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कैरीबैग के पैसे लेने के तीन मामलों में बिग बाजार पर लगाया गया 5000-5000 रुपये का जुर्माना
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चंडीगढ़। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित रिटेल स्टोर बिग बाजार को कैरीबैग के अतिरिक्त रुपये चार्ज करना मंहगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने तीन मामलों में बिग बाजार को सेवा में लापरवाही का दोषी पाते हुए कैरीबैग के रुपये वापस करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में भी 5000-5000 रुपये जमा कराने के आदेश दिए हैं।
सेक्टर-21ए निवासी नेहा शर्मा ने एक और सेक्टर-23 निवासी प्रीति कालिया ने बिग बाजार के खिलाफ दो शिकायतें उपभोक्ता फोरम में दीं थीं। शिकायतकर्ता नेहा शर्मा ने बताया कि उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बिग बाजार से 9,881 रुपये का सामान खरीदा। वह तब हैरान रह गईं जब उन्होंने देखा कि बिल में दो कैरी बैग के 48 रुपये वसूले गए हैं। उन्होंने इसको लेकर विरोध किया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। जब स्टोर में उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने सेवा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए फोरम में शिकायत दे दी। इसी तरह दूसरे शिकायतकर्ता को भी न चाहते हुए 18-18 रुपये के दो कैरी बैग लेने पड़े। इन शिकायतों के बाद फोरम ने बिग बाजार को शिकायत का जवाब देने के लिए नोटिस भेजा। बिग बाजार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है, लेकिन दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे लापरवाही माना और बिग बाजार पर जुर्माना लगाया है।
फोरम ने जारी किए यह आदेश
फोरम ने शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 100 रुपये मुआवजा और 1100 रुपये प्रत्येक शिकायतकर्ता को मुकदमा खर्च देने का निर्देश दिया है। फोरम ने बिग बाजार को सभी शिकायतों के मामले में स्टेट कमीशन यूटी, चंडीगढ़ के सेक्रेटरी के नाम पर कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में 5 हजार रुपये जमा करवाने का आदेश दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 ने दिए है। फोरम ने कहा कि आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन सभी आदेशों का पालन होना चाहिए। आदेश देने के बाद उसकी कॉपी सेक्रेटरी (एससीडीआरसी) यूटी चंडीगढ़ को भी भेज दी है।
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कैरीबैग के लिए मजबूर करना सेवा में लापरवाही
फोरम ने अपने आदेश में कहा है कि बिग बाजार के देशभर में कई स्टोर हैं। जहां काफी संख्या में खरीदारी के लिए लोग पहुंचते हैं। उपभोक्ताओं से स्टोर को अच्छी खासी कमाई भी होती है। इसके बावजूद भोले भाले लोगों को कैरीबैग के लिए अतिरिक्त रुपये देने के लिए मजबूर करना गलत है। यह उपभोक्ताओं की सेवा में सबसे बड़ी लापरवाही है।
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सेक्टर-21ए निवासी नेहा शर्मा ने एक और सेक्टर-23 निवासी प्रीति कालिया ने बिग बाजार के खिलाफ दो शिकायतें उपभोक्ता फोरम में दीं थीं। शिकायतकर्ता नेहा शर्मा ने बताया कि उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बिग बाजार से 9,881 रुपये का सामान खरीदा। वह तब हैरान रह गईं जब उन्होंने देखा कि बिल में दो कैरी बैग के 48 रुपये वसूले गए हैं। उन्होंने इसको लेकर विरोध किया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। जब स्टोर में उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने सेवा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए फोरम में शिकायत दे दी। इसी तरह दूसरे शिकायतकर्ता को भी न चाहते हुए 18-18 रुपये के दो कैरी बैग लेने पड़े। इन शिकायतों के बाद फोरम ने बिग बाजार को शिकायत का जवाब देने के लिए नोटिस भेजा। बिग बाजार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है, लेकिन दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे लापरवाही माना और बिग बाजार पर जुर्माना लगाया है।
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फोरम ने जारी किए यह आदेश
फोरम ने शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 100 रुपये मुआवजा और 1100 रुपये प्रत्येक शिकायतकर्ता को मुकदमा खर्च देने का निर्देश दिया है। फोरम ने बिग बाजार को सभी शिकायतों के मामले में स्टेट कमीशन यूटी, चंडीगढ़ के सेक्रेटरी के नाम पर कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में 5 हजार रुपये जमा करवाने का आदेश दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 ने दिए है। फोरम ने कहा कि आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन सभी आदेशों का पालन होना चाहिए। आदेश देने के बाद उसकी कॉपी सेक्रेटरी (एससीडीआरसी) यूटी चंडीगढ़ को भी भेज दी है।
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कैरीबैग के लिए मजबूर करना सेवा में लापरवाही
फोरम ने अपने आदेश में कहा है कि बिग बाजार के देशभर में कई स्टोर हैं। जहां काफी संख्या में खरीदारी के लिए लोग पहुंचते हैं। उपभोक्ताओं से स्टोर को अच्छी खासी कमाई भी होती है। इसके बावजूद भोले भाले लोगों को कैरीबैग के लिए अतिरिक्त रुपये देने के लिए मजबूर करना गलत है। यह उपभोक्ताओं की सेवा में सबसे बड़ी लापरवाही है।