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भाजपा को बगावत का डर, नामांकन वाले दिन ही होगी प्रत्याशी की घोषणा
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चंडीगढ़। मेयर के चुनाव के लिए भाजपा ने अब तक अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। वहीं, कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। भाजपा आलाकमान अभी तक अपने पार्षदों की नब्ज टटोलने में जुटी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा नामांकन के दिन ही चार जनवरी को मेयर प्रत्याशी के नाम का एलान करेगी। ऐसा इसलिए ताकि पार्टी में अगर बगावत के सुर उठे तो संभाला जा सके।
बीते दिनों प्रदेश भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम चंडीगढ़ पहुंचे थे और उन्होंने भाजपा के सभी पार्षदों, पार्टी के पदाधिकारियों और प्रकोष्ठ के प्रमुखों के साथ चर्चा की और उनसे 6 नाम मांगे थे। इसके अलावा उन्होंने सभी पार्षदों का बायोडाटा भी लिया है। जानकारी के अनुसार, इन सभी नामों पर पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा हुई है। मेयर पद के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद और पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली के नाम की चर्चाएं हैं। इनके अलावा पार्षद महेश इंदर सिद्धू भी दौड़ में शामिल हैं। माना जा रहा है आखिरी साल होने के चलते शहर में विकास कार्यों को गति देना होगा, इसके लिए एक ऐसे मेयर की आवश्यकता है, जो अधिकारियों के साथ मिलकर फंड की व्यवस्था कर सके। अगर पार्टी ऐसा सोच रही है तो सूद प्रबल दावेदार होंगे। सूद का पार्षदों द्वारा विरोध भी कर पाना मुश्किल होगा। उधर, शक्ति प्रकाश देवशाली को पिछले पांच सालों में सीनियर डिप्टी मेयर का पद मिला है, न डिप्टी मेयर और न ही मेयर। इसके अलावा वह कई सालों से पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं। हालांकि पार्टी किसे प्रत्याशी चुनती है, इसका ऐलान नामांकन के दिन ही किया जाएगा।
आठ जनवरी को मेयर चुनाव, पांच को नामांकन की जांच
चंडीगढ़ के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख चार जनवरी तय की गई है। पांच जनवरी को नामांकन की जांच होगी। इस बार का नगर निगम चुनाव काफी अहम रहने वाला है, क्योंकि 8 जनवरी को जो मेयर चुना जाएगा उन्हीं के कार्यकाल के दौरान नगर निगम का अगला चुनाव भी संपन्न होगा। चुनाव के लिए मनोनीत पार्षद अजय दता को प्रीजाइडिंग अधिकारी बनाया गया है। चुनाव में 26 पार्षद और एक सांसद की मतदान में हिस्सेदारी होगी। मनोनीत पार्षद मतदान में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। भाजपा के 20, शिअद का एक और कांग्रेस के पांच पार्षद हैं। उधर, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मेयर चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। शिअद किसी भी दल के मेयर पद के उम्मीदवार के लिए वोट नहीं करेगा। हालांकि मेयर के चुनाव में किसी के विरोध करने का भाजपा पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।
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अरुण सूद को मेयर प्रत्याशी बना सकती है भाजपा, समर्थन में 12 पार्षद : सूत्र
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद एक बार फिर मेयर बन सकते हैं। इससे पहले वह वर्ष 2016 में मेयर बने थे। इसी वर्ष दिसंबर में नगर निगम के चुनाव भी हुए थे। इन चुनावों में भाजपा 22 सीटों पर लड़ी थी, जिसमें से 20 सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। सूद के समर्थक नगर निगम में जीत का श्रेय उनके मेयर कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को देते हैं। सूद का विरोध करना भी पार्षदों के लिए मुश्किल होगा, क्योंकि इस वर्ष नगर निगम के चुनाव है और टिकट देने में प्रदेश अध्यक्ष की अहम भागीदारी होती है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में भाजपा के 12 पार्षद सूद को मेयर बनाने के समर्थन में है। इस पूरे मामले पर अरुण सूद ने कहा कि फिलहाल यह सभी अटकलें हैं। उन्होंने कहा कि आखिरी निर्णय पार्टी हाईकमान ही लेगा। इसके अलावा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम रविवार शाम को चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं।
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बीते दिनों प्रदेश भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम चंडीगढ़ पहुंचे थे और उन्होंने भाजपा के सभी पार्षदों, पार्टी के पदाधिकारियों और प्रकोष्ठ के प्रमुखों के साथ चर्चा की और उनसे 6 नाम मांगे थे। इसके अलावा उन्होंने सभी पार्षदों का बायोडाटा भी लिया है। जानकारी के अनुसार, इन सभी नामों पर पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा हुई है। मेयर पद के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद और पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली के नाम की चर्चाएं हैं। इनके अलावा पार्षद महेश इंदर सिद्धू भी दौड़ में शामिल हैं। माना जा रहा है आखिरी साल होने के चलते शहर में विकास कार्यों को गति देना होगा, इसके लिए एक ऐसे मेयर की आवश्यकता है, जो अधिकारियों के साथ मिलकर फंड की व्यवस्था कर सके। अगर पार्टी ऐसा सोच रही है तो सूद प्रबल दावेदार होंगे। सूद का पार्षदों द्वारा विरोध भी कर पाना मुश्किल होगा। उधर, शक्ति प्रकाश देवशाली को पिछले पांच सालों में सीनियर डिप्टी मेयर का पद मिला है, न डिप्टी मेयर और न ही मेयर। इसके अलावा वह कई सालों से पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं। हालांकि पार्टी किसे प्रत्याशी चुनती है, इसका ऐलान नामांकन के दिन ही किया जाएगा।
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आठ जनवरी को मेयर चुनाव, पांच को नामांकन की जांच
चंडीगढ़ के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख चार जनवरी तय की गई है। पांच जनवरी को नामांकन की जांच होगी। इस बार का नगर निगम चुनाव काफी अहम रहने वाला है, क्योंकि 8 जनवरी को जो मेयर चुना जाएगा उन्हीं के कार्यकाल के दौरान नगर निगम का अगला चुनाव भी संपन्न होगा। चुनाव के लिए मनोनीत पार्षद अजय दता को प्रीजाइडिंग अधिकारी बनाया गया है। चुनाव में 26 पार्षद और एक सांसद की मतदान में हिस्सेदारी होगी। मनोनीत पार्षद मतदान में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। भाजपा के 20, शिअद का एक और कांग्रेस के पांच पार्षद हैं। उधर, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मेयर चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। शिअद किसी भी दल के मेयर पद के उम्मीदवार के लिए वोट नहीं करेगा। हालांकि मेयर के चुनाव में किसी के विरोध करने का भाजपा पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।
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अरुण सूद को मेयर प्रत्याशी बना सकती है भाजपा, समर्थन में 12 पार्षद : सूत्र
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद एक बार फिर मेयर बन सकते हैं। इससे पहले वह वर्ष 2016 में मेयर बने थे। इसी वर्ष दिसंबर में नगर निगम के चुनाव भी हुए थे। इन चुनावों में भाजपा 22 सीटों पर लड़ी थी, जिसमें से 20 सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। सूद के समर्थक नगर निगम में जीत का श्रेय उनके मेयर कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को देते हैं। सूद का विरोध करना भी पार्षदों के लिए मुश्किल होगा, क्योंकि इस वर्ष नगर निगम के चुनाव है और टिकट देने में प्रदेश अध्यक्ष की अहम भागीदारी होती है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में भाजपा के 12 पार्षद सूद को मेयर बनाने के समर्थन में है। इस पूरे मामले पर अरुण सूद ने कहा कि फिलहाल यह सभी अटकलें हैं। उन्होंने कहा कि आखिरी निर्णय पार्टी हाईकमान ही लेगा। इसके अलावा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम रविवार शाम को चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं।