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केरल नन रेप: आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने लिया पद छोड़ने का ऐलान, घोषित किया उत्तराधिकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 16 Sep 2018 09:59 AM IST
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बिशप फ्रैंको मुलक्कल
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केरल पुलिस का बिशप फ्रेंको पर शिकंजा कसता जा रहा है। गिरफ्तारी की तलवार लटकती देखकर बिशप ने अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। इसके अलावा कई अन्य जिम्मेदारियां भी बांट दी गई हैं। नन से दुराचार के आरोपों में घिरे बिशप फ्रेंको मुलक्कल ने जालंधर डायोसिस के अपने प्रमुख पद की जिम्मेदारियां अपनी अनुपस्थिति में मैथ्यू कोककंडम के हवाले करने का फैसला किया है।
फ्रेंकों ने अंतरविभागीय सर्कुलर जारी कर कहा है कि उन्हें लगता है कि उन्हें पुलिस की आगे की जांच के लिए केरल जाना पड़ेगा। उनकी अनुपस्थिति में मैथ्यू कोककंडम सारा कार्यभार देखेंगे। जालंधर स्थित बिशप हाउस के जन संपर्क अधिकारी फादर पीटर का कहना है कि बिशप ने इस्तीफा नहीं दिया सिर्फ अपनी अनुपस्थिति में अपनी जिम्मेदारी दी है। फादर फ्रेंको के मुताबिक यह एक सामान्य प्रक्रिया है। पहले भी उनकी अनुपस्थिति में मैथ्यू उनका कार्य देखते रहे हैं।
अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर फ्रेंको का कहना है कि उन्होंने सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है और लोग उनके लिए प्रार्थना भी कर रहे हैं। उनको यकीन है कि भगवान उन्हें इस मुश्किल की घड़ी में जरूर पार लगाएंगे। लिखे गए पत्र में उन्होंने साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा है कि मैं सब कुछ ऊपर वाले पर छोड़ता हूं। फ्रेंकों ने लिखा है कि उन्हें लगता है कि उन्हें अगली जांच के लिए केरल जाना पड़ेगा। इसलिए यह फैसला किया है ताकि उनकी गैरमौजूदगी में डायोसिस का कामकाज इसी तरह चलता रहे।
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फ्रेंकों ने अंतरविभागीय सर्कुलर जारी कर कहा है कि उन्हें लगता है कि उन्हें पुलिस की आगे की जांच के लिए केरल जाना पड़ेगा। उनकी अनुपस्थिति में मैथ्यू कोककंडम सारा कार्यभार देखेंगे। जालंधर स्थित बिशप हाउस के जन संपर्क अधिकारी फादर पीटर का कहना है कि बिशप ने इस्तीफा नहीं दिया सिर्फ अपनी अनुपस्थिति में अपनी जिम्मेदारी दी है। फादर फ्रेंको के मुताबिक यह एक सामान्य प्रक्रिया है। पहले भी उनकी अनुपस्थिति में मैथ्यू उनका कार्य देखते रहे हैं।
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अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर फ्रेंको का कहना है कि उन्होंने सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है और लोग उनके लिए प्रार्थना भी कर रहे हैं। उनको यकीन है कि भगवान उन्हें इस मुश्किल की घड़ी में जरूर पार लगाएंगे। लिखे गए पत्र में उन्होंने साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा है कि मैं सब कुछ ऊपर वाले पर छोड़ता हूं। फ्रेंकों ने लिखा है कि उन्हें लगता है कि उन्हें अगली जांच के लिए केरल जाना पड़ेगा। इसलिए यह फैसला किया है ताकि उनकी गैरमौजूदगी में डायोसिस का कामकाज इसी तरह चलता रहे।
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केरल पुलिस का हलफनामा पढ़ें
Nun Rape Case
केरल पुलिस ने अदालत में हलफनामा दायर कर कह दिया है कि अभी तक जांच में सामने आया है कि बिशप ने नन के साथ दुराचार किया है। केरल पुलिस ने उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर किया है। पुलिस ने आरोपी बिशप फ्रेंको मुलक्कल को समन जारी कर पूछताछ के लिए 19 सितंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
पुलिस ने हलफनामे में कहा कि जांच में साफ है कि बिशप फ्रैंको ने अप्राकृतिक अपराध किया है और उसने नन के साथ दुष्कर्म किया है। पीड़ित नन ने आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ अब भारत में वेटिकन के प्रतिनिधि जियामबटिस्टा दिक्वात्रो को पत्र लिखकर मामले की तेजी से जांच कराने और बिशप फ्रैंको को पद से हटाने की गुहार लगाई है।
मामले में केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। पीठ ने राज्य सरकार से इस संबंध में गठित विशेष जांच टीम की ओर से उठाए कदमों की जानकारी देने को कहा था। वहीं दूसरी तरफ, कोच्चि में केरल हाईकोर्ट के बाहर पांच नन शनिवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं, इनकी मांग है कि रेप के आरोपी जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस ने हलफनामे में कहा कि जांच में साफ है कि बिशप फ्रैंको ने अप्राकृतिक अपराध किया है और उसने नन के साथ दुष्कर्म किया है। पीड़ित नन ने आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ अब भारत में वेटिकन के प्रतिनिधि जियामबटिस्टा दिक्वात्रो को पत्र लिखकर मामले की तेजी से जांच कराने और बिशप फ्रैंको को पद से हटाने की गुहार लगाई है।
मामले में केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। पीठ ने राज्य सरकार से इस संबंध में गठित विशेष जांच टीम की ओर से उठाए कदमों की जानकारी देने को कहा था। वहीं दूसरी तरफ, कोच्चि में केरल हाईकोर्ट के बाहर पांच नन शनिवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं, इनकी मांग है कि रेप के आरोपी जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
ये है मामला
Nun Protest
जुलाई 2018 में केरल में एक नन ने कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज करवाया। नन का आरोप है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशन जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है।
कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बिशप मुलक्कल का यह भी आरोप है कि तबादले का आदेश वापस नहीं लेने पर नन के परिवार वालों ने भी उन्हें रेप के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।
कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बिशप मुलक्कल का यह भी आरोप है कि तबादले का आदेश वापस नहीं लेने पर नन के परिवार वालों ने भी उन्हें रेप के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।