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मेयर चुनावः BJP दो को करेगी उम्मीदवारों का ऐलान, ये हैं संभावित नाम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Dec 2017 10:34 AM IST
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Chandigarh BJP
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ नगर निगम के नए मेयर, सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान बीजेपी दो जनवरी को करने जा रही है। नामांकन की तारीख तीन जनवरी तय कर दी गई है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस की ओर से अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा दो जनवरी को हर हाल में कर दी जाएगी। भाजपा के पार्टी प्रभारी प्रभात झा दो जनवरी को चंडीगढ़ में सभी पार्षदों की राय लेने के लिए आ रहे हैं।
वे ही इन तीनों पदों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम निर्णय लेंगे। वहीं कांग्रेस दवेंद्र सिंह बबला को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। हालांकि कांग्रेस चुनाव जीतने के आंकड़े से कोसो दूर है। कांग्रेस के नगर निगम में मात्र 4 पार्षद हैं। ऐसे में पलड़ा भारी होने के बावजूद उम्मीदवार तय करने को लेकर भाजपा के अलग-अलग गुटों में घमासान की स्थिति बनी हुई है।
मौदगिल की राह में टंडन गुट अटका सकता है रोड़ा
इस समय भाजपा में मेयर पद के दो प्रमुख दावेदार हैं, जिनमें अरुण सूद और देवेश मौदगिल का नाम प्रमुख है। अरुण सूद इससे पहले पिछले साल एक बार मेयर बन चुके हैं। अगर हाईकमान की ओर से यह निर्देश हुआ कि एक बार मेयर बन चुके को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा, तो ऐसी स्थिति में टंडन गुट की ओर से दूसरा नाम आगे बढ़ाया जाएगा।
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मौदगिल को रोकने के लिए टंडन गुट हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके लिए दिल्ली तक के नेताओं से संपर्क जारी है। मौदगिल के लिए सांसद किरण खेर और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन का गुट लॉबिंग कर रहा है, जबकि अरुण सूद के लिए भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का गुट लॉबिंग में जुटा है।
तीसरे सर्वमान्य पार्षद को भी आगे ला सकती है पार्टी
भाजपा में ऐसा भी हो सकता है कि सूद और मौदगिल को छोड़ किसी तीसरे पार्षद को उम्मीदवार बना दिया जाए, जिस पर कोई विवाद न हो और उसके नाम पर सभी गुट एकराय हो जाएं। ऐसी स्थिति में सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता का नाम भी आ सकता है। गुप्ता अकेले ऐसे नेता हैं, जो कि तीसरी बार चुनाव जीतकर आए हैं। माना जा रहा है कि गुप्ता की पार्टी के सभी नेताओं से बनती है। वहीं सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर में से एक पद के लिए किसी आरक्षित वर्ग के पार्षद को उम्मीदवार बनाने पर विचार किया जा रहा है।
इसमें भरत कुमार और फरमिला देवी के नाम पर विचार किया जा रहा है। उधर, अकाली पार्षद हरदीप सिंह को सीनियर डिप्टी मेयर पद का उम्मीदवार बनाने के लिए लॉबिंग चल रही है। हरदीप सिंह पिछले कार्यकाल में डिप्टी मेयर रह चुके हैं। हरदीप सिंह सांसद किरण खेर के भी करीबी हैं। इस बीच उम्मीद यह भी है कि निर्दलीय पार्षद दलीप शर्मा भी रणनीति के तहत मेयर, सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
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वे ही इन तीनों पदों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम निर्णय लेंगे। वहीं कांग्रेस दवेंद्र सिंह बबला को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। हालांकि कांग्रेस चुनाव जीतने के आंकड़े से कोसो दूर है। कांग्रेस के नगर निगम में मात्र 4 पार्षद हैं। ऐसे में पलड़ा भारी होने के बावजूद उम्मीदवार तय करने को लेकर भाजपा के अलग-अलग गुटों में घमासान की स्थिति बनी हुई है।
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मौदगिल की राह में टंडन गुट अटका सकता है रोड़ा
इस समय भाजपा में मेयर पद के दो प्रमुख दावेदार हैं, जिनमें अरुण सूद और देवेश मौदगिल का नाम प्रमुख है। अरुण सूद इससे पहले पिछले साल एक बार मेयर बन चुके हैं। अगर हाईकमान की ओर से यह निर्देश हुआ कि एक बार मेयर बन चुके को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा, तो ऐसी स्थिति में टंडन गुट की ओर से दूसरा नाम आगे बढ़ाया जाएगा।
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मौदगिल को रोकने के लिए टंडन गुट हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके लिए दिल्ली तक के नेताओं से संपर्क जारी है। मौदगिल के लिए सांसद किरण खेर और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन का गुट लॉबिंग कर रहा है, जबकि अरुण सूद के लिए भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का गुट लॉबिंग में जुटा है।
तीसरे सर्वमान्य पार्षद को भी आगे ला सकती है पार्टी
भाजपा में ऐसा भी हो सकता है कि सूद और मौदगिल को छोड़ किसी तीसरे पार्षद को उम्मीदवार बना दिया जाए, जिस पर कोई विवाद न हो और उसके नाम पर सभी गुट एकराय हो जाएं। ऐसी स्थिति में सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता का नाम भी आ सकता है। गुप्ता अकेले ऐसे नेता हैं, जो कि तीसरी बार चुनाव जीतकर आए हैं। माना जा रहा है कि गुप्ता की पार्टी के सभी नेताओं से बनती है। वहीं सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर में से एक पद के लिए किसी आरक्षित वर्ग के पार्षद को उम्मीदवार बनाने पर विचार किया जा रहा है।
इसमें भरत कुमार और फरमिला देवी के नाम पर विचार किया जा रहा है। उधर, अकाली पार्षद हरदीप सिंह को सीनियर डिप्टी मेयर पद का उम्मीदवार बनाने के लिए लॉबिंग चल रही है। हरदीप सिंह पिछले कार्यकाल में डिप्टी मेयर रह चुके हैं। हरदीप सिंह सांसद किरण खेर के भी करीबी हैं। इस बीच उम्मीद यह भी है कि निर्दलीय पार्षद दलीप शर्मा भी रणनीति के तहत मेयर, सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं।