Punjab News: भाजपा में ही राम रहीम की पैरोल का विरोध, सुनील जाखड़ बोले- जवाब पार्टी व सरकार को देना होगा
डेरामुखी को लगातार चौथी फिर 40 दिन की पैरोल दी गई है। डेरामुखी को पिछले साल 15 अक्तूबर को 40 दिन की पैरोल मिली थी, जो 25 नवंबर को खत्म हो गई थी। डेरामुखी को बार-बार पैरोल मिलने के मामले में पंजाब के सिख संगठन सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार मान रहे हैं। इस बीच, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कहा है कि इससे साफ है कि भाजपा सरकार डेरा प्रमुख से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बार-बार पैरोल दिए जाने के कारण आलोचना झेल रही भाजपा को अब पार्टी के भीतर से भी विरोध झेलना पड़ रहा है। पंजाब भाजपा के नेता सुनील जाखड़ ने दो दिन पहले हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह मामला उठाया और सीनियर नेताओं को सचेत किया कि भले ही डेरामुखी को अदालत से पैरोल दी जा रही है लेकिन जनता को जवाब पार्टी और सरकार को ही देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि डेरामुखी को पैरोल से पूरा पंजाब भाजपा की तरफ देख रहा है और पंजाब के लोगों को जवाब देना होगा।
जाखड़ ने सीनियर नेतृत्व से कहा कि इस मामले को हलके में न लें क्योंकि आम लोग इसे भूलेंगे नहीं और अगर यह मामला गंभीर न लगता हो तो शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल से पूछकर देख लें कि डेरामुखी से निकटता के कारण उनकी पार्टी को क्या परिणाम भुगतने पड़े हैं। जाखड़ ने कहा कि सुखबीर बादल का इस पर यही जवाब होगा कि ‘हमें सिरसा वाला बाबा ही ले डूबा।’
गौरतलब है कि डेरामुखी को लगातार चौथी फिर 40 दिन की पैरोल दी गई है। डेरामुखी को पिछले साल 15 अक्तूबर को 40 दिन की पैरोल मिली थी, जो 25 नवंबर को खत्म हो गई थी। डेरामुखी को बार-बार पैरोल मिलने के मामले में पंजाब के सिख संगठन सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार मान रहे हैं। इस बीच, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कहा है कि इससे साफ है कि भाजपा सरकार डेरा प्रमुख से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
जाखड़ की साफगोई से पंजाब भाजपा के नेता खुश
भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के सीनियर नेताओं के सामने सुनील जाखड़ ने जिस बेबाकी के साथ डेरामुखी की पैरोल का मुद्दा उठाते हुए नेताओं को हालात के प्रति सचेत किया, उससे पंजाब भाजपा के नेता खुश हैं। प्रदेश इकाई के ज्यादातर नेता बैठकों में पार्टी हाईकमान और सीनियर लीडरशिप के सामने कम ही बोलते हैं और आदेश का पालन करने की मुद्रा में रहते हैं। पंजाब भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह पहला मौका था जब कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश के किसी नेता ने इतना खुलकर कोई मुद्दा रखा हो। उन्होंने कहा कि जाखड़ द्वारा उठाए मुद्दे पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भी कहना पड़ा है कि इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
डेरामुखी को बार-बार पैरोल देना निंदनीय: शिअद
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने राम रहीम को बार-बार पैरोल देने की निंदा की। पार्टी ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। शिअद के पंथक सलाहकार बोर्ड ने बुधवार को कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा दुराचार के दोषी डेरामुखी को राज्यस्तरीय समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देकर न्यायिक प्रक्रिया को चुनौती दी है।
पंथक सलाहकार बोर्ड की बैठक में कहा गया कि जिस तरह से हरियाणा सरकार के शीर्ष पदाधिकारी राम रहीम का सम्मान कर रहे हैं, उससे समाज में गलत संदेश गया है। बोर्ड के पदाधिकारी नेताओं ने कहा,‘मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी, भाजपा सांसद और राज्य सरकार के पदाधिकारियों को यह शोभा नहीं देता कि वे दुराचारी और हत्यारे को राज्यस्तरीय समारोहों के लिए निमंत्रण भेजें। बोर्ड ने कहा कि यह व्यावहारिक रूप से अदालत की अवमानना के बराबर है।
शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल की अध्यक्षता में सलाहकार बोर्ड की बैठक में कहा गया कि भले ही राम रहीम के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं लेकिन हरियाणा सरकार उन्हें वीवीआईपी मानकर पूरा समर्थन दे रही है। ऐसी स्थिति में दोषी अपने खिलाफ दर्ज मामलों में गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए राम रहीम को पश्चिम बंगाल और उत्तर भारत से दूर किसी गैर-भाजपा शासित राज्य में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
बंदी सिंहों को रिहाई न पैरोल: धामी
सलाहकार बोर्ड ने कहा कि सिख समुदाय डेरामुखी को बार-बार पैरोल दिए जाने से बेहद परेशान है, क्योंकि सिख बंदियों को 28 साल से पैरोल की सुविधा के बिना रखा गया है। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने खुलासा किया कि संस्था ने पहले ही 12 लाख हस्ताक्षर एकत्र कर लिए हैं और बंदी सिंहों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए उनकी रिहाई की मांग करते हुए 25 लाख हस्ताक्षर एकत्र करने की संभावना है। आने वाले दिनों में गांवों और शहरों में समाज के सभी वर्गों के लोगों से संपर्क करके अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।