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भाजपा ने की ऐसी हरकत कि खुल गई पोल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Apr 2014 10:40 AM IST
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भाजपा के एक प्रेस नोट ने आपसी भेदभाव की पोल खोल दी। मतदान को लेकर प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने एक प्रेस नोट जारी किया।
प्रेस नोट में टंडन के अलावा किरण खेर और अनुपम खेर का नाम शामिल था, लेकिन अन्य नेताओं का नाम नहीं दिया। खास बात ये रही कि प्रेस नोट में एक ऐसे शख्स को टीम इंचार्ज बताया गया जो वास्तव में पार्टी के किसी पद पर है ही नहीं। इतना ही नहीं कई नेता तो उनका नाम ही नहीं जानते। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व नेताओं ने भी इस पर नाराजगी जताई।
उक्त प्रेस नोट में लिखा गया कि संजय टंडन ने किरण खेर के साथ कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। इसके बाद लिखा गया कि अन्य जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं की टीम ने दौरा किया जिसका नेतृत्व एचएस खुराना ने किया।
उनके साथ पूर्व मेयर हरजिंदर कौर भी थीं। सूत्रों ने बताया कि खुराना संजय टंडन के बिजनेस पार्टनर हैं। वहीं वास्तव में जो टीमें बनाई गई थीं, प्रेस नोट में उनका कहीं जिक्र नहीं हुआ।
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धवन का नाम भी गायब
पूर्व केंद्रीय हरमोहन धवन ने बताया कि उनकी ड्यूटी कालोनियों और गांवों में थी। वे यहां गए भी थे, लेकिन प्रेस नोट में उनका भी कहीं कोई जिक्र नहीं है। यहां तक की प्रेस नोट में कालोनियों और गांवों में दौरे पर भी संजय टंडन का नाम है। धवन ने कहा कि वे किसी एचएस खुराना को नहीं जानते हैं।
बाद में भेजा संशोधित प्रेस नोट
अमर उजाला संवाददाता से बात के बाद भाजपा ने संशोधित प्रेस नोट जारी कर दिया। हालांकि, इस प्रेस नोट में भी किसी भी पदाधिकारी का नाम नहीं था।
न ही हरमोहन धवन का नाम है। वहीं, एचएस खुराना का नाम संशोधित प्रेस नोट में फिर शामिल किया गया, हालांकि उनके नाम के आगे से टीम नेतृत्व की बात हटा दी गई।
एचएस खुराना का नाम गलती से प्रेस नोट में आ गया होगा। वे मतदान केंद्रो पर हरजिंदर कौर के साथ जरूर गए थे, लेकिन उन्होंने किसी टीम का नेतृत्व नहीं किया।
संजय टंडन, अध्यक्ष भाजपा
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प्रेस नोट में टंडन के अलावा किरण खेर और अनुपम खेर का नाम शामिल था, लेकिन अन्य नेताओं का नाम नहीं दिया। खास बात ये रही कि प्रेस नोट में एक ऐसे शख्स को टीम इंचार्ज बताया गया जो वास्तव में पार्टी के किसी पद पर है ही नहीं। इतना ही नहीं कई नेता तो उनका नाम ही नहीं जानते। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व नेताओं ने भी इस पर नाराजगी जताई।
उक्त प्रेस नोट में लिखा गया कि संजय टंडन ने किरण खेर के साथ कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। इसके बाद लिखा गया कि अन्य जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं की टीम ने दौरा किया जिसका नेतृत्व एचएस खुराना ने किया।
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उनके साथ पूर्व मेयर हरजिंदर कौर भी थीं। सूत्रों ने बताया कि खुराना संजय टंडन के बिजनेस पार्टनर हैं। वहीं वास्तव में जो टीमें बनाई गई थीं, प्रेस नोट में उनका कहीं जिक्र नहीं हुआ।
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धवन का नाम भी गायब
पूर्व केंद्रीय हरमोहन धवन ने बताया कि उनकी ड्यूटी कालोनियों और गांवों में थी। वे यहां गए भी थे, लेकिन प्रेस नोट में उनका भी कहीं कोई जिक्र नहीं है। यहां तक की प्रेस नोट में कालोनियों और गांवों में दौरे पर भी संजय टंडन का नाम है। धवन ने कहा कि वे किसी एचएस खुराना को नहीं जानते हैं।
बाद में भेजा संशोधित प्रेस नोट
अमर उजाला संवाददाता से बात के बाद भाजपा ने संशोधित प्रेस नोट जारी कर दिया। हालांकि, इस प्रेस नोट में भी किसी भी पदाधिकारी का नाम नहीं था।
न ही हरमोहन धवन का नाम है। वहीं, एचएस खुराना का नाम संशोधित प्रेस नोट में फिर शामिल किया गया, हालांकि उनके नाम के आगे से टीम नेतृत्व की बात हटा दी गई।
एचएस खुराना का नाम गलती से प्रेस नोट में आ गया होगा। वे मतदान केंद्रो पर हरजिंदर कौर के साथ जरूर गए थे, लेकिन उन्होंने किसी टीम का नेतृत्व नहीं किया।
संजय टंडन, अध्यक्ष भाजपा