हरियाणा में विरोध का नया अंदाज: विधायकों के पहुंचने से पहले दो जगह किसानों ने किया पार्क व बिजली घर का उद्घाटन
हरियाणा में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। हिसार में किसानों ने भाजपा और जजपा विधायकों को पार्क और बिजली घर का उद्घाटन करने का मौका नहीं दिया। विधायकों से पहले ही पहुंचकर आंदोलनरत किसानों ने दोनों जगहों पर फीता काट दिया। किसानों का कहना है कि भाजपा और जजपा के नेताओं का विरोध ऐसे ही चलता रहेगा।
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हरियाणा के हांसी में लाला हुक्म चंद जैन पार्क के बाद सोमवार को किसानों ने शहीद भगत सिंह पार्क के पुनर्निर्माण का भी उद्घाटन कर दिया। किसानों ने दोनों पार्क में लगे शिलापट्ट से विधायक का नाम भी हटा दिया। बता दें कि रविवार को किसानों को सूचना मिली थी कि भाजपा विधायक विनोद भयाना सोमवार को लाला हुक्म चंद जैन पार्क के पुनर्निर्माण का उद्घाटन करेंगे। इसकी सूचना मिलते ही किसान पार्क में पहुंचे और महंत इच्छापुरी के हाथों पार्क का उद्घाटन करा दिया। यही नहीं किसान रातभर पार्क में डटे रहे कि कहीं विधायक सुबह-सुबह पार्क में न पहुंच जाएं।
उधर, सोमवार को किसानों को सूचना मिली कि विधायक आज शहीद भगत सिंह पार्क में पुनर्निर्माण कार्य का उद्घाटन करेंगे। इस सूचना पर सुबह 10 बजे किसान वहां पहुंच गए। पहले तो किसानों ने पार्क की सफाई की और शहीदों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई की। इसके बाद बाबा इच्छापुरी महाराज के हाथों पार्क का रिबन कटवाकर उद्घाटन कर दिया। यह पार्क विधायक के आवास से लगभग 100 मीटर की दूरी पर ही है।
किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप खरड़ ने कहा कि जब तक नए कृषि कानून रद्द नहीं किए जाते, तब तक भाजपा के नेताओं का विरोध जारी रहेगा। जहां पर भी भाजपा-जजपा नेताओं का सरकारी कार्यक्रम होगा तो वे उसका डटकर विरोध करेंगे।
विधायक को करना था बिजली घर का उद्घाटन, किसानों ने पहले ही कर दिया
उधर, हिसार जिले के ही गांव बाडो पट्टी में सोमवार को विधायक जोगीराम सिहाग को एक अस्थायी बिजली घर का उद्घाटन करना था। टोल पर धरने पर बैठे किसानों को इसकी सूचना मिल गई। सूचना पर काफी संख्या में किसान उद्घाटन स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं, किसानों के विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही विधायक उद्घाटन करने नहीं पहुंचे।
करीब चार घंटे इंतजार के बाद प्रदर्शनकारियों ने गांव की मानदेय देवी के हाथों तिरंगा लहराकर उद्घाटन करवा दिया। हालांकि शाम को एक बार फिर से विधायक जोगी राम के बाडो पट्टी गांव पहुंचने की सूचना मिली। जिसके बाद दोबारा से किसान वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि विधायक जब आएंगे, उनको यहां काले झंडे दिखाएंगे। किसानों ने गांव के जलघर के सामने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है।
डिप्टी स्पीकर को दिखाए काले झंडे
बाडो पट्टी टोल से सोमवार को डिप्टी स्पीकर रणवीर गंगवा गुजरे, इस दौरान उन्हें भी किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। गंगवा के टोल से गुजरने की जैसे ही किसानों को सूचना मिली तो वे पहले से ही काले झंडे लेकर खड़े हो गए। रणवीर गंगवा जैसे ही अपने काफिले के साथ टोल पर पहुंचे तो किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।