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रीजनल कांफ्रेंस में बोले बीरेंद्र सिंह, राष्ट्रीय स्टील नीति लाएगा केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Tue, 07 Mar 2017 10:15 PM IST
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राष्ट्रीय स्टील नीति लाएगा केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय स्टील मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का कहना है कि देश में स्टील उत्पादन बढ़ाने, क्वालिटी बेहतर बनाने, स्टील उद्योग की दिक्कतों का समाधान करने और उपभोक्ताओं को वाजिब दाम पर उत्पाद दिलाने के मकसद से केंद्र सरकार नई स्टील नीति ला रही है। ताकि उद्योग एवं उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक बेंचमार्क तय किए जा सकें। नीति को अंतिम रूप देने से पहले उद्यमियों एवं उपभोक्ताओं के सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके लिए शीघ्र ही दिल्ली में सेकेंडरी स्टील निर्माताओं की राष्ट्रीय कांफ्रेंस का भी आयोजन किया जाएगा।
चौधरी बीरेंद्र मंगलवार को रेडिसन ब्लू में मंत्रालय एवं सीआईआई की ओर से मेक इन इंडिया, मेक इन स्टील पर आयोजित रीजनल कांफ्रेंस में बोल रहे थे। कांफ्रेंस में माहिरों ने स्टील उत्पादन के साथ खपत बढने का मंत्र भी दिया।
चौधरी बिरेंद्र ने पंजाब के सेकेंडरी स्टील उद्यमियों से आह्वान किया कि वे गेहूं धान की तर्ज पर स्टील उत्पादन में भी अग्रणी बनें। फिलहाल कुल स्टील उत्पादन का केवल तीन से चार फीसदी ही निर्यात किया जा रहा है, जबकि इसे आसानी से तीन गुना किया जा सकता है। केंद्र उद्योग को हर संभव सहयोग को तैयार है। शीघ्र ही मंडी गोबिंदगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टील टेक्नालाजी खोला जाएगा।
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चौधरी बीरेंद्र मंगलवार को रेडिसन ब्लू में मंत्रालय एवं सीआईआई की ओर से मेक इन इंडिया, मेक इन स्टील पर आयोजित रीजनल कांफ्रेंस में बोल रहे थे। कांफ्रेंस में माहिरों ने स्टील उत्पादन के साथ खपत बढने का मंत्र भी दिया।
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चौधरी बिरेंद्र ने पंजाब के सेकेंडरी स्टील उद्यमियों से आह्वान किया कि वे गेहूं धान की तर्ज पर स्टील उत्पादन में भी अग्रणी बनें। फिलहाल कुल स्टील उत्पादन का केवल तीन से चार फीसदी ही निर्यात किया जा रहा है, जबकि इसे आसानी से तीन गुना किया जा सकता है। केंद्र उद्योग को हर संभव सहयोग को तैयार है। शीघ्र ही मंडी गोबिंदगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टील टेक्नालाजी खोला जाएगा।
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माडर्न स्टील उत्पादन को तवज्जो देने के लिए किया प्रेरित
केंद्रीय स्टील मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
चौधरी बीरेंद्र ने कहा कि देश में प्रति व्यक्ति स्टील की खपत 61 किलोग्राम है और विश्व का औसत 208 किलो है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि इस खपत को शीघ्रता से दोगुना से अधिक किया जाए।
वर्ष 2013-14 में स्टील उत्पादन 102 मिलियन टन था, जोकि मौजूदा वित्त वर्ष में फरवरी तक 22 फीसदी ग्रोथ के साथ 126 मिलियन टन पहुंच गया। मंत्रालय का लक्ष्य 2030-31 तक उत्पादन तीन सौ मिलियन टन तक पहुंचाना है, इसके लिए मांग का भी उसी अनुपात में बढना अनिवार्य है। इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
स्टील मंत्री ने कहा कि देश में स्क्रैप की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंद्रह वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को सड़क से आउट करने पर विचार किया जा रहा है, इससे चालीस फीसदी स्क्रैप की उपलब्धता बढ़ेगी, आयात पर निर्भरता कम होगी। इस अवसर पर केंद्रीय स्टील राज्य मंत्री विष्णु देव साई, स्टील सचिव डा. अरूणा शर्मा, सेल चेयरमैन पीके सिंह समेत कई माहिर मौजूद रहे।
वर्ष 2013-14 में स्टील उत्पादन 102 मिलियन टन था, जोकि मौजूदा वित्त वर्ष में फरवरी तक 22 फीसदी ग्रोथ के साथ 126 मिलियन टन पहुंच गया। मंत्रालय का लक्ष्य 2030-31 तक उत्पादन तीन सौ मिलियन टन तक पहुंचाना है, इसके लिए मांग का भी उसी अनुपात में बढना अनिवार्य है। इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
स्टील मंत्री ने कहा कि देश में स्क्रैप की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंद्रह वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को सड़क से आउट करने पर विचार किया जा रहा है, इससे चालीस फीसदी स्क्रैप की उपलब्धता बढ़ेगी, आयात पर निर्भरता कम होगी। इस अवसर पर केंद्रीय स्टील राज्य मंत्री विष्णु देव साई, स्टील सचिव डा. अरूणा शर्मा, सेल चेयरमैन पीके सिंह समेत कई माहिर मौजूद रहे।