{"_id":"583470c34f1c1b242413b252","slug":"bhupinder-singh-hooda-challenge-dhingra-commission-in-the-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढींगरा आयोग के गठन को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाईकोर्ट में दी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढींगरा आयोग के गठन को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 22 Nov 2016 09:52 PM IST
विज्ञापन
पूर्व सीएम हुड्डा
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के कई हाई प्रोफाइल मामलों सहित प्रदेश में सीएलयू को लेकर रिपोर्ट सौंपने वाले जस्टिस एसएन ढींगरा की अध्यक्षता वाले आयोग के गठन को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा इस आयोग का गठन गलत तरीकेसे किया गया है। जस्टिस एसएन ढींगरा ने 31 अगस्त को 182 पन्नों की अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी। रिपोर्ट में गुड़गांव सहित अन्य स्थानों पर पूर्व की सरकार द्वारा दिए गए सीएलयू में अनियमितताओं की बात कही गई थी। कुछ राजनीतिक नामों का भी इस रिपोर्ट में जिक्रहोने की बात सामने आई थी।
इस रिपोर्ट के आने के बाद सीएलयू फाइल को सीएम तक लाने की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को अपने स्तर पर सीएलयू ग्रांट करने का अधिकार दिया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि आयोग की रिपोर्ट में अभी भी बहुत कुछ ऐसा है, जिसकी जांच करवानी है और इसे किसी जांच एजेंसी को दिया जाएगा। साथ ही विधानसभा के सत्र में इसे पेश करने की बात भी कही गई थी। रिपोर्ट में कथित तौर पर सीएलयू की अनियमितताओं के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को जिम्मेदार माना गया है। हाईकोर्ट के जज एके मित्तल पर आधारित खंड पीठ बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा इस आयोग का गठन गलत तरीकेसे किया गया है। जस्टिस एसएन ढींगरा ने 31 अगस्त को 182 पन्नों की अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी। रिपोर्ट में गुड़गांव सहित अन्य स्थानों पर पूर्व की सरकार द्वारा दिए गए सीएलयू में अनियमितताओं की बात कही गई थी। कुछ राजनीतिक नामों का भी इस रिपोर्ट में जिक्रहोने की बात सामने आई थी।
विज्ञापन
इस रिपोर्ट के आने के बाद सीएलयू फाइल को सीएम तक लाने की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को अपने स्तर पर सीएलयू ग्रांट करने का अधिकार दिया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि आयोग की रिपोर्ट में अभी भी बहुत कुछ ऐसा है, जिसकी जांच करवानी है और इसे किसी जांच एजेंसी को दिया जाएगा। साथ ही विधानसभा के सत्र में इसे पेश करने की बात भी कही गई थी। रिपोर्ट में कथित तौर पर सीएलयू की अनियमितताओं के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को जिम्मेदार माना गया है। हाईकोर्ट के जज एके मित्तल पर आधारित खंड पीठ बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी।
विज्ञापन