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खुलासा: यहां कोई नौकरी चाहिए तो योग्यता नहीं, सिर्फ सिफारिश लाइए

Fri, 24 Jun 2016 10:51 AM IST
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक।
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक। Updated Fri, 24 Jun 2016 10:51 AM IST
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big disclousement in joining of employess at nagar nigam rohtak
जितनी बड़ी सिफारिश, उतनी बड़ी नौकरी - फोटो : getty
एक ऐसा सरकारी कार्यालय में जहां योग्यता नहीं, सिर्फ सिफारिश चलती है। जितनी बड़ी सिफारिश, उतनी बड़ी नौकरी। रोहतक नगर निगम में पिछले एक साल में आउटसोर्सिंग के जरिए लगे विभिन्न श्रेणी के कर्मियों में से अधिकतर की नियुक्ति सिफारिश के आधार पर हुई है। 
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सिफारिश करने वालों में स्थानीय विधायक, मेयर और सीएम के ओएसडी शामिल हैं। एक व्यक्ति तो सीएमओ तक से लिखवा लाया और नौकरी पा ली। निगम के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पता चलता है कि पिछले एक साल में 67 में से 64  पदों पर सिफारिश करवाने वालों को ही नौकरी मिली।  
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नगर निगम रोहतक में जुलाई 2015 से आउट सोर्सिंग पर भर्तियां शुरू हुईं जो मार्च 2016 तक की गई। 67 पदों पर की गई भर्तियों में क्लर्क, डीईओ, बेलदार, चपरासी, माली, ड्राईवर आदि शामिल हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की काबिलियत में यह जरूर देखा गया कि ये किस की सिफारिश लाए हैं। सिफारिश करने वाला नेता किस पार्टी से ताल्लुक रखता है। इसी आधार पर नियुक्ति दी गई और ये कर्मी आराम से नौकरी कर रहे हैं। 
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निगम के एटीपी ने भी चलाई सिफारिश
निगम में केवल नेता ही नहीं, बल्कि निगम के एटीपी(एडिशनल टाउन प्लानर) ने भी भर्तियों में अपनी सिफारिश चलाई। पिछले दिनों हुई ड्राईवरों की भर्ती में एक भी बिना सिफारिश के नहीं लिया गया। निगम के रिकॉर्ड में यह साफ लिखा है कि आवेदक की सिफारिश किसने की।  

इस तरह होनी चाहिए भर्ती

big disclousement in joining of employess at nagar nigam rohtak
अंतिम तिथि से पहले भरें फॉर्म - फोटो : pti
आउट सोर्सिंग के जरिए होने वाली भर्तियों के लिए सबसे पहले विज्ञापन जारी करके आवेदन मांगे जाते हैं। फिर एक नियत तारीख पर उनको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जिसके लिए एक बोर्ड का गठन होता है। बोर्ड ही इंटरव्यू के आधार पर तय करता है कि कौन नौकरी के योग्य है और कौन नहीं? 
किसकी सिफारिश पर कितनी भर्ती
एमएलए......22
सीएम कार्यालय...1
खुल्लर...2
मेयर...3
एटीपी...8
नोट: शेष कर्मी भी निगम अधिकारी या पार्षद की सिफारिश पर भर्ती हुए। 
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हो सकता है किसी को भर्ती कर मेरा नाम लिखा दिया हो: ग्रोवर
रोहतक से भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर का कहना है कि उन्होंने किसी कर्मी को भर्ती नहीं कराया है। यह हो सकता है कि किसी को भर्ती करके मेरा नाम लिख दिया हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने अपने समय में भर्तियों में खूब खेल किया। कांग्रेस सरकार के समय व इस समय की भर्तियों की पूरी लिस्ट जारी हो और उसमें देखा जाए कि किसको किसने भर्ती कराया है। इससे साफ हो जाएगा कि किसने कितने कर्मियों को भर्ती कराया है। 

मैनें केवल एक नियुक्ति करवाई
मैने केवल एक व्यक्ति की नियुक्ति करवाई है, जो मेरा स्टेनो है। अगर मेरे नाम पर किसी अन्य को भर्ती कराने की बात कही जा रही है तो वह गलत है। निगम में विधायक व अधिकारियों की मिलीभगत से सभी भर्तियां होती है। वहां हमारी कोई सुनने तक को तैयार नहीं होता। 
-रेनू डाबला, मेयर नगर निगम

रद्द होनी चाहिए भर्तियां
आउट सोर्सिंग पर होनी वाली भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी होना चाहिए। भर्ती मेरिट के आधार पर होनी चाहिए। किसी की सिफारिश पर भर्ती की जा रही है तो यह योग्य लोगों के साथ धोखा है। इस तरह की भर्ती गैरकानूनी है और सिफारिश पर की गई भर्तियों को कैंसिल किया जाना चाहिए। 
-बीबी बत्तरा, पूर्व विधायक कांग्रेस
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(नोट: भर्ती संबंधी दस्तावेज पर नेता, ओएसडी और अन्य की सिफारिश की रिमार्क की कॉपी अमर उजाला के पास)
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