकाय चुनाव को सेमीफाइनल मान कर चल रही है। राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने सभी जिला पदाधिकारियों को साफ कह दिया है कि निकाय चुनाव में पार्टी मजबूत दावा पेश करे।
हर जगह शिअद से ज्यादा सीटों की मांग करें। सहमति बनाने की कोशिश करो, नहीं बनती तो अकेले लड़ो। इसके बाद पार्टी में एक ही नारा चल रहा है, आधी सीटों पर लड़ेंगे, या फिर पूरी।
जल्द होने जा रहे छह निगमों और 122 काउंसिलों के चुनाव शिअद-भाजपा गठबंधन की अग्निपरीक्षा होंगे। शिअद और भाजपा के शीर्ष नेता बेशक कह रहे हैं कि गठबंधन को कोई खतरा नहीं है। लेकिन निकाय चुनाव में दोनों दलों के बीच टकराव तय है। पंजाब प्रभारी प्रो. रामशंकर कठेरिया के पंजाब दौरे में साफ संकेत के बाद पार्टी आक्रामक मूड में है।
कठेरिया के जाते ही प्रदेश नेतृत्व ने गुपचुप कैडर को हिदायत दी है कि निगमों में सभी सीटों पर लड़ने की तैयारी करें। हरियाणा की तरह पंजाब में कभी भी हाईकमान कोई फैसला ले सकता है। भाजपा ने चुनाव में अपने सीनियर पार्टनर शिअद पर दबाव बनाने की रणनीति बनाई है। जिन निगमों में चुनाव होने हैं, वहां पार्टी पहले शिअद से आधे से ज्यादा सीटें मांगेगी।
ताकि आधी-आधी सीटों पर तो दोनों पार्टियों में सहमति बन ही जाए। इसके बाद भी किसी न किसी तरह आपसी सहमति से चुनाव लड़ने की कोशिश की जाएगी। जैसे बठिंडा में भाजपा 22 और शिअद 28 सीटों पर लड़ती है। अब भाजपा वहां तीस सीटें मांगेगी, ताकि 25 पर सहमति बन जाए। लेकिन अगर अकाली दल सीटें नहीं देने पर अड़ ही जाता है तो पार्टी सभी निगमों के सारे वार्डों में चुनाव लड़ेगी।
एक दूसरे की गतिविधियों पर पैनी नजर
जिन छह निगमों में चुनाव होने हैं, उनमें से तीन के मेयर पद पर भाजपा मजबूती से दावा ठोंकने की तैयारी में है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि किन निगमों के मेयर पद मांगे जाएंगे।
भाजपा में पिछले दो दिनों में बदले घटनाक्रम पर अकाली दल की पूरी नजर है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल बेशक यह दावा कर रहे हैं कि गठबंधन नहीं टूटेगा। पर अंदरखाते शिअद भी पूरी तैयारी में जुटा है।
अकाली दल को आशंका है कि निकाय चुनाव में टकराव हो सकता है। इसलिए पार्टी नेतृत्व ने भी पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी वार्डों में अपनी तैयारी करें। सूत्रों के मुताबिक शिअद नेतृत्व फिलहाल इस मूड में है कि भाजपा को 40 फीसदी सीटें दी जा सकती हैं।
अभी चार निगमों से अमृतसर व जालंधर में भाजपा और लुधियाना व पटियाला में शिअद के मेयर हैं। भाजपा के मेयर वाले निगमों में दोनों दल आधी-आधी सीटों पर लड़ते हैं। अब बठिंडा, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, फगवाड़ा और मोगा निगमों के चुनाव होने हैं।