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सरकार के खिलाफ हुड्डा ने खोला मोर्चा, पोल खोल अभियान का ऐलान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 May 2016 12:16 PM IST
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आगामी 12 जून से पोल खोल अभियान शुरू करने का एलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि इस अभियान की शुरुआत सिरसा से होगी। इसके बाद प्रथम चरण में पांच जिलो सिरसा, महेंद्रगढ़, अंबाला, पलवल और मेवात को कवर किया जाएगा। वीरवार को यहां पत्रकारों के साथ बातचीत में हुड्डा ने कहा कि सभी 90 विधानसभा हलकों में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश में हुई हिंसा के मामले में मौजूद खट्टर सरकार खुद संदेह के घेरे में है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए। प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नही किया गया और यह रिपोर्ट किश्तों में लीक हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रकाश सिंह कमेटी और जिला उपायुक्तों की रिपोर्ट लीक हो रही है, उससे सरकार की पोल खुलती नजर आ रही है।
जाट आरक्षण आंदोलन के जांच के लिए गठित झा आयोग के साथ भी वही होगा जो प्रकाश सिंह कमेटी के साथ हुआ है। इन रिपोर्टों के आधार पर अगर सभी अधिकारी दोषी हैं तो संबंधित विभाग के मंत्री अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करें कि पुलिस, विजिलेंस, सामान्य प्रशासन और सीआईडी का मंत्री कौन था। सीआईडी की रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कब-कब और क्या-क्या निर्देश दिए।
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उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश में हुई हिंसा के मामले में मौजूद खट्टर सरकार खुद संदेह के घेरे में है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए। प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नही किया गया और यह रिपोर्ट किश्तों में लीक हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रकाश सिंह कमेटी और जिला उपायुक्तों की रिपोर्ट लीक हो रही है, उससे सरकार की पोल खुलती नजर आ रही है।
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जाट आरक्षण आंदोलन के जांच के लिए गठित झा आयोग के साथ भी वही होगा जो प्रकाश सिंह कमेटी के साथ हुआ है। इन रिपोर्टों के आधार पर अगर सभी अधिकारी दोषी हैं तो संबंधित विभाग के मंत्री अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करें कि पुलिस, विजिलेंस, सामान्य प्रशासन और सीआईडी का मंत्री कौन था। सीआईडी की रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कब-कब और क्या-क्या निर्देश दिए।
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