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बड़ी राहत, स्टेनो-टाइपिस्ट से नहीं पूछे जाएंगे सांख्यिकी के प्रश्न
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 May 2016 01:39 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
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चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में भर्ती किए जाने वाले स्टेनो-टाइपिस्ट और क्लर्कों को अब अपने विषय से अलग सवालों का जवाब नहीं देना पड़ेगा। प्रशासन ने इन पदों पर भर्ती के लिए जो परीक्षा के मानदंड तय किए थे, उनके अंतर्गत स्टेनो-टाइपिस्ट से गणित और सांख्यिकी के सवाल पूछने का फैसला किया गया था। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस संबंध में तीन आवेदकों द्वारा दायर याचिका निपटारा करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए कि याची की रिप्रेजेंशन के आधार पर तुरंत स्पीकिंग आर्डर जारी किए जाएं।
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जस्टिस ऋ तु बाहरी की कोर्ट में मनोज चहल व अन्य द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि चंडीगढ़ प्रशासन ने पिछले साल नवंबर माह में विभिन्न विभागों में क्लर्कों और स्टेनो के लगभग 250 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें 34 पद स्टेनो-टाइपिस्ट के लिए थे, लेकिन प्रशासन ने सभी 250 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का एक ही मापदंड तय कर दिया। इसके तहत सभी आवेदक, जिनमें क्लर्क, स्टेनो व टाइपिस्ट पद के आवेदक शामिल हैं, के लिए स्टेटिक्स (सांख्यिकी) और गणित की परीक्षा देना अनिवार्य कर दिया गया।
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इस मानदंड के खिलाफ स्टेनो-टाइपिस्ट के आवेदकों ने चंडीगढ़ प्रशासन के समक्ष गत तीन फरवरी को एक रिप्रेजेंटेशन देकर मांग की कि स्टेनो-टाइपिस्ट के पद के लिए सांख्यिकी व गणित की परीक्षा का कभी प्रावधान नहीं हुआ, बल्कि इन पदों के लिए केवल टाइपिंग टेस्ट लिया जाता रहा है। इसलिए इन पदों पर नियुक्ति की शर्तों में बदलाव करके स्टेनो-टाइपिस्ट के आवेदकों से केवल टाइपिंग टेस्ट ही लिया जाए, लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन ने इस रिप्रेजेंटेशन को दरकिनार करते हुए अपने फैसले को बनाए रखा।
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इसे लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ऋ तु बाहरी ने भी हैरानी जतायी कि क्लर्क व स्टेनो टाइपिस्ट की नियुक्ति के लिए परीक्षा के यह मानदंड कैसे तय किए। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए कि वे याचिकाकर्ता द्वारा दी गई रिप्रेजेंटेशन के आधार पर आदेश जारी करे।
हायर एजुकेशन विभाग ने बनाया क्लर्कों के लिए पेपर
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा की जा रही 250 क्लर्कों और स्टेनो टाइपिस्ट की भरती को लेकर जो पेपर तैयार किया गया है, उसका जिम्मा निदेशक हायर एजुकेशन ने संभाला था। आम तौर पर जिस विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाती है, उसके लिए होने वाली भर्ती के मापदंड संबंधित विभाग ही तय करता है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग को सभी विभागों में रिक्त पदों पर उक्त भर्ती के लिए पेपर तैयार करने का काम सौंपा।