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Chandigarh News: भीतरघात पर भाजपा हाईकमान सख्त, तैयार होगा नेताओं का रिपोर्ट कार्ड
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इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर तय होंगी विधानसभा चुनाव की टिकटें
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज होगी विधायक दल की बैठक, मनोहर लाल भी रहेंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
चडीगढ़।
लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सभी दस सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने आधी से अधिक सीटों पर भीतरघात से निपटने के लिए सख्त रवैया अपना लिया है। भाजपा हाईकमान ने साफ कर दिया है कि भीतरघात करने वाले नेताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असक्रिय नेताओं को भी पार्टी ने चेतावनी दी है कि उनका रवैया ऐसा ही रहा तो पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। इसके अलावा हाईकमान ने तय किया है कि लोकसभा चुनाव में विधायकों, जिलाध्यक्षों, पूर्व विधानसभा प्रत्याशियों और नए दावेदारों का रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। उनकी गतिविधियों पर संगठन के पदाधिकारियों की निगरानी होगी। उनके विधानसभा हलकों में भाजपा लोकसभा प्रत्याशी को मिले वोट और रिपोर्ट कार्ड के आधार पर आगामी विधानसभा में चुनाव में टिकटें तय होंगी। हाईकमान का यह संदेश विधायकों और नेताओं तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार शाम को विधायक दल की बैठक बुलाई है। विधायकों को रात को सीएम आवास पर डिनर कराया जाएगा। इससे पहले, मंत्रिमंडल की बैठक भी होगी।
प्रदेश की दस में से पांच लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को भीतरघात की आशंका है। क्योंकि यहां पर स्थानीय भाजपा नेता प्रत्याशियों के साथ खुलकर नहीं आ रहे हैं। इनमें सिरसा, हिसार, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। सबसे अधिक खराब स्थिति सिरसा और हिसार में सामने आ रही है। हाईकमान के पास इन पांचों लोकसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट पहुंची तो उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री नायब सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इसे दूर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री हाईकमान के निर्देश पर प्रदेश के सभी भाजपा नेताओं को सहयोग का पाठ पढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली विधायकों की बैठक में प्रत्येक विधानसभा के हिसाब से चर्चा की जाएगी और फीडबैक लिया जाएगा।
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कई प्रत्याशियों ने दी है शिकायत
लोकसभा के चुनावी रण में उतरे भाजपा के कई प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री को फीडबैक दिया गया है कि पार्टी के विधायक खुलकर उनका सहयोग नहीं कर रहे हैं। यही स्थिति संगठन के नेताओं की है। टिकट के दावेदारों में शुमार रहे नेता भी प्रचार में नहीं उतरे हैं। इसके चलते यह बैठक बुलाई गई है। कैबिनेट मंत्रियों के साथ चर्चा के बाद पूर्व तथा मौजूदा मुख्यमंत्री विधायकों के साथ बातचीत करके उन्हें चुनाव प्रचार में शामिल होने का टास्क देंगे। प्रत्येक विधायक को अपने-अपने हलकों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही प्रभावी मंत्रियों को अपने हलके के साथ पास लगते दूसरे हलकों में भी ताकत झोंकनी होगी।
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विज पर रहेगी नजर
प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज के इस बैठक में शामिल होने पर सभी की नजरें लगी हुई हैं। अंबाला लोकसभा सीट से पार्टी ने पूर्व सांसद रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो कटारिया को चुनाव मैदान में उतारा है। हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अनिल विज पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं। विज चुनाव प्रचार को लेकर हो रही बैठकों में भी शामिल नहीं हुए हैं। पार्टी प्रत्याशी बंतो कटारिया के समर्थन में होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी विज ने खुद को अपने विधानसभा क्षेत्र तक ही सीमित किया हुआ है।
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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज होगी विधायक दल की बैठक, मनोहर लाल भी रहेंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
चडीगढ़।
लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सभी दस सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने आधी से अधिक सीटों पर भीतरघात से निपटने के लिए सख्त रवैया अपना लिया है। भाजपा हाईकमान ने साफ कर दिया है कि भीतरघात करने वाले नेताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असक्रिय नेताओं को भी पार्टी ने चेतावनी दी है कि उनका रवैया ऐसा ही रहा तो पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। इसके अलावा हाईकमान ने तय किया है कि लोकसभा चुनाव में विधायकों, जिलाध्यक्षों, पूर्व विधानसभा प्रत्याशियों और नए दावेदारों का रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। उनकी गतिविधियों पर संगठन के पदाधिकारियों की निगरानी होगी। उनके विधानसभा हलकों में भाजपा लोकसभा प्रत्याशी को मिले वोट और रिपोर्ट कार्ड के आधार पर आगामी विधानसभा में चुनाव में टिकटें तय होंगी। हाईकमान का यह संदेश विधायकों और नेताओं तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार शाम को विधायक दल की बैठक बुलाई है। विधायकों को रात को सीएम आवास पर डिनर कराया जाएगा। इससे पहले, मंत्रिमंडल की बैठक भी होगी।
प्रदेश की दस में से पांच लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को भीतरघात की आशंका है। क्योंकि यहां पर स्थानीय भाजपा नेता प्रत्याशियों के साथ खुलकर नहीं आ रहे हैं। इनमें सिरसा, हिसार, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। सबसे अधिक खराब स्थिति सिरसा और हिसार में सामने आ रही है। हाईकमान के पास इन पांचों लोकसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट पहुंची तो उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री नायब सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इसे दूर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री हाईकमान के निर्देश पर प्रदेश के सभी भाजपा नेताओं को सहयोग का पाठ पढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली विधायकों की बैठक में प्रत्येक विधानसभा के हिसाब से चर्चा की जाएगी और फीडबैक लिया जाएगा।
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कई प्रत्याशियों ने दी है शिकायत
लोकसभा के चुनावी रण में उतरे भाजपा के कई प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री को फीडबैक दिया गया है कि पार्टी के विधायक खुलकर उनका सहयोग नहीं कर रहे हैं। यही स्थिति संगठन के नेताओं की है। टिकट के दावेदारों में शुमार रहे नेता भी प्रचार में नहीं उतरे हैं। इसके चलते यह बैठक बुलाई गई है। कैबिनेट मंत्रियों के साथ चर्चा के बाद पूर्व तथा मौजूदा मुख्यमंत्री विधायकों के साथ बातचीत करके उन्हें चुनाव प्रचार में शामिल होने का टास्क देंगे। प्रत्येक विधायक को अपने-अपने हलकों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही प्रभावी मंत्रियों को अपने हलके के साथ पास लगते दूसरे हलकों में भी ताकत झोंकनी होगी।
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विज पर रहेगी नजर
प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज के इस बैठक में शामिल होने पर सभी की नजरें लगी हुई हैं। अंबाला लोकसभा सीट से पार्टी ने पूर्व सांसद रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो कटारिया को चुनाव मैदान में उतारा है। हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अनिल विज पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं। विज चुनाव प्रचार को लेकर हो रही बैठकों में भी शामिल नहीं हुए हैं। पार्टी प्रत्याशी बंतो कटारिया के समर्थन में होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी विज ने खुद को अपने विधानसभा क्षेत्र तक ही सीमित किया हुआ है।