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SYL: भूपेंद्र हुड्डा बोले- सिर्फ नहर निर्माण का नहीं, ये हरियाणा के हक का पानी लेने का संघर्ष है
Thu, 05 Oct 2023 10:12 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Oct 2023 10:12 PM IST
सार
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस ने कोर्ट से लेकर हर मंच पर प्रदेश के हक की लड़ाई लड़ी है। भाजपा हरियाणा के इतिहास की इकलौती ऐसी सरकार है, जिसमें काम आगे बढ़ने की बजाय पंजाब के क्षेत्र में बनी-बनाई एसवाईएल नहर को पाट दिया गया।
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भूपेंद्र हुड्डा।
- फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) को लेकर प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा के नकारात्मक रवैये की वजह से आज तक एसवाईएल का मामला जस का तस अटका है जबकि फरवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में स्पष्ट फैसला सुनाया था लेकिन आज तक हरियाणा सरकार बेनतीजा बैठक करके समय व्यतीत करती रही है।
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अब सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर अपने फैसले को दोहराया है लेकिन हैरानी की बात है कि हरियाणा के हक का पानी लेने की बात को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री इसे सिर्फ नहर निर्माण का मामला मानकर चल रहे हैं, जबकि ये हरियाणा के हक का पानी लेने का संघर्ष है। हुड्डा ने कहा कि भाजपा-जजपा इसमें राजनीति ढूंढ़ने की बजाय प्रदेश हित को समझने की कोशिश करे। अगर हरियाणा को पानी दिलाने के लिए सरकार कोई कदम उठाती है तो राजनीति से ऊपर उठकर कांग्रेस उसके साथ खड़ी है लेकिन अगर सरकार इसी तरह ढुलमुल रवैया अपनाए रहती है तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी और प्रदेश के हक में आवाज बुलंद करेगी।
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हुड्डा ने कहा कि जुलाई 2020 में उच्चतम न्यायालय ने पंजाब, हरियाणा और केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा के तमाम दलों ने राष्ट्रपति से भी मुलाकात की। उसी समय कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिलने का सुझाव भी दिया था। सरकार ने इसके लिए प्रधानमंत्री से वक्त मांगने की बात कही थी लेकिन आज तक ऐसा कुछ नहीं हुआ।
एसवाईएल के पानी से 10 लाख एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस ने कोर्ट से लेकर हर मंच पर प्रदेश के हक की लड़ाई लड़ी है। भाजपा हरियाणा के इतिहास की इकलौती ऐसी सरकार है, जिसमें काम आगे बढ़ने की बजाय पंजाब के क्षेत्र में बनी-बनाई एसवाईएल नहर को पाट दिया गया।