पाक रेंजरों की नापाक साजिश की खुली पोल, तस्करों के साथ समझौता कर हिंदुस्तान भेज रहे 'जहर'
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पाकिस्तानी रेंजरों का तस्करों के साथ दिन के हिसाब से समझौता होता है। इसी के जरिए पाक तस्कर भारतीय खेतों तक आकर हेरोइन व असलाह की खेप छिपाकर चले जाते हैं। यह खुलासा काउंटर इंटेलीजेंस द्वारा पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ के दौरान किया है। काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी नरेंद्रपाल सिंह सिद्धू ने बताया कि इस साल उनकी टीम ने पाकिस्तान से आई लगभग दस किलो हेरोइन के साथ दस तस्कर गिरफ्तार किए हैं।
कई तस्करों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि पाक तस्करों के पाकिस्तानी रेंजरों के साथ दिनों के हिसाब से समझौता होता है। इसके बाद पाक तस्कर उसी रास्ते से भारतीय क्षेत्र में अपने भारतीय साथियों को हेरोइन और असलहा की खेप पहुंचाते रहते हैं। एआईजी ने बताया कि 2017 में काउंटर इंटेलीजेंस का थाना फाजिल्का में स्थापित हुआ है, तब से लेकर अब तक कई बड़े तस्करों को पकड़कर जेलों में पहुंचाया गया है।
ऐसे तस्करों की गिनती लगभग 70 है। काउंटर इंटेलीजेंस उक्त तस्करों की जमानत नहीं होने दे रहा है। उनकी टीमें सरहदी क्षेत्र के शरारती तत्वों पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं। बठिंडा रेंज के एआईजी अजय मलूजा का कहना है कि पहले की तुलना में पाकिस्तान से हेरोइन की बड़ी खेप नहीं आ रही है, क्योंकि सभी बड़े तस्कर जेलों में बंद है।
एक सवाल के जवाब में मलूजा ने कहा कि उनके क्षेत्र (फिरोजपुर व फाजिल्का रेंज) में पाक ड्रोनों के जरिए हेरोइन व असलाह की कोई खेप नहीं फेंकी गई है। रात के समय ग्रामीणों ने जरूर आसमान में कोई चमकने वाली वस्तु देखी है।
बीएसएफ ने इस साल पकड़ी 206 किलो हेरोइन व अन्य सामग्री
पाक रेंजरों से कॉन्ट्रेक्ट के चलते पाक तस्करों ने सरहद पर इस साल 206 किलो हेरोइन भेजी है, जिसे बीएसएफ व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा है। इसी तरह पाक तस्करों ने भारतीय तस्करों तक असलहा पहुंचाने का भी प्रयास किया लेकिन बीएसएफ ने इस साल दस विदेशी पिस्तौल, 455 कारतूस, एक किलो से अधिक अफीम और 21 पाकिस्तानी मोबाइल सिम कार्ड पकड़े हैं।