पर्यटक ध्यान दें! सुखना लेक पर एंट्री बैन है
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बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद चंडीगढ़ की सुखना लेक पर पुलिस का पहरा लगा पर्यटकों के लिए एंट्री बैन कर दी गई है। अब इसका सीधा असर चंडीगढ़ के पर्यटन पर पड़ सकता है। चंडीगढ़ हिमाचल, हरियाणा और पंजाब का गेटवे है।
इन राज्यों में आने जाने वाले यात्री चंडीगढ़ में अवश्य अपना समय गुजारते हैं। बर्ड फ्लू के कारण पर्यटक कुछ समय के लिए विमुख भी हो सकते हैं।
फिलहाल सुखना पर पर्यटकों के साथ जागिंग पर भी बैन लगा दिया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन के अगले आदेश तक यहां चंडीगढ़ पुलिस का पहरा रहेगा।
सुखना लेक जाने वाले सभी रास्तों को पांच सौ मीटर की दूरी से ही बेरीकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है। यहां आम लोगों का आना जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसका सीधा असर चंडीगढ़ के पर्यटन पर पड़ा है।
रोजाना 2 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं
जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पंजाब और हरियाणा में सैर सपाटे के लिए आने वाले पर्यटक सिटी ब्यूटीफुल का भी नजारा लेते हैं। चंडीगढ़ के इस आकर्षण को देखने के लिए रोजाना दो हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं।
ऐसे ही पर्यटक वीरवार को भी सुखना लेक पर पहुंचे उनको मायूस वापस लौटना पड़ा। जम्मू कश्मीर से आए नजीर अहमद ने कहा कि वह अपने रिश्तेदार का इलाज करवाने के लिए आए और वीरवार को सुखना लेक पर सैर करने के लिए पहुंचे। यहां पहुंचकर उनको बर्ड फ्लू की जानकारी मिली।
उनके साथ ही आए जावेद अहमद ने कहा कि चंडीगढ़ की सुखना लेक को देखने की काफी इच्छा थी पर जब ऐसा मौका आया तो लेक ही बंद कर दी गई। गुजरात के रहने वाले हार्दिक और श्रेया का परिवार मनाली के बाद चंडीगढ़ में सुखना लेक को देखने पहुंचा तो उनको उल्टे पांव लौटना पड़ा। मुंबई के रहने वाले महेश कोठारी और सीमा भी चंडीगढ़ की सुखना लेक से मायूस होकर लौट गए।
पार्किंग वालों की छुट्टी
सुखना लेक पर पार्किंग कर्मचारी ऋषि शुक्ला ने कहा कि पार्किंग में रोजाना करीब तीन सौ कार और साढ़े तीन सौ स्कूटर पार्क होते थे। वीरवार को यहां सन्नाटा छाया रहा। उन्होंने कहा कि ऐसा मंजर उन्होंने पहली बार देखा है।