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ट्रैफिक नियमों पर सख्ती: चंडीगढ़ पुलिस लाइन की एक बाइक के शहर में सबसे ज्यादा 411 चालान, आरएलए भी हैरान

Wed, 22 Jan 2025 03:17 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 22 Jan 2025 03:17 PM IST
सार

चंडीगढ़ में 1.41 लाख वाहनों पर 10.80 लाख चालान पेंडिंग हैं। कई ऐसी गाड़ियां हैं, जिनपर 200-300 चालान हैं। ऐसे 43,216 चालकों को आरएलए नोटिस जारी कर रहा है। 

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bike of Chandigarh Police Line has highest number of challans in city
चंडीगढ़ में ट्रैफिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ेगी। एक ही बाइक पर 411 चालानों का रिकॉर्ड बन गया है। ये बाइक भी सेक्टर-26 के पुलिस लाइन की है। इतने ज्यादा चालान होने पर सेक्टर-17 स्थित आरएलए ने बाइक नंबर की सभी तरह की सर्विस बंद कर दी है। 

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आरएलए ने रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला है कि 1.41 लाख वाहनों पर 10.80 लाख चालान पेंडिंग हैं। कई ऐसी गाड़ियां हैं, जिनपर 200-300 चालान हैं। ऐसे 43,216 चालकों को नोटिस जारी कर डीएल और आरसी सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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चालान को गंभीरता से नहीं ले रहे चालक

शहर में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले लोगों का कैमरों से लगातार चालान कट रहे हैं लेकिन लोग उसे गंभीरता से नहीं ले रहे और चालान के पैसे जमा नहीं करा रहे। इसलिए ही प्रशासन ने नया आदेश जारी किया है कि यदि किसी वाहन मालिक के नाम पर 5 या उससे अधिक चालान बकाया हैं, तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (आरसी) निलंबित कर दिया जाएगा। 

इसके बाद अब रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) ने ऐसे 1.41 लाख वाहनों की सूची बनाई है, जिन पर 10.80 लाख चालान दर्ज हैं और इन्होंने जमा नहीं कराए हैं। इसमें सबसे ज्यादा एक बाइक पर ही 411 चालान हैं। ये पूरे शहर में एक गाड़ी पर सबसे ज्यादा चालान हैं। हैरानी की बात यह भी है कि यह बाइक सेक्टर-26 के पुलिस लाइन में पते पर रजिस्टर्ड हैं। आरएलए ने तत्काल प्रभाव से इस बाइक के आरएलए से जुड़े किसी भी सेवा पर रोक लगा दी है और गाड़ी की आरसी रद्द करने के लिए नोटिस भेजा है। आरएलए के पास ऐसी कई गाड़ियों की सूची है, जिनपर 200-300 चालान हुए हैं।

बाहर की गाड़ी है तब भी होगी कार्रवाई

चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा के साथ हिमाचल व अन्य जगह से भी गाड़ियां रोजाना आती और जाती हैं। ऐसे में बहुत सारे चालान पड़ोसी राज्यों के वाहनों के हैं। आरएलए ने इस बार ऐसी व्यवस्था की है कि उन पर भी कार्रवाई हो सकेगी।

इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट का हवाला देकर दिल्ली स्थित वाहन पंजीकरण के नेशनल पोर्टल से ही उन वाहनों की सेवाओं को बंद कर दिया गया है। इससे वो किसी भी राज्य के हों, अपने वाहन से जुड़े किसी भी कार्य को नहीं करा पाएंगे। वो अपने राज्य में अपने आरटीओ में जब भी जाएंगे, पहले उन्हें चालान की राशि जमा कराने को कहा जाएगा। 

आरएलए के अनुसार उन्हीं के लाइसेंस व आरसी रद्द होगी, जिन्होंने चालान होने के 90 दिन के बाद भी भुगतान नहीं किया है। हालांकि पहले वाहन मालिक को 15 दिन का समय मिलेगा, ताकि वह चालान की राशि जमा कर सके। जिन वाहन चालकों के पास 5 या अधिक चालान लंबित हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर भुगतान करने का नोटिस भेजा जाएगा।

चालान की संख्या इतनी कि सीटीयू से बुलाने पड़े 12 कर्मी

आरएलए ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो चालान नहीं जमा करने वालों की संख्या काफी ज्यादा निकली। ऐसे में अब तक 43,216 नोटिस प्रिंट किया जा चुके हैं और उन्हें लिफाफे में डालकर भेजा जा रहा है। जो पते बदल गए हैं, उन्हें अन्य माध्यमों से नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।

नोटिस इतने ज्यादा हैं कि आरएलए ने सीटीयू की सहायता मांगी है और बुधवार को 12 कर्मचारी बुलाए हैं, ताकि नोटिसों को लिफाफे में भरकर जल्द से जल्द उल्लंघनकर्ताओं के पते पर भेजा जा सके। 15 दिन के अंदर अगर किसी को कोई आपत्ति होगी तो वह आरएलए से संपर्क कर सकता है, अन्यथा उनके डीएल और आरसी को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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