भूपेंद्र के मोबाइल की जांच रिपोर्ट में गोरखधंधे में शामिल सभी के संबंध मिले, व्हाट्सएप कॉल से होती थी बात
- खरखौदा शराब घोटाले के मामले में पुलिस ने शराब तस्कर भूपेंद्र के मोबाइल को जांच के लिए भेजा था लैब
- एसआईटी के डीएसपी ने कहा- भूपेंद्र के तस्करी की शिकायत खुद करने का दावा भी पूरी तरह से गलत निकला
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खरखौदा के शराब घोटाले की जांच के लिए सबसे अहम साबित होने वाली माफिया भूपेंद्र के मोबाइल की जांच रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। जिसके आधार पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इससे यह साफ हो रहा है कि इस गोरखधंधे में शामिल सभी के आपस में संबंध हैं और उनके बीच बातचीत होती थी। इसके साथ ही यह साफ हुआ है कि इनके बीच व्हाट्सएप कॉल पर ज्यादा बात होती थी। लेकिन उसका कोई रिकॉर्ड पुलिस को नहीं मिल सका है।
भूपेंद्र के मोबाइल की जांच रिपोर्ट को पुलिस अब शराब तस्करी व चोरी के मुकदमों में शामिल करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर किसी अन्य का नाम भी सामने आया है या नहीं, इस बारे में पुलिस अभी खुलासा करने से बच रही है और इस रिपोर्ट को लेकर अभी पूरी छानबीन करने की बात कही जा रही है। खरखौदा में तस्करी की जब्त की गई शराब गोदाम से गायब मिलने पर छानबीन शुरू हुई तो वहां से लगभग 6 हजार पेटी गायब मिलीं। जिसमें शराब माफिया भूपेंद्र के साथ दो इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिस वालों पर मुकदमा दर्ज करके छानबीन शुरू कराई गई।
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इसमें शराब माफिया भूपेंद्र के अलावा उनका साथी सतीश, इंस्पेक्टर जसबीर, आबकारी इंस्पेक्टर धीरेंद्र, पुलिस कर्मी जयपाल की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें सबसे पहले भूपेंद्र को गिरफ्तार किया गया था तो उसके मोबाइल को जांच के लिए लैब में भेजा गया था। जिससे मोबाइल में छिपे सभी राज का पता लग सके और उसके आधार पर भी शराब के खेल में शामिल सभी पर शिकंजा कसा जा सके। जबकि उस समय शराब माफिया भूपेंद्र ने दावा किया था कि उसने ही मोबाइल से कई अधिकारियों को मैसेज करके खराब चोरी के बारे में बताया था और उसके पास मोबाइल होता तो वह उसके सुबूत दिखा सकता था। जिसके बाद से हर कोई भूपेंद्र के मोबाइल की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा था।
अब भूपेंद्र के मोबाइल की जांच रिपोर्ट पुलिस को मिली है, जिसको एसआईटी अपनी जांच में शामिल कर रही है। एसआईटी के डीएसपी नरेंद्र कादियान ने बताया कि भूपेंद्र के मोबाइल की जांच रिपोर्ट से जहां यह साफ हो गया है कि शराब के गोरखधंधे में शामिल सभी के आपस में संबंध थे। वहीं भूपेंद्र का वह दावा भी गलत निकला, जिसमें वह खुद ही अधिकारियों को मैसेज कर शराब चोरी की शिकायत करने का दावा कर रहा था। इसके साथ ही जिस तरह की रिपोर्ट मिली है, उसको देखकर लग रहा है कि यह सभी आपस में व्हाट्सएप कॉल पर ज्यादा बात करते थे और उसका रिकॉर्ड नहीं मिला है।
भूपेंद्र के जिस मोबाइल को जांच के लिए भेजा गया था, उसकी रिपोर्ट मिल गई है। उससे यह साफ हो गया है कि शराब के गोरखधंधे में शामिल सभी के आपस में संबंध थे तो भूपेंद्र की वह बात भी गलत निकली, जिसमें उसने खुद मैसेज करके अधिकारियों से शिकायत करने का दावा किया था। इसके अलावा रिपोर्ट के आधार पर अभी छानबीन चल रही है, जिसके बारे में बाद में बताया जा सकेगा। - नरेंद्र कादियान, डीएसपी एसआईटी