Operation Amritpal: अमृतपाल का साथी पपलप्रीत गिरफ्तार, 23 दिन बाद पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी
पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के संगठन वारिस पंजाब को मजबूत कर खालिस्तान का खाका खींचने का पूरा षड्यंत्र अमृतसर के गांव मरड़ी कलां के पपलप्रीत ने रचा था। 18 मार्च के बाद अमृतपाल को फरार करवाने में भी उसकी मुख्य भूमिका है। पपलप्रीत हमेशा से विवादों में रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के साथ भागे पपलप्रीत सिंह (38) को पंजाब पुलिस ने 23 दिन बाद अमृसतर के गांव कत्थूनंगल से गिरफ्तार कर लिया। पपलप्रीत सिंह वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह का काफी करीबी है। पंजाब से भागने के दौरान दोनों कई बार एक साथ देखे गए। पपलप्रीत को अमृतपाल का सरंक्षक माना जाता है। वह कथित तौर पर पाकिस्तान के आईएसआई के संपर्क में रहा है। उसे जिस गांव से दबोचा गया है, वह भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित है। हालांकि पुलिस ने उसके पाकिस्तान भागने से इन्कार किया है।
पंजाब पुलिस के आईजी (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल और डीआईजी बॉर्डर रेंज नरेंद्र भार्गव ने बताया कि पपलप्रीत को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसे असम के डिब्रूगढ़ स्थित जेल में भेजने की तैयारी चल रही है। उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं। पुलिस इन मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।
अमृतपाल को भगाने में रही अहम भूमिका
सूत्रों ने बताया कि अमृतपाल को भगाने में पपलप्रीत की अहम भूमिका रही है। वही उसे सुरक्षित ठिकानों में छिपाता रहा है। पपलप्रीत ही अमृतपाल को हरियाणा के शाहाबाद में अपनी परिचित महिला के पास ले गया था। उसके बाद दिल्ली, उत्तराखंड और यूपी तक पहुंचे। इस बीच दोनों के कई वीडियो और एक सेल्फी भी वायरल हुई। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए पपलप्रीत ही अमृतपाल का वेश बदलता रहा। अमृतपाल कभी गुलाबी पगड़ी में दिखा तो कभी खुले बालों में। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब सख्ती बढ़ी तो दोनों पंजाब लौट आए। इसके बाद वह अमृतसर आ गया।
Pro-Khalistani sympathiser Amritpal Singh's aide Papalpreet Singh arrested from Hoshiarpur in an operation conducted by Punjab Police and its counter-intelligence unit: Sources pic.twitter.com/viDBYofrNd
— ANI (@ANI) April 10, 2023
29 मार्च को होशियारपुर से दोनों ने बदला रास्ता
पुलिस जांच में सामने आया कि अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत सिंह 29 मार्च को होशियारपुर से अलग-अलग रास्तों पर निकल गए थे। वह एक गुरुद्वारे में देखे गए थे। दोनों की फोटो भी सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इसके बाद पुलिस अधिकारी इस बात से आश्वास्त हो गए कि आरोपी पंजाब में हैं। इसके बाद पुलिस ने तय किया है कि अब सारा फोकस इसी इलाके पर किया जाएगा।
पुलिस तकनीक व ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने में जुट गई। आरोपी पपलप्रीत भी समझ गया था कि अब वह घिर चुका है। ऐसे में उसने छिपने के लिए अपने गृह जिले अमृतसर को चुना। साथ ही अपने पुराने साथियों की मदद से गांव कत्थूनगल तक पहुंचा। हालांकि, आरोपी ने इस दौरान अपने किसी भी करीबी को फोन पर संपर्क नहीं किया। ताकि पुलिस उसकी लोकेशन न ट्रेस कर सके लेकिन पुलिस लगातार होशियारपुर व सीमावर्ती एरिया में अभियान चला रही थी। साथ ही इसी बीच आरोपी पुलिस के हाथ लगा है।
अमृतपाल सिंह की ताकत बना पपलप्रीत
पपलप्रीत सिंह अमृतसर के मरारी गांव का रहने वाला है। इससे पहले 2015 में उसे आईएसआई से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अमृतपाल सिंह के मीडिया सलाहकार के रूप में काम कर रहा था। पपलप्रीत ही अमृतपाल के फोटो व इंटरव्यू मैनेज करवाता था। पपलप्रीत के सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर काफी फॉलोअर्स हैं। इन फालोअर्स का इस्तेमाल भी उसने अमृतपाल को मजबूत करने में किया।
अमृतपाल सिंह अब भी पहुंच से दूर
अमृतपाल सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। जल्द ही आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।