बाइबल पढ़ने वाले हिंदुओं को पहना डाला जनेऊ
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हिंदुवादी संगठनों की मौजूदगी में तनाव और एतराज के बीच बाइबल पढ़ने वाले कई लोगों ने जनेऊ धारण किया। इन संगठनों का दावा है कि 25 से 30 लोगों ने जनेऊ पहना।
तय कार्यक्रम के मुताबिक कल खानक गांव में भारतीय संस्कृति रक्षा दल, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और आर्य समाज की ओर से यज्ञ का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति रक्षा दल और आर्य समाज के लोगों ने इसकी तैयारियों के लिए 25 जनवरी सांय से ही गांव में डेरा डाल दिया था।
सोमवार सुबह भारतीय संस्कृति रक्षा दल, विहिप, बजरंग दल और आर्य समाज के विभिन्न जिलों व राज्य स्तर के पदाधिकारी पहुंचने शुरू हो गए थे। करीब दस बजे मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ आरंभ हुआ। इस दौरान कुछ लोगों को जनेऊ धारण करवाया गया। इसमें मुख्य रुप से गांव के वेदपाल रहे।
25 से 30 लोगों को जनेऊ धारण करवाए गए
भारतीय संस्कृति रक्षा दल के संचालक आचार्य ब्रह्मानंद ने दावा किया कि इस मौके पर 25 से 30 लोगों को जनेऊ धारण करवाए गए। उन्होंने दावा किया है कि इनमें से 5 से 10 व्यक्ति वे थे, जिन्होंने बाइबल पढ़ी थी। आचार्य ने यह भी दावा किया है कि बाइबल पढ़ने वाले कुछ लोगों ने हवन के दौरान बाइबल भी हमारे को सौंपी।
इसके बाद आर्य समाज से आचार्य अभय आर्य, आचार्य ब्रह्मपुत्र आर्य व अतर सिंह आर्य, विहिप के राजेंद्र फौगाट, भारतीय संस्कृति रक्षा दल के संचालक आचार्य ब्रह्मानंद, बजरंग दल के नगर संयोजक अजितेश, खानक निवासी हरीश जिंदल, कन्हैया लाल गुप्ता आदि वक्ताओं ने वैदिक समाज व हिंदुत्व पर अपने विचार रखे। वक्ताओं द्वारा बताया गया कि हिंदू उदारवादी धर्म है। हवन का कितना महत्व है और इसके जीवन के साथ-साथ पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ते हैं।
कुछ लोगों ने किया विरोध
हवन-यज्ञ व वक्ताओं के संबोधन के दौरान गांव के दो लोगों द्वारा विरोध के स्वर भी उठाए गए। इन लोगों ने कहा कि आखिर तुम यहां क्या कर रहे हो, जिससे एकबारगी माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। लेकिन अन्य ग्रामीणों के द्वारा स्थिति संभाल ली गई।
होली के नजदीक फिर होगा हवन
भारतीय संस्कृति रक्षा दल के संचालक आचार्य ब्रह्मानंद ने कहा कि हिंदू संस्कृति को बचाने के लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोडें़गे। ईसाई धर्म के प्रचार के लिए पास्टर जिस गांव में भी जाएंगे, उनको रोका जाएगा।
पता लगाया जा रहा है कि ये कहां-कहां सक्रिय हैं। इन गांवों में मुहिम चलाई जाएगी। गांव खानक के लोगों के हम संपर्क में हैं। होली के आसपास खानक में एक बार फि र यज्ञ का बड़ा आयोजन किया जाएगा। उस समय गांव के हर व्यक्ति को जनेउ धारण करवाया जाएगा। जनेऊ हमारी संस्कृति का प्रतीक चिन्ह् है।
यह है मामला
मालूम हो कि गांव खानक में धार्मिक पुस्तक बाइबल पढ़ने को लेकर 28 दिसंबर को उस समय विवाद शुरू हुआ था जब विहिप व संघ के लोग गांव में पहुंचे और धार्मिक पुस्तक पढ़ा रहे पास्टर व पुस्तक पढ़ने वालों के साथ वाद-विवाद हुआ।
इसके बाद विहिप व संघ के लोगों ने दावा किया था कि गांव खानक में 50 से 60 परिवार धर्म-परिवर्तन कर चुके हैं। जिसके बाद विहिप नेता राजेंद्र फौगाट ने इन परिवारों को हर हाल में घर वापसी करवाने का दावा किया था। तब से यह मामला उठा हुआ है।