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भरत नाट्यम और सत्रिय नृत्य पेश कर समां बांधा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 18 Jul 2016 12:54 AM IST
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sattriya dance
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डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स और चंडीगढ़ प्रशासन की और से आयोजित नेशनल क्लासिकल डांस फेस्टिवल के दूसरे दिन तीन प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम की शुरुआत डॉक्टर सरोज वैद्यनाथन के शिष्यों ने तामिलनाडु के पारंपरिक लोक नृत्य भरत नाट्यम से की। एक घंटे की अवधि वाले इस नृत्य में 12 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
डाक्टर वैद्यनाथन द्वारा निर्देशित इस ग्रुप ने पांच प्रस्तुतियां दी। सबसे पहले पुष्पांजली, फिर सा मजवर गमना, तलाना, फिर चंडीगढ़ को समर्पित चंडी की स्तुति और अंत में स्वरांजली ताल बद्ध और लय बद्ध में प्रस्तुत की। यह सब प्रस्तुतियां विहाग राग, रेवती राग और मालिका राग में थीं। इस नृत्य को अंकिता कौशिक, गायत्री, तानिया सक्सेना, अकांक्षा, सुधाना शंकर, अमृत सिना, कसिअत आदिल खान ने पेश किया। म्यूजिक पर एस शंकर, हिमांशु श्रीवास्तव, सतीश, रजत और उमा गणेश थे।
इस प्रस्तुति के बाद असम का क्लासिकल डांस सत्रिय पेश किया गया। जिसमें 11 कलाकारों ने प्रस्तुति दी। यह नृत्य प्रतीशा सुरेश एंड ग्रुप की और से किया गया था। इसमें उन्होंने 5 प्रस्तुतियां दी जिनमें कृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बालपन की क्रीड़ाओं को दिखाया गया। अंत में गायन बायन के साथ नृत्य पेश किया गया, जिसमें खौल वाद यंत्र का प्रयोग किया गया। 50 मिनट के इस नाट्य नृत्य का कोरियोग्राफ सरोज वैद्यनाथन ने किया था।
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पदम श्री देवयानी कुमारी ने 50 मिनट की भरत नाट्यम की प्रस्तुति देकर समां बांधा। इस प्रस्तुति में उन्होंने पुष्पांजली, श्लोक, अलारिप्पु, शब्दम, पदम, तिलाना और शिव जी की स्तुति जैसी विधाओं को दिखाया।
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डाक्टर वैद्यनाथन द्वारा निर्देशित इस ग्रुप ने पांच प्रस्तुतियां दी। सबसे पहले पुष्पांजली, फिर सा मजवर गमना, तलाना, फिर चंडीगढ़ को समर्पित चंडी की स्तुति और अंत में स्वरांजली ताल बद्ध और लय बद्ध में प्रस्तुत की। यह सब प्रस्तुतियां विहाग राग, रेवती राग और मालिका राग में थीं। इस नृत्य को अंकिता कौशिक, गायत्री, तानिया सक्सेना, अकांक्षा, सुधाना शंकर, अमृत सिना, कसिअत आदिल खान ने पेश किया। म्यूजिक पर एस शंकर, हिमांशु श्रीवास्तव, सतीश, रजत और उमा गणेश थे।
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इस प्रस्तुति के बाद असम का क्लासिकल डांस सत्रिय पेश किया गया। जिसमें 11 कलाकारों ने प्रस्तुति दी। यह नृत्य प्रतीशा सुरेश एंड ग्रुप की और से किया गया था। इसमें उन्होंने 5 प्रस्तुतियां दी जिनमें कृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बालपन की क्रीड़ाओं को दिखाया गया। अंत में गायन बायन के साथ नृत्य पेश किया गया, जिसमें खौल वाद यंत्र का प्रयोग किया गया। 50 मिनट के इस नाट्य नृत्य का कोरियोग्राफ सरोज वैद्यनाथन ने किया था।
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पदम श्री देवयानी कुमारी ने 50 मिनट की भरत नाट्यम की प्रस्तुति देकर समां बांधा। इस प्रस्तुति में उन्होंने पुष्पांजली, श्लोक, अलारिप्पु, शब्दम, पदम, तिलाना और शिव जी की स्तुति जैसी विधाओं को दिखाया।