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Hindi News ›   Chandigarh ›   BJP Leader Sushma Swaraj's political life

भारतीय सेना में जाना चाहती थीं सुषमा स्वराज, पर एक नियम बना अड़चन और अधूरा रह गया सपना

Wed, 07 Aug 2019 05:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 07 Aug 2019 05:16 PM IST
सार

खास बातें-
  • -1970 में एनसीसी की एसडी कॉलेज की सर्वश्रेष्ट छात्रा चुनी गई।
  • - 3 साल तक एनसीसी की बेस्ट कैडेट का खिताब भी इन्ही के नाम रहा। 
  • -1973 में सर्वोच्च वक्ता का खिताब सुषमा स्वराज को मिला। 

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BJP Leader Sushma Swaraj's political life
सुषमा स्वराज (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आर्मी में जाना चाहती थी लेकिन उस समय आर्मी में महिलाओं की एंट्री बैन थी। लिहाजा सुषमा स्वराज का यह सपना पूरा नहीं हो सका। सुषमा स्वराज का जन्म अम्बाला छावनी के रेजीमेंट बाजार में हुआ था। अंतिम बार वह गीता जयंती उत्सव समारोह में कुरुक्षेत्र पहुंची थी और वही से अम्बाला अपने भाई गुलशन राय शर्मा से मिलने आई थी। 

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करीब 6 माह पहले ही उनके भाई गुलशन राय और उनकी मुलाकात अम्बाला में हो सकी थी। मंगलवार देर रात करीब सवा 11 बजे जैसे ही टेलीविजन पर उनके भाई गुलशन राय शर्मा और उनकी पत्नी सुब्रा गोड़ को उनकी मौत की सूचना मिली तो वो तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गए। समाचार लिखे जाने तक रात करीब सवा 12 बजे वह शाहाबाद ही पहुंच सके थे। उनके घर रेजीमेंट बाजार मकान नंबर 183 के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ था। 

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हाऊसिंग बोर्ड कालोनी सुषमा की देन

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के राजनीतिक करियर की शुरूआत 1970 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई। जयप्रकाश आंदोलन से सुषमा स्वाराज ने आपातकाल का जमकर विरोध किया। 1977 और 87 में अंबाला छावनी से विधायक बनीं। 1990 से 96 के दौरान राज्यसभा सदस्य रहीं। 

चौ. देवी लाल की सरकार में 1977 से 1979 के बीच राज्य की श्रम मंत्री रहीं। 1979 में जनता पार्टी हरियाणा की अध्यक्ष बनीं और यही से आप ने राजनीति की उड़ान भरी। अंबाला छावनी की जनता ने इन्हें जो प्यार दिया उसे आप ने पूरी तरह निभाया और छावनी की जनता को हाऊसिंग बोर्ड 1982 में दिया। छावनी के लालकुर्ती, तोपखाना सहित विभिन्न एरिया में कम्युनिटी सेंटर सुषमा स्वराज की ही देन हैं।

अंबाला में साइंस उद्योग विकसित करने में भी अहम योगदान
सुषमा स्वराज का अंबाला में साइंस उद्योग को विकसित करने में भी अहम योगदान रहा। राज्य की कैबिनेट मंत्री बनने के बाद वे अंबाला में साइंस उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लाईं।

 

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