फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   BJP Leader Hans Raj Hans's Interview

साक्षात्कारः अनुच्छेद 370 और पीएम मोदी पर खूब बोले हंसराज हंस, किए कई खुलासे

Sun, 11 Aug 2019 12:32 PM IST
ajay kumar अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 11 Aug 2019 12:32 PM IST
विज्ञापन
BJP Leader Hans Raj Hans's Interview
हंसराज हंस - फोटो : अमर उजाला

जिंदगी काफी व्यस्त हो चुकी है। अब रियाज करने के लिए वक्त निकाल पाना मुश्किल हो रहा है। यह कहना है प्रसिद्ध सूफी गायक और उत्तर पश्चिम दिल्ली से जीतकर संसद पहुंचे हंसराज हंस का। अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने काम को लेकर काफी जुनूनी हैं और उसी अंदाज में हरेक से काम चाहते हैं। 

विज्ञापन


अभी लोकसभा का सेशन चला तो उस में व्यस्त रहे। उन्होंने एक रोचक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा में अपनी स्पीच के लिए स्क्रिप्ट तैयार की थी, लेकिन जब स्पीच दी तो भूल गए कि उनकी स्क्रिप्ट भी तैयार की है। उन्होंने कहा, ‘हमारा एक ही मकसद है शानदार काम कर लोगों के दिलों में राज करना। अब वह जमाना गया कि आए और चले गए... अब तो काम करने वालों की ही मांग है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें:- लुधियानाः अमेरिका टूर पर भेजने के नाम पर 148 छात्रों से 4 करोड़ रुपये ठग कर फरार हुआ एजेंट
विज्ञापन
विज्ञापन


आपको बता दूं कि मोदी सरकार में हरेक को काम करना अनिवार्य है, वास्तव में उनके साथ काम करने में आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब और चंडीगढ़ से उनको विशेष लगाव है। लेकिन जिन लोगों ने मुझे भारी मतों से चुनकर लोकसभा तक पहुंचाया, उनका शुक्रगुजार हूं। 

इसलिए उनकी सुविधाओं के बारे में सोचना मेरा परम धर्म है। उन्होंने कहा, यह अच्छी बात है कि उनके बच्चे भी सेटल हो चुके हैं और उनके ऊपर अब सिर्फ देश की जिम्मेदारी है। वाहेगुरु से यही अरदास करता कि मैं इस मिशन में कामयाब हो जाऊं। 

मोदी लाएंगे कश्मीर में विकास की बयार 

हंसराज हंस ने कहा कि कश्मीर में धारा- 370 की समाप्ति सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के होते हुए ही संभव हो सकता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सूफी से काफी लगाव है। वास्तव में सूफी व्यक्ति ही मानवता और समानता के बारे में सोच सकता है। उन्होंने कहा कि अब आने वाले दिनों में आपको अलग कश्मीर देखने को मिलेगा। कश्मीर में विकास होगा और वहां के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। 

कलाकार के लिए रुतबा जरूरी
एक कलाकार के लिए रुतबा जरूरी है। हंसराज हंस ने कहा कि वास्तव में अब टिकट पर शो होने लगे हैं। पहले ऐसा नहीं होता था। टिकट के शो का लाभ यह है कि ज्यादातर वही लोग आते हैं जो शो देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी पहल है और उसको जारी रखना चाहिए। इससे जहां कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं इससे थियेटर से जुड़े लोगों की भी तरक्की होगी। 

यह भी पढ़ें- 'शहीदों को नमन' कर हरियाणा के युवाओं ने बना दिया विश्व रिकॉर्ड, आप भी जानें कैसे

चंडीगढ़ दा कोई जवाब नहीं  
हंसराज हंस ने कहा कि सिटी ब्यूटीफुल का कोई जवाब नहीं है। यहां की हरियाली और पहाड़ों के होते दर्शन यहां की सुंदरता पर चार चांद लगाते हैं। कलाकारों को यहां की आबोहवा खूब रास आती है। मैंने यहां काफी समय बिताया है। यह सांस्कृतिक और जिंदादिल लोगों का शहर है। रॉक गार्डन, सुखना लेक और रोज गार्डन ने इस शहर को विश्वभर में पहचान दी है। वास्तव में चंडीगढ़ जैसा शहर कही नहीं है, यहां की हर जगह शानदार लगती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed