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हार पर मंथनः भाजपा की दरारें बोल उठीं

Thu, 08 Jan 2015 10:47 AM IST
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 08 Jan 2015 10:47 AM IST
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BJP Defeation Review in Chandigarh Mayor Election

मेयर चुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी से बनी दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। पार्टी के आठ पार्षद प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन को हटाने की मांग कर रहे हैं। पार्टी के आठ पार्षद और कुछ अन्य नेता भी प्रदेश अध्यक्ष टंडन को हटाने की मांग कर रहे हैं।

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संजय टंडन को वर्ष 2010 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। 2013 में वह दोबारा अध्यक्ष बने। इस साल उनका कार्यकाल खत्म होने वाला है। इस बीच सांसद किरण खेर भी बुधवार को दिल्ली रवाना हो गई हैं।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्होंने हाईकमान को अवगत करा दिया है कि हार के लिए पार्टी के कुछ लोग जिम्मेदार हैं। पार्टी के कुछ पार्षदों ने क्रास वोटिंग की है।
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हीरा नेगी ने बैठक बीच में छोड़ी
मेयर चुनाव में हार पर मंथन के लिए बुधवार शाम को भाजपा कार्यालय कमलम में बुलाई गई बैठक में खूब हंगामा हुआ। मेयर पद की उम्मीदवार रहीं हीरा नेगी बैठक में छोड़कर बाहर आ गईं। बैठक में यह मांग भी उठी कि प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दें।

क्रॉस वोटिंग का मुद्दा अहम

BJP Defeation Review in Chandigarh Mayor Election

भाजपा के कुछ पार्षद चाहते थे कि मेयर पद का उम्मीदवार कोई पंजाबी ही हो और उत्तराखंड से न हो। इसलिए पूरी कोशिश की गई कि हीरा नेगी को टिकट न मिले। पार्टी अध्यक्ष संजय टंडन भी चाहते थे कि मेयर पद के लिए टिकट आशा जसवाल को मिले।

इसके लिए उन्होंने सभी गोटियां फिट भी कर दी थीं मगर ऐन मौके पर सांसद किरण खेर ने हाईकमान से अनुमति लेकर सीक्रेट वोटिंग करवा दी और टंडन को बड़ी सियासी मात दी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार किरण खेर की किरकिरी करने के लिए पार्टी के कुछ पार्षदों ने क्रास वोटिंग की और एक ने दो जगह स्टांप लगाकर अपने वोट को अवैध किया। अब पार्टी में सवाल उठ रहे हैं कि संजय टंडन ही हीरा नेगी को जिताना नहीं चाहते थे, इसलिए क्रॉस वोटिंग हुई।

खेर की रणनीति फेल की

BJP Defeation Review in Chandigarh Mayor Election

किरण खेर ने बैठक कर कुछ मनोनीत पार्षदों को मना लिया था। पार्टी सूत्र मान रहे हैं कि कम से कम तीन मनोनीत पार्षदों ने पार्टी के पक्ष में वोट किया है और दो ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इस तरह पार्टी 14 अपने और तीन मनोनीत पार्षदों के वोट के साथ कुल 17 वोट से अपनी जीत सुनिश्चित कर सकती थी। मगर पार्टी को 15 वोट ही मिले।

सूत्रों की मानें तो भाजपा के दो वोट कांग्रेस को पड़े थे।  पिछले दिनों किरण खेर द्वारा बुलाई गई बैठक में पांच मनोनीत पार्षद पहुंचे थे। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की मां डॉ. अमृत तिवारी भी थीं, जो बीमार होने की वजह से वोट डालने नहीं पहुंचीं।

लोस चुनाव से ही शुरू हुआ खेर-टंडन विवाद
सांसद किरण खेर और संजय टंडन में लोकसभा चुनाव से ही टकराव शुरू हो गया था। अब मेयर चुनाव ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है।

सूद पर भी गिर सकती है गाज

BJP Defeation Review in Chandigarh Mayor Election

मेयर चुनाव की हार के बाद टंडन के करीबी माने जाने वाले भाजपा पार्षद अरुण सूद पर भी गाज गिर सकती है। उन पर भी हार का ठीकरा फोड़ा जा रहा है। इस समय सूद नगर निगम में विपक्ष के नेता हैं।

सूत्र बताते हैं कि उन्हें भी जल्दी ही इस पद से हाथ धोना पड़ सकता है। उन्हें हटाने के लिए पार्षद पहले से भी मांग कर रहे हैं। इस हार के बाद इस चर्चा को और हवा मिल गई है।

इस हार के लिए पार्टी की लीडरशिप जिम्मेदार है। चुनाव हारने से कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है। हार के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है, जबकि इस समय हार पर मंथन बेहद जरूरी है।
- सतिंदर सिंह, पार्षद, भाजपा

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