ओह! डेंगू ने उजाड़ा BJP ऑफिस के केयरटेकर का परिवार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेंगू की कहर इतना बढ़ गया है कि कर किसी की जिंदगी दांव पर लगी है। इसके कारण बीजेपी ऑफिस के केयरटेकर पूरा परिवार उजड़ गया। बीजेपी के दफ्तार की देखरेख करने वाले ध्यान सिंह ने पहले अपनी मां को खोया और अब बेटे की भी मौत हो गई। बेटी भी अस्पताल में भर्ती थी, जिसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल उसे डेंगू की कोई शिकायत नहीं है।
एक हफ्ते में ही दो लोगों की मौत से परिवार सदमे में है। परिवार के मुखिया व बीजेपी ऑफिस की देखरेख करने वाले ध्यान सिंह ने बताया कि 12 सितंबर को उनकी 33 वर्षीय पत्नी पार्वती सिंह को बुखार की शिकायत हुई। हालत खराब होने पर उन्हें जीएमसीएच-32 की इमरजेंसी में एडमिट कराया गया।
कुछ सुधार होने पर 13 सितंबर को सुबह अस्पताल के डॉक्टरों ने पार्वती को वापस घर भेज दिया। दोपहर बाद उनकी फिर से तबीयत खराब हो गई। करीब चार बजे तबीयत अधिक बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उन्हें जीएमसीएच-32 में एडमिट कराया। कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
काम करने के दौरान मां की हालत हुई थी खराब
जीएमसीएच-32 अस्पताल की डेथ रिपोर्ट के मुताबिक (जो अमर उजाला के पास है) पार्वती की मौत एएफटी /डेंगू/ शॉक और तेज कार्डियक अरेस्ट से हुई है।
पार्वती सिंह की मौत के मात्र 5 दिन बाद अचानक उनके इकलौते बेटे 14 वर्षीय अमित सिंह की तबीयत खराब हो गई। 18 सितंबर को उसे जीएमएसएच-16 अस्पताल में ले जाया गया।
शाम को तबीयत खराब होने पर उसे पीजीआई रेफर किया। आईसीयू में एडमिट कराया लेकिन रात करीब डेढ़ बजे उसने दम तोड़ दिया। पीजीआई की डेथ रिपोर्ट के मुताबिक अमित की मौत की वजह डेंगू /शॉक सिंड्रोम व एक्यूट किडनी इंजरी बताई है।
ध्यान सिंह के बड़े भाई की बेटी उषा को भी डेंगू कन्फर्म हुआ है। बताया जा रहा है कि जब पार्वती की मौत हुई थी, तो उषा बीजेपी दफ्तर में ही थी। उसके बाद वह बीमार पड़ गई थी। बाद में उसे अस्पताल में एडमिट कराया गया।
मौत के बाद बीजेपी दफ्तर में कराई गई फोगिंग
एक ही परिवार की दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की ओर से बीजेपी आफिस में फोगिंग कराई गई। हालांकि ध्यान सिंह ने बताया कि पहले भी फोगिंग होती रही है। ध्यान सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया कि जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती है। जब पार्वती सिंह की तबीयत खराब थी, तब उन्हें घर क्यों भेजा गया। जब घर वालों ने पूछा तो डॉक्टरों का जवाब था कि आपकी मर्जी अस्पताल में रखना है या फिर घर पर।
घर की छत पर मिला लारवा
बीजेपी ऑफिस के आसपास की बिल्डिंग में जांच में पता चला है कि पड़ोसी की छत पर रखे सामान में एक टायलेट की सीट रखी थी। उसमें बारिश का पानी जमा था। उसमें डेंगू के लारवा थे। मलेरिया विंग की टीम ने उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया।
पीजीआई और जीएमसीएच-32 अस्पताल से डेथ रिपोर्ट मिलने के बाद ही कंफर्म हो पाएगा कि दोनों की मौत डेंगू से हुई थी। दोनों ही स्थानों से रिपोर्ट मंगाई गई है। पार्वती के टेस्ट बाहर से हुए थे। इसलिए उसकी रिपोर्ट पर विश्वास नहीं किया जा सकता। फिलहाल दोनों अस्पताल से इस बारे में डेथ व अन्य रिपोर्ट मांगी है। मलेरिया विंग की ओर से बीजेपी दफ्तर व आसपास के इलाकों में फोगिंग करा दी है। जांच के दौरान बीजेपी दफ्तर से डेंगू का लारवा नहीं मिला है।
- डॉ. अनिल गर्ग, असिस्टेंट डायरेक्टर मलेरिया विंग