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हरियाणा: जबरन धर्मांतरण के खिलाफ विधेयक पारित, उल्लंघन पर 10 साल की सजा व अधिकतम पांच लाख का जुर्माना

Tue, 22 Mar 2022 09:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 22 Mar 2022 09:20 PM IST
सार

किसी प्रलोभन, बल प्रयोग, षड्यंत्र से धर्म परिवर्तन करवाया जाता है तो एक वर्ष से 5 वर्ष तक का कारावास और कम से कम एक लाख रुपये जुर्माना होगा।

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Bill against forced conversion passed in Haryana Assembly
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून जल्द अस्तित्व में आ जाएगा। मंगलवार को प्रदेश सरकार ने हरियाणा विधिविरुद्ध धर्म परिवर्तन निवारण विधेयक, 2022 विधानसभा में पारित करा लिया। दो घंटे से अधिक समय तक चर्चा के बाद विपक्ष ने विधेयक का विरोध करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।

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सरकार ने जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध विधेयक में कड़े प्रावधान किए हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधेयक के कानून बनते ही अधिसूचना जारी हो जाएगी। जबरन धर्मांतरण साबित होने पर अधिकतम दस साल कैद व न्यूनतम पांच लाख रुपये जुर्माना होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले 4 सालों में जबरन धर्मांतरण के 127 मामले दर्ज हुए हैं। 
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कई बार तो लड़की के परिवार वाले ऐसे मामलों को रिपोर्ट ही नहीं करते, इसलिए संख्या अधिक भी हो सकती है। समाज का भाईचारा बिगड़ना नहीं चाहिए, जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगना आवश्यक है। विशेष कानून की जरूरत इसलिए पड़ी ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। आईपीसी में जो प्रावधान नहीं हैं, वह इस कानून में किए गए हैं। कोई अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर सकता है, बशर्ते उसे जिला मजिस्ट्रेट के सामने आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

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ये भी किए प्रावधान  
स्वेच्छा से धर्म-परिवर्तन की जानकारी धार्मिक पुरोहित या अन्य व्यक्ति को डीसी को आयोजन स्थल के साथ पूर्व में देनी होगी। नोटिस को डीसी कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को आपत्ति है तो वह 30 दिनों के भीतर लिखित में अपनी शिकायत दायर कर सकता है।
 
डीसी जांच कर यह तय करेंगे कि धर्म परिवर्तन का आशय धारा-3 की उल्लंघन है या नहीं। यदि इसमें कोई उल्लंघन पाया जाता है तो आग्रह अस्वीकार कर दिया जाएगा। डीसी के आदेश के विरुद्ध 30 दिनों के भीतर मंडल आयुक्त के समक्ष अपील की जा सकती है।

अलग-अलग सजा व जुर्माना का प्रावधान

  • किसी प्रलोभन, बल प्रयोग, षड्यंत्र से धर्म परिवर्तन करवाया जाता है तो एक वर्ष से 5 वर्ष तक का कारावास और कम से कम एक लाख रुपये जुर्माना होगा।
  • विवाह के लिए धर्म छिपाया है तो 3 से 10 साल तक कारावास और कम से कम 3 लाख रुपये जुर्माना लगेगा।
  • सामूहिक धर्म परिवर्तन के संबंध में विधेयक की धारा-3 के उपबंधों का उल्लंघन करने पर 5 से 10 साल तक का कारावास और कम से कम 4 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
  • एक बार से अधिक जबरन धर्मांतरण में पकड़े जाने पर दस साल की सजा व पांच साल से कम जुर्माना नहीं होगा।
  • कोई संस्था अथवा संगठन कानून का उल्लंघन करता है तो पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। कानून का उल्लंघन संज्ञेय अपराध और गैर-जमानती होगा।

16.5 मीटर ऊंची सोसायटी को नहीं लेनी होगी फायर एनओसी
हरियाणा में अब साढ़े सोलह मीटर से ऊंची आवासीय सोसायटी को सरकार से फायर सेफ्टी की एनओसी लेनी होगी। पहले यह सीमा पंद्रह मीटर तक थी। सरकार ने ऊंचाई को डेढ़ मीटर बढ़ा दिया है। सरकार ने इसके लिए मंगलवार को सदन में हरियाणा अग्निशमन तथा आपातकालीन सेवा विधेयक, 2022 पारित करवाया। कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने कुछ शंकाएं जताईं, जिन्हें शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने एक-एक कर दूर किया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विधेयक पारित होने के बाद इसे कानूनी रूप देकर लागू करेंगे। इसके बाद अब संस्थानों को प्रतिवर्ष रिन्यूअल सर्टिफिकेट नहीं लेना पड़ेगा। इसके लिए अब 3 साल और 5 साल के नियम तय किए हैं। ऐसे संस्थानों को काफी सुविधा होगी और वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक कंपनियों को एनओसी लेने में सुविधा होगी। नौ मीटर से अधिक ऊंचाई के शैक्षणिक भवनों व संस्थागत भवनों के लिए भी एनओसी लेना जरूरी है।

ये विधेयक भी हुए पारित

  • हरियाणा यांत्रिक यान (टोल टैक्स) संशोधन विधेयक , 2022 में किए संशोधन अनुसार जो व्यक्ति टोल टैक्स लेगा वह सभी सड़क अवसंरचनाओं का अच्छा रखरखाव करेगा।
  • हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण , विनियमन एवं प्रबंधन) प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक , 2022। इस समय पानी के पुन: उपयोग के संबंध में अनेक निर्णय व नियम है, इसलिए यह जरूरत महसूस की गई कि एक ही व्यवस्था बनाई जाए। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण इस पानी के सभी तरह के उपयोगों के लिए दरें निर्धारित करने की भी सिफारिश करेगा।
  • हरियाणा विधि (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2022। जेलों में बंद कैदियों के पैरोल के लिए पहले कोई तय नियम नहीं थे। अब नियम तय किए गए हैं।
  • हरियाणा में अभी तक मानव अंग प्रत्यारोपण की कोई सुविधा नहीं है। अब पीजीआईएमएस रोहतक में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो जाएगी। मानव अंग प्रतिरोपण (हरियाणा विधिमान्यकरण) विधेयक 2022 से यह सुविधा शुरू करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही मानव अंगों की तस्करी भी रोक सकेंगे। 
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