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हरियाणा के भाजपा सांसद व विधायक कृषि कानूनों के समर्थन में उतरे, एसवाईएल का मुद्दा भी उठाया
Tue, 15 Dec 2020 12:54 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 15 Dec 2020 12:54 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के सांसद व विधायक खुलकर नए कृषि कानूनों के समर्थन में आ गए हैं। सोमवार को सांसदों, विधायकों का समर्थन पत्र केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर व जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को सौंपा गया। इसमें हरियाणा के अनेक विधायकों के हस्ताक्षर हैं। भाजपा सांसदों व विधायकों ने नए कृषि कानूनों में संशोधन के लिए किसानों के सुझाव मानने व एमएसपी की लिखित गारंटी देने का धन्यवाद भी किया। साथ ही एसवाईएल ( सतलुज-यमुना लिंक नहर) का पानी दिलाने की मांग भी की है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हम कृषि सुधारों के समर्थन में हैं।
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एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) व मंडी व्यवस्था जारी रखने के पक्षधर हैं, इसलिए कृषि सुधारों में संशोधनों को जारी रखें। एसवाईएल हरियाणा की जीवन रेखा है। अगर यह पानी मिल जाए तो हरियाणा की जमीन हरी भरी हो जाएगी, इसलिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय पानी दिलाने में मदद करे। साथ ही ऊपरी यमुना में बनाए जाने वाले लखवार, रेणुका व किशाऊ बांधों के निर्माण में तेजी लाई जाए।
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दुष्यंत गौतम बोले - एमएसपी और मंडी दोनों प्रणाली रहेंगी जारी
राज्यसभा सांसद व पंजाब भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना भाजपा के दिमाग में सबसे महत्वपूर्ण बात है। किसानों के साथ हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में मदद करने के लिए केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून बनाए हैं। भाजपा किसानों की खुशहाली और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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गौतम ने कहा कि किसानों से अभी तक हुई बातचीत में एमएसपी और मंडियों के बारे में आशंकाओं को दूर किया और कहा कि दोनों प्रणालियां हमेशा की तरह जारी रहेंगी, जबकि कानून केवल किसानों को बेहतर कीमत पर अपनी उपज बेचने में मदद करेंगे। किसानों की शिकायतों पर उन्होंने कहा कि केंद्र ने पहले ही तीन कानूनों में सात बिंदुओं पर बदलाव करना आश्वस्त किया है, जिसके मद्देनजर किसानों को अपना विरोध वापस लेना चाहिए और सरकार के फैसलों पर विश्वास करना चाहिए।