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Punjab: आईपीएस आशीष कपूर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 2022 में दर्ज एफआईआर में आगे कार्रवाई पर रोक
Fri, 17 Feb 2023 11:59 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 17 Feb 2023 11:59 PM IST
सार
कपूर ने कहा कि अथॉरिटी को केस की मेरिट में जाकर इस प्रकार का आदेश जारी करने का अधिकार ही नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही अगले आदेश तक इस एफआईआर में आगे कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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आशीष कपूर।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
आईपीएस आशीष कपूर ने पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी द्वारा दुष्कर्म और भ्रष्टाचार के आरोपों की कैंसिलेशन रिपोर्ट के खिलाफ पीड़ित महिला की शिकायत को आधार बनाकर दोबारा जांच करने के आदेश को चुनौती दी है। याची ने कहा कि अथॉरिटी ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर यह आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने अब 2022 में अथॉरिटी के आदेश के बाद दर्ज एफआईआर में आगे कोई भी कार्रवाई करने पर रोक लगाते हुए कपूर को बड़ी राहत दी है।
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पंजाब विजिलेंस ने एआईजी आशीष कपूर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत एफआईआर दर्ज की थी। मामला 2016 का है जब वह सेंट्रल जेल अमृतसर में अधीक्षक पद पर तैनात थे। आरोप के अनुसार एक महिला अपनी मां, भाई और भाभी के साथ जीरकपुर के एक थाने में पुलिस रिमांड में थी। तब आशीष कपूर वहां आए और महिला की मां को आश्वासन दिया कि वह अदालत से उनकी जमानत और बरी करने की व्यवस्था करेंगे।
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आशीष कपूर ने जीरकपुर के तत्कालीन एसएचओ पवन कुमार और एएसआई हरजिंदर सिंह की मिलीभगत से एक महिला को निर्दोष घोषित कर दिया। इन मामलों की जांच के बीच पीड़िता ने आशीष कपूर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी थी जो अभी ट्रायल कोर्ट के समक्ष लंबित थी। इस दौरान पीड़िता ने पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी को शिकायत दी थी।
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शिकायत को आधार बनाते हुए अथॉरिटी ने इस मामले में दोबारा जांच का आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुरूप पुलिस ने इस मामले में नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। कपूर ने कहा कि अथॉरिटी को केस की मेरिट में जाकर इस प्रकार का आदेश जारी करने का अधिकार ही नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही अगले आदेश तक इस एफआईआर में आगे कार्रवाई पर रोक लगा दी है।