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'DU की किताबों में भगत सिंह का अपमान, केंद्रीय मंत्री इस्तीफा दें'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 May 2016 05:28 PM IST
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पंजाब आम आदमी पार्टी के नेता गुरप्रीत घुग्गी
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली यूनिवर्सिटी की किताबों में शहीद भगत सिंह का अपमान होने पर केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी से इस्तीफे की मांग की गई है। यह मांग आम आदमी पार्टी के नेता गुरप्रीम घुग्गी ने की। घुग्गी ने कहा कि ऐसा कर मंत्री ने देश के करोड़ों लोगों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि अपना काम सही ढंग के साथ न करने के कारण स्मृति ईरानी को मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
पंजाब और केंद्र सरकारों की आलोचना करते घुग्गी ने कहा कि देश के लिए जान कुर्बान कर देने वालों को बनता सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि देश को आजाद करवाने के लिए शहीद होने वालों के परिवार दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो गए हैं। घुग्गी ने कहा की हैरानी की बात है कि इस देश के महान शहीदों का अन्य देशों की सरकारों की तरफ से तो सम्मान किया जाता है, लेकिन उनके अपने देश की सरकारें शहीदों को हमेशा अनदेखा ही करती आईं हैं।
घुग्गी ने कहा कि आप की सरकार आने के बाद पंजाब की यूनिवर्सिटियों में भगत सिंह के नाम पर चेयर स्थापित की जाएंगी ताकि युवा पीढ़ी इस महान शहीद के बारे और अवगत हो सकें और शहीद के साथ संबंधित सभी तथ्यों पर खोज की जा सके। घुग्गी ने कहा कि आजादी के 68 साल बीत जाने के बाद भी देश पर शहीद होने वालों के नाम शहीदों की सूची में दर्ज नहीं किए गए, अपने ही देश की सरकारों की तरफ से शहीदों की सार न लेना एक घिनौना कार्य है।
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घुग्गी ने कहा यदि शहीद-ऐ-आजम एक आतंकवादी थे तो केंद्र सरकार ने उनका बुत भारत की संसद में क्यों लगाया हुआ है? यहां तक कि ब्रिटिश सरकार पत्रों में भी भगत सिंह को एक सच्चा इंकलाबी लिखा गया है परंतु उसके अपने देश के निवासी उसको आतंकवादी जैसा खिताब देते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की जिन किताबों में भगत सिंह को आतंकवादी कहा गया है, वह किताबें अविलंब हटा कर इस काम के लिए जिम्मेवार व्यक्तियों को खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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पंजाब और केंद्र सरकारों की आलोचना करते घुग्गी ने कहा कि देश के लिए जान कुर्बान कर देने वालों को बनता सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि देश को आजाद करवाने के लिए शहीद होने वालों के परिवार दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो गए हैं। घुग्गी ने कहा की हैरानी की बात है कि इस देश के महान शहीदों का अन्य देशों की सरकारों की तरफ से तो सम्मान किया जाता है, लेकिन उनके अपने देश की सरकारें शहीदों को हमेशा अनदेखा ही करती आईं हैं।
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घुग्गी ने कहा कि आप की सरकार आने के बाद पंजाब की यूनिवर्सिटियों में भगत सिंह के नाम पर चेयर स्थापित की जाएंगी ताकि युवा पीढ़ी इस महान शहीद के बारे और अवगत हो सकें और शहीद के साथ संबंधित सभी तथ्यों पर खोज की जा सके। घुग्गी ने कहा कि आजादी के 68 साल बीत जाने के बाद भी देश पर शहीद होने वालों के नाम शहीदों की सूची में दर्ज नहीं किए गए, अपने ही देश की सरकारों की तरफ से शहीदों की सार न लेना एक घिनौना कार्य है।
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घुग्गी ने कहा यदि शहीद-ऐ-आजम एक आतंकवादी थे तो केंद्र सरकार ने उनका बुत भारत की संसद में क्यों लगाया हुआ है? यहां तक कि ब्रिटिश सरकार पत्रों में भी भगत सिंह को एक सच्चा इंकलाबी लिखा गया है परंतु उसके अपने देश के निवासी उसको आतंकवादी जैसा खिताब देते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की जिन किताबों में भगत सिंह को आतंकवादी कहा गया है, वह किताबें अविलंब हटा कर इस काम के लिए जिम्मेवार व्यक्तियों को खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।