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Haryana News: साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में राम रहीम को बड़ी राहत, CBI की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
Fri, 16 Sep 2022 10:08 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 16 Sep 2022 10:08 PM IST
सार
राम रहीम को जमानत किसी भी स्थिति में नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वह गवाहों को प्रभावित करवा सकता है। साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में मिली जमानत को आधार बनाकर वह अन्य मामलों में भी फायदा ले सकता है। हाईकोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की थी और अब मामले का ट्रायल तेजी से चल रहा है।
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राम रहीम
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम को बड़ी राहत देते हुए नियमित जमानत रद्द करने की मांग वाली सीबीआई की याचिका को खारिज कर दिया है। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा कि राम रहीम जेल में है। कई अन्य मामले लंबित हैं और उनमें से एक 400 से अधिक साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला भी शामिल है।
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राम रहीम को जमानत किसी भी स्थिति में नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वह गवाहों को प्रभावित करवा सकता है। साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में मिली जमानत को आधार बनाकर वह अन्य मामलों में भी फायदा ले सकता है। हाईकोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की थी और अब मामले का ट्रायल तेजी से चल रहा है। ऐसे में राम रहीम को दी गई जमानत को रद्द किया जाना चाहिए।
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यह है मामला
गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा के पूर्व अनुयायी हंसराज चौहान ने वर्ष 2012 में हाईकोर्ट में याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि राम रहीम के आदेश पर उसे और 400 अन्य संतों को डेरा के अंदर जबरन नपुंसक बनाया गया था। चौहान ने आरोप लगाया था कि राम रहीम अनुयायियों को अपने अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की मदद से नपुंसक बनाता है। उन्हें कहा जाता था कि नपुंसकत्व के जरिए उन्हें भगवान से मिलाया जाएगा।
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मामले में जज ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने चौहान के मेडिकल परीक्षण का आदेश दिया था, जिसमें नपुंसकता की पुष्टि हुई थी। इसमें राज्य सरकार ने भी एक रिपोर्ट दायर की थी, जिसमें डेरा प्रमुख से जुड़े सात लोगों के बयान थे। उन्होंने नपुंसक बनाने की पुष्टि की थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ अंग भंग करने व साजिश रचने का केस दर्ज कर लिया था।